बीते दिनों के मशहूर गायक मोहम्मद अज़ीज़ का निधन.

मोहम्मद अजीज90 के दशक  के मशहूर गायक मोहम्मद अज़ीज़ ने मंगलवार 27 नवंबर को अपनी अंतिम सांस ली। वे केवल 64 वर्ष के थे। दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हुई. 

बॉलीवुड फिल्मो के सबसे मशहूर गायकों में से एक मोहम्मद अज़ीज़ ने कल 64 साल की उम्र में अपनी अंतिम सांस ली।  जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट पर अज़ीज़ को उनके हार्ट में तकलीफ हुई, ड्राइवर ने उन्हें नानावटी हॉस्पिटल पहुँचाया और अज़ीज़ की बेटी को इस बात की सुचना दी गई। हॉस्पिटल पहुँचने के केवल कुछ ही समय उपरान्त  उन्होंने दम तोड़ दिया। अज़ीज़ के  निधन की खबर मिलते ही बॉलीवुड में शोक का माहौल पसर गया और  बॉलीवुड के कई बड़ी हस्तियों ने उनकी मौत पर शोक व्यक्त किया है।
बॉलीवुड की  सबसे महान सिंगर लता मंगेशकर ने उनकी मौत पर शोक व्यक्त  करते हुए कहा की ” मोहम्मद अज़ीज़ एक गुणी  गायक होने साथ साथ एक बहुत अच्छे इंसान इंसान भी थे. फिल्म इंडस्ट्री उन्हें प्यार से  मुन्ना भाई के नाम से बुलाती थी। उनकी मौत की खबर से मुझे बहोत दुःख पहुंचा, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।
नावेद ज़ाफ़री ने भी ट्वीट कर अपना शोक जताया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, ‘ महान सिंगर मोहम्मद अज़ीज़ का निधन हो गया है। उनकी आत्मा को शांति प्राप्त हो, भगवान् उनके परिवार को इस दुःख की घड़ी  में हिम्मत प्रदान करे’।
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने भी अज़ीज़ की मौत पर शोक जताया।

बता दें कि गायक मोहम्मद अजीज का जन्म साल 1954 में पश्चिम बंगाल में हुआ था. अजीज ने हिंदी फिल्मों के अलावा बंगाली, उड़िया और अन्य क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों के लिए भी गाना गाया. अजीज मोहम्मद रफी के बहुत बड़े फैन थे, उन्हें म्यूजिक डायरेक्टर अनु मलिक ने बॉलीवुड में बड़ा ब्रेक दिया. अमिताभ बच्चन की फिल्म “मर्द” के टाइटल सॉन्ग “मैं हूं मर्द तांगे वाला” से अजीज रातोंरात हिंदी प्लेबैक सिंगिंग में सुपरस्टार बन गए.

बाद में अजीज ने कई फिल्मों के हिट गाने गाए. लाल दुपट्टा मलमल का, मैं से मीना से न साकी से जैसे सैकड़ों हिट गाने गाए हैं. अजीज ने मर्द के अलावा बंजारन, आदमी खिलौना है, लव 86, पापी देवता, जुल्म को जला दूंगा, पत्थर के इंसान, बीवी हो तो ऐसी, बरसात की रात जैसी फिल्मों में कई हिट गाने गाए. अजित के मशहूर गानों को आज के दौर की युवा पीढ़ी भी काफी पसंद करती हैं. उन्होंने उस दौर के लगभग सभी बड़े कलाकारों के लिए गाना गाया है.

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अयोध्या पहुंचे राम भक्तों का मुसलमान भाइयों ने किया जमकर स्वागत, पेश की भाईचारे की अनोखी मिसाल।

अयोध्या में राम भक्तों का भव्य स्वागत, मुस्लिमों ने पेश की भाईचारे की मिसाल

विश्व हिन्दू परिषद् की सभा में शामिल होने के लिए अयोध्या आये राम भक्तों का फुल माला से स्वागत किया गया। मुश्लिम धर्म से जुड़े लोगों ने भी राम भक्तों और धर्म सभा मार्ग पर फुल बरसाए। मंदिर समर्थक मुस्लिम समुदाय के बबलू खान के अलावा मुस्लिम समुदाय के कई अन्य लोगों ने भी  भक्तों का स्वागत किया।

