होटों पे मुश्कान और आँखों में पानी , मोहब्बत तेरी यही कहानी


 

vinay kumar bharti

नमस्कार दोस्तों,
आप सभी ने अपने जीवन में कभी न कभी प्यार जरूर किया होगा. क्योंकि यह वो बीमारी है जो इंसान को ज़िन्दगी में काम से काम एक बार ज़रूर होता है, दोस्तों एक आम इंसान और प्यार में पड़े इंसान के व्यवहार के बीच बड़ा विचित्र अंतर होता है जिसकी वजह से कोई भी यह आसानी से बता सकता है की वह इंसान किसी के प्यार में है की नहीं.
प्यार में पड़े लैला और मजनू को पहचानना जितना आसान है उतना ही मुश्किल है यह जानना की कौन हमसे प्यार करता है . जी हाँ दोस्तों. मुझे पता है की मेरी यह बात आपको दिल पे लगी होगी क्योंकि हम सभी यही सोचते हैं की काश हमें कोई प्यार करता पर जब तक कोई खुद सामने से आकर हमें प्रोपोज़ न करे तब तक हम नहीं जान पते की कोई हमसे प्यार करता है . इसका कारन यह है की हम कभी भी अपने प्रति किसी के व्यव्हार को इतनी गहराई से जज नहीं करते जितने अपने दोस्तों के लिए करते हैं या अन्य किसी के लिए. क्योंकि हमारा सारा ध्यान जाता है की हम किस्से प्यार करते है. न की हमें कौन प्यार करता है. पर प्यार दुनिया का इकलौता ऐसा अहसास है जो दर्द और ख़ुशी एक साथ देता है. पर प्यार में ख़ुशी और गम के मायने बदल जाते है.
जब आपका प्यार आपसे दूर होता है तो उनसे मिलने के इंतज़ार से आपको ख़ुशी मिलती है पर जब वो आपके पास होता है तो उससे बिछड़ने के अहसास से आपको दुःख होता है की सामान्य इंसान के लिए इस अहसास को समझ पाना बहोत ही मुश्किल है .
प्यार के पहले अक्षर की तरह प्यार का सफर भी अधूरा ही होता है. प्यार के राह पर चलकर आजतक न तो कोई आशिक़ अपनी मंज़िल पा सका है न ही शायद कभी कोई पा पायेगा. पर जिन्हे मोहब्बत होती है वो कभी किसी अंजाम की फिक्र कहाँ करते हैं . उन्हें तो बस अपनी मोहब्बत में ही शारी दुनिया दिखाई देती है . आप सभी ने अपने जीवन में अनगिनत प्रेम कहानी सुनी और देखि होगी पर कभी किसी प्रेमी का प्यार पूरा होते नहीं देखा होगा. चाहे वो राधा कृष्ण हों , चाहे हीर रांझा या फिर लैला और मजनू इन सभी किश्मत में बिछड़ना ही लिखा था .
मै इन प्यार के मारों के लिए एक छोटी सी शायरी पेश कर रहा हूँ उम्मीद करता हूँ की आपको पसंद आएगा.
न कर ज़माने से वफ़ा की उम्मीद जब आश टूटेगी तो दर्द बहोत होगा.
शान से निकलेगी तेरे इश्क़ का जनाजा, और मज़ार पे तेरे भीड़ बहोत होगा.
फिर उसी मज़ार पे दुनिया माथा टेकेगी, जिस मज़ार पे तेरा प्यार दफ़न होगा .
न भूलना कभी तू दाश्ताने लैला मजनू, जो हाल हुआ उनका वही हाल तेरा होगा.

 

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