एलियंस आएंगे और नष्ट कर देंगे मानवता को! हॉकिंग ने चेताया था.

एलियंस आएंगे और नष्ट कर देंगे सारी मामविया सभ्यता को. उनके सामने हम मनुष्य बेमतलब और फ़ालतू जिव बन जाएंगे. हम उनकी तकनीक और ताकत का मुकाबला नहीं कर पाएंगे और इस तरह से दुनिया पर उनका साम्राज्य होगा. जेनेटिक इंजीनियरिंग से महामानवों की एक नई नस्ल तैयार होगी जो मानवीय सभ्यता के लिए खतरनाक साबित होगी. महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने अपनी मौत से पहले यह चेतावनी दी थी.

 

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ब्रिटिश के प्रसिद्ध लेखक और वैज्ञानिक हॉकिंग ने पूरी दुनिया को डरा देने वाली यह अंतिम भविष्यवाणी की है जो उनके लेखों और निबंधों के अंतिम संस्करण में आएगा. आने वाले कुछ दिनों में प्रकाशित होंगे. स्टीफन हॉकिंग का 76 वर्ष की आयु में इसी वर्ष के मार्च महीने में निधन हो गया था. हॉकिंग के ये अंतिम लेख ‘ब्रीफ ऑन्सर्स टु द बिग क्वेश्चंस’ के नाम से किताब की शक्ल में जल्द ही आएंगे.
एक समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, हॉकिंग ने अपने इस लेख में लिखा है, ‘एक बार जब ऐसे सुपरह्यूमन आएंगे तो वे दुनिया में जबर्दस्त राजनीतिक समस्याएं पैदा करेंगे और इंसान उनका मुकाबला नहीं कर पाएंगे.’ उनमें खुद को अपनी तकनीक के दम पर बेहतर बनाने की होड़ होगी और वे काफी तेजी से अपने भीतर सुधार करेंगे.

 

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स्टीफेन हॉकिंग का कहना है कि धनी एवं पूंजीपति लोग जल्दी ही खुद में सुधार तो कर ही सकेंगे साथ ही अपने बच्चों के डीएनए में बदलाव कर उन्हें सुपरह्यूमन बना देंगे. इन सुपरह्यूमन के अंदर ज्यादा मेमोरी, रोगों की प्रतिरोध शक्ति, इंटेलीजेंस और ज्यादा उम्र तक जीने की क्षमता होगी.
स्टीफेन हॉकिंग ने लिखा है, ‘मुझे भरोसा है कि इस शताब्दी के दौरान लोग इंटेलीजेंस और आक्रामकता जैसे स्वभाव में बदलाव करने की वैज्ञानिक क्षमता हासिल कर लेंगे. हो सकता है कि मनुष्यों में जेनेटिक इंजीनियरिंग के खिलाफ कई देशों में सरकारी कानून पारित हो जाए, लेकिन मेमोरी, बीमारियों की प्रतिरोधक क्षमता, उम्र बढ़ाने जैसी चीजों के बारे में प्रयास को रोका नहीं जा सकेगा.’

 

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कई साइंटिस्ट ने वैज्ञानिक स्टीफेन हॉकिंग की इस भविष्यवाणी का स्वागत करते हुए कहा है कि उनकी बातों को ध्यान में रखकर हम इन परिस्थितियों से निपटने के लिए अभी से तयारी कर सकते हैं. इससे पृथ्वी को विनाश से बचाया जा सकता है, क्योंकि इससे हम पहले से सचेत हो जाएंगे. एक साइंटिस्ट ने कहा, ‘इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि इस ग्रह की चुनौतियों का सामना करने के मामले में व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से हमारे दिमाग की एक सीमित क्षमता है.

सूरज को चुने के लिए तैयार नासा का नया अंतरिक्ष यान. पूरी हो चुकी लॉन्चिंग की तयारी.

नमस्कार दोस्तों,
नासा का अंतरिक्ष यान सूरज तक पहुंचने के लिए तैयार है. सूरज के तापमान और वातावरण को टटोलने के उद्देश्य से डेढ़ अरब डॉलर से तैयार नासा के अंतरिक्षयान के लॉन्च होने का काउंटडावन शुरू हो चूका है. ये अंतरिक्षयान 11 अगस्त यानी की शनिवार के दिन लॉन्च किया जाएगा. एक कार के आकार का यह सूर्य मिशन का अंतरिक्ष यान ‘पारकर सोलर प्रोब’ शनिवार तड़के फ्लोरिडा के केप केनवरल से डेल्टा 4 हैवी राकेट के साथ लॉन्च किया जाएगा.

 

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कार के आकार का यह अंतरिक्ष यान सीधे सूर्य के कोरोना का चक्कर लगाएगा. स्थानीय समयानुसार ये ठीक 3 बजकर 33 मिनट पर शुरू हो जाएगा. इस यान को साढे़ चार इंच (11.43 सेंटीमीटर) मोटी ऊष्मा रोधी शील्ड से सुरक्षित किया गया है, जो इसे सूर्य के तापमान से बचाएगी.