बाराबंकी में भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अयोध्या जा रहे राम भक्तों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया।  उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से अयोध्या पहुंची सकीना बानो ने राम मंदिर निर्माण की मांग करते हुए जय श्रीराम के नारे लगाए, उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनना चाहिए।  हिंदू मुस्लिम सांप्रदायिक सौहार्द्र का नजारा बाराबंकी में भी दिखाई दिया जहां मुसलमानों ने ट्रेनों से जा रहे राम भक्तों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया। इसमें शहर के आम मुसलमान शामिल हुए मुस्लिमों ने राम भक्तों को शुभकामनाएं दी कि वह अपने राम मंदिर के उद्देश्य में सफल होकर वापस लौटे। राम भक्तों का स्वागत करने वाले मुस्लिम समाज के राजा  कासिम  और जुबेर अहमद ने कहा कि एक विदेशी आक्रमणकारी के नाम पर बनी ‘मस्जिद’ भारत के मुसलमानों को भी स्वीकार नहीं है। भगवान राम हमारे इमाम उल हिंद हैं एवं उनका मंदिर बनना गौरव की बात है।  इस मंदिर के बन जाने से जो सियासत दार नफरत फैला रहे हैं उनकी दुकानें भी बंद हो जाएंगी।  उन्होंने कहा कि भारत का हर एक मुसलमान चाहता है कि अयोध्या में श्रीराम का मंदिर बने।  बाराबंकी की भाजपा सांसद प्रियंका रावत ने कहा कि मुसलमानों की यह पुष्प वर्षा ने साबित कर दिया है कि हम सब एक हैं प्रभु श्री राम सभी हिंदुस्तानियों के आराध्य हैं। कानपुर से अयोध्या धर्म सभा में शामिल होने जा रहे राहुल ने कहा कि बाराबंकी में मुस्लिम भाइयों के स्वागत ने अभिभूत कर दिया है, इससे यह बात साबित होती है कि भारत में राम का स्थान कितना ऊपर है।
खौफ में रहे अयोध्या के मुसलमान
पुलिस प्रशासन के तमाम आश्वासनों के बावजूद शिवसेना और विहिप के कार्यक्रमों से अयोध्या के स्थानीय मुसलमान थोड़ा भयभीत दिखाई दिए।  पांजिटोला, मुगलपुरा जैसे शहर के मुहल्लों के मुस्लिम अनजाने खौफ के साये में जी रहे हैं।  मोहल्ले के निवासी 65 वर्षीय अबरार ने कहा कि उनके जेहन में अभी भी 1992 जैसा माहौल है।  डर है कि कभी वैसा ही हादसा फिर ना हो जाए इसलिए मोहल्ले के लोग बच्चों और महिलाओं को रिश्तेदारी में छोड़ आए हैं। इतना ही नहीं ज्यादातर लोगों ने राशन पानी भी जमा कर लिया है ताकि कोई बड़ी घटना होने पर घर से बाहर निकलने का खतरा ना रहे अल्लाह का शुक्र है कि सब ठीक से गुजर गया।

किन्नर भी हुए शामिल

विश्व हिंदू परिषद की धर्म सभा के लिए देर रात से अयोध्या में राम भक्तों का आना शुरू हो गया था धूप चढ़ते चढ़ते राम नगरी की सड़कें और गलियां राम भक्तों से खचाखच भर गई थी. विहिप की ओर से कार्यक्रम के अंत तक 300000 लोगों के आने का दावा किया गया है हालांकि एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार की ओर से अयोध्या में 100000 लोगों के आने की बात कही गई है। विधानसभा में 2 दर्जन से अधिक किन्नर भी शामिल हुए।  सभी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मांग करते हुए कहा कि मंदिर मुद्दे पर अब और इंतजार नहीं कर सकते।

शादी के केवल छः महीने बाद नेहा ने दिया बेटी को जन्म।

नेहा धूपिया ने दिया बेटी को जन्म, 6 महीने पहले अंगद बेदी संग सात फेरे लेकर चौंकाया...नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों, शादी के केवल तीन महीने के बाद अपने प्रेगनेंसी की खबर देकर फिल्म जगत और अपने फैंस को चौकाने वाली नेहा धुप्या को तो जैसे अपने फैंस को सरप्राइज करने की आदत सी हो गई है. इस साल उनके जीवन में घटने वाली हर एक घटना ने उनके फैंस को एक के बाद झटका दिया है.
जी हाँ दोस्तों फिल्म अभिनेत्री नेहा धुप्या ने अपने फैंस को सबसे पहला झटका तब दिया जब उन्होंने अचानक अपनी शादी करने की खबर मीडिया को बताई. अंगद बेदी और नेहा धुप्या ने इसी साल 10 मई को बिना किसी पूर्व योजना के अचानक शादी कर ली थी और पुरे फिल्म जगत को सरप्राइज कर दिया था पर उनके फैंस को तब यह नहीं पता था की यह उनकी तरफ से अपनी फैंस को दिया हुआ पहला सरप्राइज है और आगे अभी और भी झटके देने  वाली हैं.
अपनी शादी के ठीक तीन महीने बाद नेहा के फैंस को दूसरा सरप्राइज तब मिला जब उनके हस्बैंड अंगद बेदी ने नेहा के प्रेग्नेंट होने की खबर सुनाई। दोस्तों शादी के बाद प्रेगनेंसी की खबर को तब उनके फैंस ने हलके में लिया था क्योंकि शादी के तीन महीने के बाद मिली प्रेगनेंसी की खबर कोई बड़ी बात नहीं होती। पर अब जब शादी के केवल छः  महीने बाद उनकी  डिलवरी की खबर आई और पता चला की नेहा ने एक पूर्ण विकसित और हैल्दी बच्चे को जन्म दिया है तब जाकर उनके प्रशंसकों को शादी के तीन महीने बाद मिली प्रेगनेंसी की खबर के पीछे की सच्चाई समझ में आई और उनके फैंस को तीसरा सरप्राइज मिला।
नेहा ने एक ही साल के भीतर लगातार तीन सरप्राइज देकर अपने सभी प्रशंषकों को आश्चर्यचकित कर दिया है।  दोस्तों अभी भी साल का आखरी महीना  बाकी है और नेहा के सभी प्रशंषकों को इंतज़ार है की नेहा उन्हें कब एक और ताज़ा खबर सुनाएंगी.
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आमिर खान एक सफल व्यक्तित्व का शफर.