 

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इस यान का मुख्य लक्ष्य सूर्य की सतह के आस-पास के असामान्य वातावरण के रहस्यों का पता लगाना है. सूर्य की सतह के ऊपर का क्षेत्र (कोरोना) का तापमान सूर्य की सतह के तापमान से करीब 300 गुना ज्यादा है. इस परियोजना में शामिल वैज्ञानिकों में से एक जस्टिन कास्पर ने कहा है कि पारकर सोलर प्रोब इस बारे में पूर्वानुमान लगाने में बेहतर मददगार साबित होगा कि सौर हवाओं में विचलन कब पृथ्वी को प्रभावित कर सकता है.

 

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पीएम मोदी जीत की दुआ मांगने पहुंचे साईं की शरण में.

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नमस्कार दोस्तों,
भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी, पूरी दुनिया घूमने के बाद अब गए साईं के शरण में. 
शिरडी के साईं को समाधि लिए आज 100 साल पूरे हो रहे हैं. इस मौके पर साईं धाम शिरडी को सजाया गया है. इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साईं के दरबार में अपनी हाजिरी लगाई और वहां विशेष पूजा की.
ऐसा पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री शिरडी के साईं मंदिर गए हों, इससे पहले भी वो शिरडी जा चुके हैं. आज से 10 साल पहले 2008 में नरेंद्र मोदी ने शिरडी पहुंचकर साईं बाबा की पूजा की थी, उस वक्त वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे.साईं समाधि के अवसर पर हो रहे महा समारोह में प्रधानमंत्री शिरडी को कई तरह की सौगातें देंगे. प्रधानमंत्री यहां कई योजनाओं को शुरू करेंगे.
पहला प्रोजक्ट – 40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 10 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर सिस्टम का भूमि पूजन.
दूसरा प्रोजक्ट – 158 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला हाइटेक एजुकेशनल कंपलेक्स का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी. इस काम्प्लेक्स में स्कूल, कॉलेज, ऑडिटोरियम, प्लेग्राउंड, लाइब्रेरी, लैबोरेट्री समेत अन्य कई तरह की सुविधाएं होंगी.
तीसरा प्रोजक्ट – 166 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला अनोखा साईं नॉलेज पार्क. इसमें साईं की जीवन से जुड़ी जानकारियां, म्यूजियम, थीम पार्क इत्यादि शामिल हैं.
चौथा प्रोजक्ट – शिरडी आने वाले साईं भक्तों को महज 1 घंटे में आरामदायक साईं दर्शन मिले, इसके लिए 112 करोड़ रुपये की लागत का ग्राउंड प्लस टू दर्शन हॉल का निर्माण किया जाएगा. इसकी मदद से एक बार में तकरीबन 18000 साईं भक्त कतार में खड़े होकर आसानी से साईं के दर्शन पा सकेंगगे. इस टर्मिनल को स्काईवॉक से सीधे समाधि मंदिर तक जोड़ा जाएगा.

सानिया मिर्जा का बेटा न भारतीय होगा और न पाकिस्तानी

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नमस्कार दोस्तों,
सानिया मिर्ज़ा ने भारत में दिया अपने बच्चे को जन्म. पाकिस्तान क्रिकेट के पूर्व कप्तान शोएब मलिक सोशल मीडिया पर अपने और टेनिस स्टार सानिया मिर्जा की नागरिकता को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपना बयां देते हुए कहा है कि न तो उनका बेटा भारतीय होगा और न ही पाकिस्तानी.
हम आपको बता दें कि सानिया मिर्ज़ा ने हैदराबाद में मंगलवार को अपने बच्चे को जन्म दिया है. बच्चे के जन्म के बाद से सोशल मीडिया पर बच्चे की नागरिकता के बारे में सवाल पूछे जाने लगे हैं. चूंकि बच्चा भारत में पैदा हुआ है और उसकी मां सानिया अब तक भारतीय हैं, इस हिसाब से यह बच्चा खुद ब खुद भारतीय नागरिकता का हकदार है पर शोएब का इस मामले में कुछ और ही कहना है.
पाकिस्तानी समाचार पत्र द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने इस बात की खबर दी. न्यूज़ चैनल ने शोएब के हवाले से कहा है, संभव है कि उनका बेटा किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण करे. हालांकि शोएब ने यह बात बच्चे के पैदा होने से ठीक पहले लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाक मीडिया से बात चित के दौरान कही थी.

 

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छुट्टी लेकर हैदराबाद पहुंचे हैं शोएब 
जब शोएब छुट्टी लेकर भारत पहुंचे तब पाकिस्तान टीम दुबई में आस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज खेल रही थी, जो अब खत्म हो गई है. शोएब मलिक सीरीज के बीच में ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से अनुमति लेकर अपनी पत्नी और नवजात शिशु से मिलने भारत में हैदराबाद पहुंचे.
सानिया भारतीय तो शोएब पाकिस्तानी नागरिक
जैसा की हम सभी जानते हैं की सानिया के पति शोएब मलिक पाकिस्तानी क्रिकेटर हैं. उनके पास पाकिस्तानी नागरिकता है. शोएब और शनि की शादी आठ साल पहले हुयी थी. लेकिन इस शादी के बाद भी सानिया ने अपनी भारतीय नागरिकता बरकरार रखी है.
पिछले कुछ समय ये चर्चाएं होती रही हैं कि सानिया मिर्ज़ा अगर अपने बच्चे को हैदराबाद में अपने मायके में जन्म देती हैं तो बेबी की नागरिकता पाकिस्तान की नहीं बल्कि भारत की होगी. सानिया पिछले कई महीनों से प्रेग्नेंसी के बाद से हैदराबाद में ही थीं. वैसे शादी के बाद सानिया और उनके पति पाकिस्तान क्रिकेटर शोएब मलिक ने मिलकर दुबई में एक घर खरीदा है. अपने खेल के बाद मिले छुट्टियों के अधिकतर समय वे दुबई में ही बिताते हैं.

 

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क्या कहते हैं भारत के नागरिकता के प्रावधान
भारत सरकार के नागरिकता के प्रावधान कहते हैं कि अगर कोई बच्चा भारत में पैदा होता है और उसके मां-पिता में एक भारतीय नागरिक हैं, तो माता पिता के चाहने पर वह बच्चा भारतीय नागरिकता का हकदार होगा. पाकिस्तानी मीडिया में शोएब और सानिया के घर आए इस नन्हें मेहमान की खबर को काफी प्रमुखता से दिखाया गया है.
बच्चे का सरनेम मिर्जा मलिक
ट्विटर पर सानिया मिर्जा ने कहा था कि उन्होंने और उनके पति शोएब ने प्लान कर रखा है कि जो बेबी होगा, उसका सरनेम मिर्जा मलिक एक साथ लिखा जाएगा. देखते हैं की अब बच्चे पर किस देश का अधिकार बनता है. वैसे अगर बच्चा ये फैसला ले पाता तो मुझे यकीन है की वह भारत का नागरिक होना ज्यादा पसंद करता. क्योंकि इतिहास गवाह है की जो भी कहीं और से भारत में आया वो भारत का ही हो
के रह गया.

ये बॉलीवुड एक्ट्रेस अपने फिल्म की शूटिंग के वक़्त हो चुकी थी प्रेग्नेंट.

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नमस्कार दोस्तों,
दोस्तों आज मैं आपको बॉलीवुड की ऊन अभिनेत्रियों के बारें में बताने वाला हूँ जो की अपने फिल्मों की शूटिंग के दौरान गर्भवती हो चुकीं थीं. इस लिस्ट में बॉलीवुड की कई मशहूर अभिनेत्रियों का नाम शामिल है. आइए जानते हैं उन अभिनेत्रियों के बारे में.
दोस्तों महिलाओं को हमेशा अपने काम और निजी ज़िन्दगी के बीच में काफी सामंजस्य बैठना पड़ता है और कई बार तो उन्हें अपनी पारिवारिक और निजी ज़िन्दगी के लिए अपने काम के साथ भी समझौता करना पद जाता है और अपना कर्रियर भी दांव पर लगाना पड़ता है. महिलाएं चाहे जिस भी छेत्र में हों उन्हें हमेसा सैक्रिफाइस करना पड़ता है. चाहे वह कोई आम महिला हो या बॉलीवुड की कोई अभिनेत्री. आइये जानते हैं बॉलीवुड की कुछ मशहूर अभिनेत्रियों के बारे में जिन्हे अपनी प्रेगनेंसी की वजह से अपने फिल्म छोड़नी पड़ी थी या और किसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था.
बॉलीवुड की मशहूर और दिग्गज अभिनेत्री जया भादुड़ी बच्चन अपनी फिल्म शोले की शूटिंग के वक़्त प्रेग्नेंट थीं. इसलिए फिल्म के निर्माता को जया बच्चन के सीन की शूटिंग जल्दी करनी पड़ी थी. फिल्म के जिन हिस्सों में जाया बच्चन का का अभिनय फिल्माया जाना था उन हिस्सों की शूटिंग सबसे पहले की गयी थी. 

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बॉलीवुड की बेबो करीना कपूर खान अपनी फिल्म वीरे दी वेडिंग की शूटिंग से पहले ही प्रेग्नेंट हो गई थी. उनकी प्रेगनेंसी की वजह से फिल्म के कुछ हिस्सों की शूटिंग रोकनी पड़ी थी. यही वजह है की इस फिल्म को रिलीज़ करने में काफी वक़्त लग गया था.

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बॉलीवुड की दिवंगत अदाकारा श्रीदेवी अपनी फिल्म जुदाई की शूटिंग के वक़्त प्रेग्नेंट थीं. आपको बता दें की जब उन्हें पता चला की वो प्रेग्नेंट हैं तब उनकी शादी भी नहीं हुयी थी. उनको जैसे ही अपनी प्रेगनेंसी का पता चला तो उन्होंने काफी जल्दबाज़ी में बोनी कपूर से शादी की थी और फटाफट शूटिंग भी ख़त्म कर ली थीं.
 बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत अभिनेत्री मानी जाने वाली अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन अपनी इस फिल्म की शूटिंग के वक़्त प्रेग्नेंट थी. जब उन्हें पता चला की वो प्रेग्नेंट हैं तो उन्होंने वह फिल्म छोड़ दी. वो फिल्म हिरोइन थी. ऐश्वर्या के इस फिल्म में काम करने से मना करने के बाद करीना कपूर खान को इस फिल्म के लिए चुना गया. ये फिल्म बॉक्स आॅफिस पर रिलीज होते ही सुपरहिट हुई. अगर ऐश्वर्या प्रेग्नेंट न होतीं तो उन्हें यह फिल्म नहीं छोड़नी पड़ती और वो इस फिल्म का हिस्सा होतीं.

कैसी है हमारी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, एक ही जगह जानिए इस प्रतिमा के बारे में सब

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नमस्कार दोस्तों,
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने बुधवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का उद्घाटन किया. यह प्रतिमा दुनिया का इकलौता और सबसे ऊँचा प्रतिमा है. यह प्रतिमा देश के गौरव का प्रतीक है. आपने अमेरिका में ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ और ऐसी ही कुछ विशालकाय प्रतिमाओं के बारे में जरूर कुछ सुना, देखा और पढ़ा होगा लेकिन, हमारी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी या एकता की प्रतिमा, इन सभी प्रतिमाओं से काफी अधिक ऊँचा और भव्य है. यहां ये भी जान लीजिए कि वर्तमान में, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से ऊंची और विशाल दुनिया में कोई प्रतिमा नहीं है. अब इतना पढ़ने के बाद, आपके जेहन में कई सवाल उठ रहे होंगे.
कहां बनी है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
वडोदरा के पास नर्मदा जिले में स्थित सरदार सरोवर के केवाड़िया कॉलोनी गांव में इस स्टेचू को बनाया गया है. यह 182 मीटर ऊंची है और 7 किलोमीटर दूर से ही इसे देखा जा सकता है.
किसने बनाई और कितना खर्च आया?
इस प्रतिमा को सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट (SVPRET) के द्वारा बनवाया गया है. इस प्रतिमा को बनाने के लिए L &T को जिम्मेदारी दी गयी थी. इस मूर्ति को बनाने में कुल ३५०० करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. 
कितनी विशाल
सिर्फ अनुमान लगाइए की सरदार पटेल की प्रतिमा के 6 फीट के इंसान के कद से बड़े होंठ, आंखें और जैकेट के बटन, सात मंजिला इमारत जितना ऊंचा तो सिर्फ उनका चेहरा है. 70 फीट के हाथ और पैरों की ऊंचाई 85 फीट है. इतनी मजबूत कि 220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की हवाओं का भी इस पर कोई असर नहीं होगा.
सरदार साहब के दिल तक जाइए
इस स्टैच्यू के अंदर एक हाईटेक लिफ्ट है. इससे पर्यटक सरदार पटेल के हृदय तक जा सकेंगे. यहां से लोग सरदार सरोवर बांध के अलावा नर्मदा के 17 किमी लंबे तट पर फैली फूलों की घाटी का शानदार नज़ारा देख सकते हैं.
ये हैं दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमाएं

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1) स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (भारत): ऊंचाई 182 मीटर
2) स्प्रिंग टेम्पल बुद्ध (चीन): ऊंचाई 153 मीटर
3) यू्शिकु दाईबुत्शु (जापान): ऊंचाई 120 मीटर
4) स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी (अमेरिका): ऊंचाई 93 मीटर
5) द मदरलैंड कॉल्स (रूस): ऊंचाई 85 मीटर
6) क्राइस्ट द रीडीमर (ब्राजील): ऊंचाई 38 मीटर
कितने वक्त में तैयार हुई
इस विशालकाय मूर्ति को तैयार करने में पांच साल याने की 60 महीने का वक़्त लगा. आपको ये जानकर भी आश्चर्य होगा कि यह सबसे कम वक्त में बनने वाली दुनिया की विशालतम प्रतिमा भी है. अगर दूसरे नंबर पर आने वाली स्प्रिंग टेम्पल बुद्ध प्रतिमा जो कि चीन में है, उसका जिक्र करें तो उसे बनाने में 90 साल का सबसे लम्बा समय लगा था.

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भूकंप से बेअसर
इस प्रतिमा को भूकंप रोधी तकनीक एवं बेजोड़ इंजीनिरिंग से बनाया गया है. इस पर भरी भूकंप करभी कोई असर नहीं होगा. इसके साथ ही अन्य प्राकृतिक आपदाओं अर्थात तेज़ तूफ़ान या भारी बारिश से यह बेअसर रहेगा. और किसी विस्फोट से भी इसे गिराना काफी मुश्किल होगा.
स्टेचू ऑफ़ यूनिटी क
माध्यम से मोदी जी ने देश को दुनिया की नज़रों में एक सम्मान जनक स्थान दिलाने की कोशिश की है और साथ ही भारत के शांतिप्रिय इतिहास का और पहचान को पूरी दुनिया के सामने रखने की एक बेहतरीन कोशिश की है.

15 हजार में बेस्ट स्मार्टफोन. मोबाइल खरीदने से पहले ये जान लीजिये वरना पछताना पड़ सकता है.

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नमस्कार दोस्तों,
दोस्तों, जैसा की आप सभी जानते हैं की अक्टूबर के लगते ही हिन्दुओं के त्योहारों का सीजन शुरू हो चूका है. त्योहारों की रौनक बाजार में दिख रही है और सभी छोटी बड़ी ब्रांड्स अपने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए लगातार नए प्रोडक्ट और ऑफर्स कंज्यूमर्स के लिए लेकर आ रही हैं. और सबसे ज्यादा हलचल और अपडेशन हमें मोबाइल फोन सेगमेंट में दिख रही है. हर दूसरे दिन एक नया मोबाइल फोन लॉन्च हो रहा है, ऐसे में ग्राहकों का कन्फ्यूज होना स्वाभाविक है, कौन सा फोन खरिदा जाय, गिफ्ट करने के लिए या फिर खुद के लिए. आपकी इस परेशानी को हम अपने इस खबर में दूर करेंगे. हमारी पहली कैटगरी है 15 हजार के अंदर बेस्ट स्मार्टफोन.
रेडमी 6 प्रो 
हमारे लिस्ट में टॉप पर है रेडमी 6 प्रो. इस फ़ोन में 5.8 इंच फुल एचडी+ डिस्प्ले दिया गया है. फोटॉग्रफी के लिए फोन में 12+5 मेगापिक्सल का डुअल रियर कैमरा दिया गया है, इसके साथ ही सेल्फी के लिए 5 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है. रेडमी 6 प्रो स्नैपड्रैगन 625 सिस्टम पर काम करता है और ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए एंड्रॉयड 8.1 ओरियो पर बेस्ड MIUI 9.6 दिया गया है. इसमें 4 जीबी रैम के साथ 64 जीबी स्टोरेज दिया गया है। रेडमी नोट 6 प्रो 4000 मिली एम्पीयर की बैटरी के साथ आता है और इसकी कीमत 12,999 रुपयो है.
जेनफोन मैक्स प्रो एम1
एसुस के बजट सेगमेंट के खिलाडी जेनफोन मैक्स प्रो एम1 की खासियत है इसकी 5000 मिली एम्पीयर की बैटरी और डुअल रियर कैमरा सेटअप जो की इस प्राइस रेंज किसी और ब्रांड में मिल पाना नामुनकिन है. दमदार बैटरी वाला ये फोन रिवर्स चार्जिंग सपोर्ट करता है यानी इसे पावर बैंक की तरह भी इस्तेमाल किया जासकता है. फोटोग्राफी के लिए फोन में 13+5 मेगापिक्सल का डुअल रियर कैमरा और 8 मेगापिक्सल का ही फ्रंट कैमेरा दिया गया है. 5.9 इंच के फूल hd स्क्रीन डिस्प्ले वाला ये फोन स्टॉक एंड्रॉयड पर काम करेगा. इसमें 4 जीबी रैम के साथ 64 जीबी स्टोरेज दिया गया है. एसुस जेनफोन मैक्स प्रो एम1 मॉडल इस फ़ोन की कीमत है 12,999 रुपये. यह कीमत इसकी फीचर्स के मुकाबले कुछ भी नहीं.
 ऑनर 8एक्स
 इस फोन में 6.5 इंच की फुल एचडी+ डिस्प्ले दी गई है. ये स्मार्टफोन EMUI 8.2 बेस्ड एंड्रॉइड ऑरियो पर काम करता है. इस हैंडसेट में HiSilicon Kirin 710 प्रोसेसर दिया गया है जिसका साथ देती है 4जीबी रैम और 64जीबी स्टोरेज. सेल्फी के लिए इस फोन में 16 मेगापिक्सल का कैमरा है और बैक में 20+2 मेगापिक्सल का डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है. इस फोन में 3750 मिली एम्पीयर की दमदार बैटरी दी गई है. ऑनर 8एक्स की कीमत है 14,999 रूपये रखी गयी है. इस कीमत पर ऐसा फीचर्स फ़ोन मिलना बहोत ही फायदे का सौदा होगा.
लेनोवो के9
लेनोवो का लेटेस्ट स्मार्टफोन K-9 का मुख्य फोकस है कैमरा पर. लेनेवो का के9 13 और 5 मेगापिक्सल के डुअल फ्रंट और रियर कैमरा के साथ आता है. इसके अलावा फोन में 5.7 इंच का डिस्प्ले के साथ 3जीबी रैम और 32जीबी स्टोरेज दि गई है. ये फोन काम करता है MediaTek P22 प्रोसेसर पर. लेनोवो K9 की कीमत है 8,999 रुपये. जो एक बेहतरीन स्मार्ट फ़ोन लेने की चाहत रखते हैं पर काम बजट की वजह से खरीद नहीं पाते उनके लिए यह फायदे का सौदा साबित हो सकता है.
मोटो जी6
मोटो जी6 की सबसे अहम खासियत है इसमें दिया गया ग्लास बैक पैनल जो बेहद चमकदार एवं स्टाइलिश है. फोन का लुक अच्छा है और दिखने में ये प्रीमियम लगता है. इस फ़ोन को आपके हाथों में देखकर आपके दोस्तों को आप काफी स्टाइलि
श और रिच नजर आने वाले हैं. मोटो जी6 में 5.7-इंच फुल एचडी+ डिसप्ले 18:9 एस्पेक्ट रेशियो के साथ दिया गया है. साथ ही ये फोन काम करता है स्नैपड्रेगन 450 प्रोसेसर पर और इसका साथ देता है 3जीबी रैम एवं 32जीबी इंटरनल स्टोरेज. मोटो जी6 में पावर बैकअप के लिए 3,000 मिली एम्पीयर बैटरी दी गयी है. साथ ही फिंगरप्रिंट रीडर फ्रंट पर दिया गया है. फोन में 12+5 मेगापिक्सल डुअल कैमरा सेटअप के साथ आता है और सेल्फी के लिए 16 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है. मोटो G6 की कीमत है 13999 रुपये.
तो दोस्तों उम्मीद करता हूँ की मेरे द्वारा दी गयी यह जानकारी आपको अपना पसंदीदा फ़ोन अपने तय बजट के अंदर खरीदने में काफी मददगार साबित होगा. दोस्तों जाते जाते मुझे फॉलो और कमेंट करना न भूलें, धन्यवाद्.

सबरीमाला : भारी विरोध के चलते वापिस लौटेंगी तृप्ति देसाई.

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नमस्कार दोस्तों, 
दोस्तों, सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के द्वारा पौराणिक मान्यता को चुनौती देते हुए मंदिर में प्रवेश की भरषक कोशिश और भक्तों एवं मंदिर प्रशासन के द्वारा हो रहे विरोध के बीच, आज शाम ५ बजे एक बार फिर केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर के कपाट दर्शन के लिए खोल दिए गए. हिंदूवादी प्रदर्शनकारियों के भरी विरोध के बीच केरल के चर्चित सबरीमाला मंदिर में दर्शन के लिए पहुंची सामजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई और उनके साथ छः अन्य महिलाओं ने हवाईअड्डे पर से पुणे लौटने का फैसला किया है. तृप्ति और उनके साथ आये अन्य महिलाओं का समूह आज शुक्रवार को लगभग 4 बजकर 45 मिनट पर यहाँ पंहुचा था. उनके आने के बाद बीजेपी और संघ परिवार के कार्यकर्ता हवाईअड्डे के बाहर ही प्रदर्शन करने लगे, इसलिए उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने उन्हें हवाईअड्डे पर ही रोक लिया. और वे हवाईअड्डे से बाहर नहीं निकल पाई.
हम आपको बता दें की जब भूमाता ब्रिगेड की मुखिया तृप्ति देसाई यहाँ अन्य छः महिलाओं के एक दाल के साथ पहुंची, तब यहाँ केवल १०० प्रदर्शनकरि थे, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर हजारों की भीड़ में बदल गई और प्रदर्शनकारीयो ने हवाईअड्डे के अंदर और बाहर सभी द्वारों पर डेरा जमा लिया. बीजेपी के वरिष्ठ नेता भी हवाईअड्डे पर पहुंच गए. तृप्ति देसाई के बढ़ते विरोध को देखकर पुलिस वालों उन्हें वापिस चले जाने को कहा. बीजेपी प्रवक्ता सोभा सुरेंद्रन ने भी कहा, ‘हमें उन्हें यहाँ से जाने के लिए कहना होगा, क्योंकि हम उन्हें यहाँ से बाहर जाने की इजाजत नहीं दे सकते. तृप्ति देसाई को हमारे मुख्यमंत्री के जैसे नास्तिकों का समर्थन हासिल है जो हर हल में महिलाओं के मंदिर में प्रवेश को देखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’
निजी पब्लिसिटी के लिए किसी को भी पौराणिक परम्पराओं का इस तरह से उल्लंघन नहीं करना चाहिए जिससे लोगों की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचे. सबरीमाला में महिलाओं का प्रवेश एक धार्मिक परंपरा है और लोगों के धार्मिक आस्था पर कानूनी बेड़ियाँ लगाना सही नहीं. 
दोस्तों, यदि आप सभी को मेरा यह पोस्ट पसंद आया हो तो कृपया मुझे फॉलो जरूर कीजियेगा. और अपना भहुमुल्य कमेंट करना न भूलें. धन्यवाद्.

राहुल गांधी पलटे अपनी ज़ुबान से. पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ किया धोखा.

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नमस्कार दोस्तों,
दोस्तों जैसा की आप सभी जानते हैं की अभी पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. जिनमे से एक राजस्थान भी है. राजस्थान में कई बार अपने भाषण के दौरान कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गाँधी का एक बयां बहोत ही लोकप्रिय हुआ था की वे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की तरफ से दिल्ली में उनके लिए इन्साफ करने बैठे हैं. किसी भी पैराशूट उम्मीदवार को कांग्रेस टिकट नहीं देगी. अगर कोई पैराशूट से आएगा तो वे २०० किलोमीटर दूर से ही उस पैराशूट की रस्सी काट देंगे. तब राहुल गांधी के इस बाड़े पर कांग्रेस कार्यकर्ता झूमकर ताली बजाते थे. और नारेबाजी भी करते थे.पर गुरुवार देर रात कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची जारी हुई तो इस सूचि ने राहुल गांधी के झूठे वादों की सारी पोल खोल दी. कांग्रेस के उम्मीदवारों की इस सूची में छः पैराशूट उम्मीदवारों के नाम भी शामिल पाए गए. 
कांग्रेस के उम्मीदवारों की इस सुची को देखते ही सभी पार्टी कार्यकर्ताओं ने हंगामा सुरु कर दिया. सभी पार्टी सदस्य राहुल से यह सवाल कर रहे हैं की उन वादों का क्या हुआ जो आप चुनावी सभाओं में दिए गए भाषण में कर रहे थे. 
आइये जानते हैं की कौन हैं कांग्रेस के पैराशूट उम्मीदवार.
1 . हबीबुर्ररहमान: नागौर से विधायक हबीबुर्ररहमान कांग्रेस लिस्ट जारी होने से 24 घंटे पहले ही बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं. और नागौर से कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार बना दिया.
2 . हरीश मीणा दौसा से बीजेपी के सांसद रहे हरीश मीणा को देउली उनियारा सीट पर उतारा गया है. हरीश मीणा ने भी एक दिन पहले ही बीजेपी छोड़ी थी.
3 . कन्हैयालाल झंवर: कांग्रेस के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी होने से केवल पांच घंटे पहले ही कांग्रेस में शामिल होने वाले कन्हैयालाल झंवर को बीकानेर पूर्व से मैदान में उतारा गया है.
4 . सोना देवी बावरी : पिछली बार जमींदार पार्टी की टिकट पर विधायक बानी सोना देवी बावरी को इस बार कांग्रेस ने रायसिंघ नगर से अपना उम्मीदवार बनाया है.
5 . सवाईसिंह गोदारा : पूर्व आईपीएस अधिकारी रहीं गोदारा ने एक दिन पहले ही वीआरएस लिया और अब उन्हें कांग्रेस ने खींवसर से टिकट दिया है.
6 . राजकुमार शर्मा : नवलगढ़ के निर्दलीय विधायक राजकुमार शर्मा को भी कांग्रेस ने नवलगढ़ से अपना प्रत्यासी बनाया है.
क्या हुआ तेरा वादा ?
कांग्रेस की लिस्ट आते ही बीकानेर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त विरोध शुरू कर दिया है. कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे बीडी कल्ला के टिकट काटने से नाराज उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा मचाया और कुर्सियां तक जला दी. पिछले 15 सालों से कांग्रेस से सक्रिय राजनीति कर रहे पूर्व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री नमोनारायण मीणा, देउली उनियारा से कांग्रेस का टिकट चाहते थे, लेकिन ऐन मौके पर उनके सगे भाई बीजेपी सांसद हरीश मीणा कांग्रेस में शामिल होकर वहां से टिकट ले उड़े. 
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं से एक और वादा किया था कि काम करने वालों को टिकट मिलेगा. राहुल ने कहा था कि पार्टी रिश्तेदारों को टिकट नहीं देगी. लेकिन पार्टी कि लिस्ट पर नज़र डालें तो यह पता चलता है कि पार्टी ने 15 नेताओं के रिश्तेदारों को मौका दिया है. जबकि बीजेपी ने भी 9 नेता पुत्रों को टि
कट दिया है.
हलाकि कांग्रेस ने इस बार सख्ती दिखाते हुए दो बार लगातार चुनाव हारने वालों को टिकट नहीं दिया है. साथ ही बीस महिलाओं को टिकट दिया है. कांग्रेस में चर्चा चल रही है कि इस लिस्ट को जारी करने में सारा दिमाग सचिन पायलट का है. लगभग 79 लोगों के टिकट बदलवाने में वे सफल हुए हैं. लेकिन फिर भी गहलोत सरकार में शामिल रहे 22 मंत्रियों और 6 संसदीय सचिवों को एक बार फिर से टिकट मिल गया है.

आइये जानते हैं क्या है सबरीमाला मंदिर से जुड़ा विवाद.

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नमस्कार दोस्तों,
दोस्तों, हम आपको बता दें की महिलाओं के प्रवेश को लेकर विवादों में घिरी सबरीमाला मंदिर के कपाट शुक्रवार 16 तारीख की शाम पांच बजे पारम्परिक मासिक पूजा के लिए खोल दिए गए. मंदिर परिसर के बाहर विरोध-प्रदर्शन और तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है. मंदिर परिसर के आस पास काफी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा हर उम्र की महिलाओं को मंदिर प्रवेश की अनुमति दे दी गई है. जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इससे पूर्व 10 से 50 वर्ष के उम्र की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति नहीं थी. अर्थात केवल 10 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों और 50 से साधिक उम्र की बुज़ुर्ग महिलाओं को ही प्रवेश की अनुमति थी. या सीधे शब्दों में कहा जाए तो केवल उन्ही महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति थी जो की माहवारी के दायरे में नहीं आते थे.
आइये जानते हैं क्या है सबरीमाला मंदिर से जुड़ा यह विवाद.
साल 2006 में मंदिर के मुख्या ज्योतिष परपपनगडी उन्नीकृष्णन ने मंदिर ट्रस्ट के सभी सदस्यों के सामने यह बात कही थी की मंदिर में स्थापित अयप्पा अपनी ताकत खो रहे हैं और वह इसलिए नाराज़ हैं क्योंकि मंदिर में किसी युवा महिला ने प्रवेश किया है. इसके बाद ही कन्नड़ अभिनेता प्रभाकर की पत्नी जयमाला ने दवा किया था की उन्होंने अयप्पा की मूर्ति को छुआ और उनकी वजह से अयप्पा नाराज़ हुए. उन्होंने अपनी भूत स्वीकारते हुए कहा की वे इस गलती की प्रायश्चित करना चाहती है. अभिनेत्री जयमाला ने दावा किया था कि 1987 में अपने पति के साथ जब वे मंदिर में दर्शन करने गई थी तो भीड़ कि वजह से धक्का लगने कि वजह से वे गर्भगृह पहुंच गई और भगवन अयप्पा के चरणों में गिर गई. जयमाला का कहना था कि वहां पुजारी ने उन्हें फूल भी दिए थे.
सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई थी याचिका
अभिनेत्री जयमाला के द्वारा अयप्पा को स्पर्श करने के दावे के बाद मंदिर में महिलाओं का प्रवेश वर्जित होने के इस मुद्दे पर लोगों का ध्यान गया. 2006 में राज्य के यंग लॉयर्स असोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर कि. इसके बावजूद अगले दस सालों तक महिलाओं के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश का मामला कोर्ट में अटका रहा.
सुप्रीम कोर्ट ने किया था हस्तक्षेप
सबरीमाला मंदिर मामले में मिली याचिका पर कोर्ट ने मंदिर के ट्रस्ट त्रावणकोर देवासम बोर्ड से महिलाओं को मंदिर प्रवेश कि अनुमति न देने पर जवाब तालाब किया. बोर्ड ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि भगवान् अयप्पा ब्रम्हचारी थे और इस वजह से मंदिर में वही बच्चियां एवं महिलाऐं प्रवेश कर सकती हैं, जिनका मासिक धर्म शुरू न हुआ हो या फिर ख़त्म हो चूका हो. ७ नवम्बर 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा था कि वह सबरीमाला मंदिर में हर उम्र कि महिलाओं को प्रवेश देने के पक्ष में है.
सबरीमाला मुद्दे पर खूब हुई राजनीति
जबसे सबरीमाला मामले का उजागर हुआ है तभी से सभी राजनैतिक पार्टी इस मामले पर अपनी राजनीति कर रहे हैं. साल 2006 में मंदिर में प्रवेश कि अनुमति से जुड़ी एक याचिका दायर किये जाने के बाद 2007 में एलडीएफ सरकार ने प्रगतिशील व सकारात्मक नजरिया दिखाया था. एलडीएफ के रुख से उलट कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार ने बाद में अपना पक्ष बदल दिया था. चुनाव हरने के बाद यूडीएफ सरकार ने कहा था कि वह सबरीमाला में १० से ५० वर्ष वर्ष कि आयु वाली
महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ हैं. यूडीएफ का तर्क था कि यह परंपरा १५०० साल से चली आ रही है. बीजेपी ने इस मुद्दे को दक्षिण में पेअर ज़माने के मौके कि तरह देखा और बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट के महिलाओं के हक़ में आये फैसले के विरोध में हजारों बीजेपी कार्यकर्ताओं ने केरल राज्य सचिवालय कि और मार्च किया. महिला अधिकार संगठनों ने इसे मुद्दा बनाया साथ ही भूमाता ब्रिगेड कि तृप्ति देसाई ने भी सबरीमाला मंदिर आणि कि बात कही. 
कोर्ट ने माना महिलाओं के मौलिक अधिकार का उल्लंघन.
महिलाओं के मंदिर प्रवेश पर रोक के इस मामले पर ११ जुलाई २०१६ को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला संवैधानिक पीठ को भेजा जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ऐसा इसलिए जरुरी है क्योंकि यह संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का मामला है और इन अधिकारों के मुताबिक महिलाओं को प्रवेश से रोका नहीं जाना चाहिए. 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने मामला संविधान पीठ को सौंप दिया था और जुलाई, २०१८ में पांच जजों कि एक बेंच ने मामले कि सुनवाई शुरू कि थी.
महिलाओं के हक में आया ऐतिहासिक फैसला
इसी साल २८ सितम्बर को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासि फैसला सुनते हुए केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश कि अनुमति दे दी है. कोर्ट ने साफ़ कहा है कि हर उम्र वर्ग कि महिलाएं अब मंदिर में प्रवेश कर सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हमारी संस्कृति में महिलाओं का स्थान आदरणीय है. यहां महिलाओं को देवी कि तरह पूजा जाता है और मंदिर में प्रवेश से रोका जा रहा है. पुरुष प्रधान समाज कि इस दोगली मानसिकता को स्वीकारा नहीं जा सकता.