Aamir Khan

आइये जानते हैं मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान के बारे में. 

दोस्तों, आज आमिर खान भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक पहचान और आदर्श बन चुके हैं।  

आमिर खान / Aamir Khan एक भारतीय फिल्म अभिनेता, निर्देशक, निर्माता, टेलीविज़न हस्ती, सामाजिक कार्यकर्त्ता, चलचित्र लेखक और मानव प्रेमी है. या अगर हम ये कहें की आमिर एक बहुमुखी प्रतिभा के धनि और एक आदर्श व्यक्तित्व के रूप में अपनी पहचान बॉलीवुड के साथ-साथ पूरी दुनिया में अपनी जगह बना चुके हैं तो यह गलत नहीं होगा।  फिल्म जगत में अपने सफल करियर के बल पर उन्होंने खुद को हिंदी फिल्म जगत का सबसे मशहूर कलाकार बनाया. उनके करियर में उन्हें कई सारे पुरस्कारों से नवाज़ा गया है, जिसमे चार राष्ट्रिय फिल्म पुरस्कार और सात फिल्मफेयर अवार्ड भी शामिल है. भारत सरकार की तरफ से उन्हें 2003 में पद्मश्री और 2010 में उन्हें पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था.

अभिनेता आमिर खान का जन्म ताहिर हुसैन (फिल्म निर्माता) और गृहणी जीनत हुसैन के  घर  हुआ। आमिर खान अपने माता पिता की पहली संतान हैं।उनका जन्म मुंबई में 14 मार्च 1965 को हुआ था. आमिर खान के बहोत से रिश्तेदार फिल्म जगत में पहले से स्थापित थे. जिनमे से एक उनके अंकल नासिर हुसैन भी थे।  आपको बता दें की अपनी दादी की वजह से वे दर्शनशास्त्री अबुल कलाम आजाद के भी रिश्ते में आते थे. खान अपने चार भाई-बहनों में सबसे बड़े है, उनके एक भाई है, फैसल खान और दो बहने, फरहत और निखत खान. उनका भतीजा, इमरान खान एक आधुनिक हिंदी फिल्म अभिनेता है.

आमिर खान बच्चपन में ही दो भूमिका में परदे पर आये थे. 8 साल की आयु में, नासिर हुसैन के निर्देशन वाली म्यूजिकल फिल्म यादो की बारात (1973) में उन्होंने अभिनय किया था. उसी साल उन्होंने अपने पिता द्वारा निर्मित फिल्म मदहोश में भी एक किरदार निभाया था।  खान ने बाद में प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने के लिए जे.बी. पेटिट स्कूल जाना शुरू किया और बाद में 8वी कक्षा तक बांद्रा की सेंट एंस स्कूल से उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की. और महिम की बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल से 9वी और 10वी की शिक्षा ग्रहण की. खान को बचपन से ही टेनिस में बहोत रूचि थे, उन्हें टेनिस खेलना बहोत पसंद था. उनके शिक्षको का हमेशा से ही यह कहना था की, खान का ध्यान पढाई में कम और खेलने में ज्यादा है. मुंबई के नरसी मोंजी कॉलेज से उन्होंने 12 वी की शिक्षा प्राप्त की.  आमिर खान  का बचपन आर्थिक परेशानियों से काफी तकलीफ भरा रहा है। उस समय उनके पिता को आर्थिक मंदी से होकर गुजरना पड़ रहा था, खान ने बताया की उनके पिता ने जिन-जिन से भी उधार ले रखा था उनके तक़रीबन दिन में 20-30 फ़ोन आते रहते थे. और खान को हमेशा से ही इस बात का दर रहता था की फीस जमा न होने की वजह से कहीं उन्हें स्कूल से न निकाल दिया जाए। 

16 साल की आयु में, आमिर खान / Aamir Khan ने एक प्रयोग किया और 40 मिनट की एक साइलेंट फिल्म (मूक फिल्म) बनाई. जिसे परानोईया का नाम दिया गया, यह फिल्म उनके स्कूल के दोस्त आदित्य भट्टाचार्य के निर्देशन में ही बनाई गयी थी. इस फिल्म को बनाने में श्रीराम लागू ने धन देकर उनकी आर्थिक सहायता की. जो भट्टाचार्य को अच्छी तरह से जानते थे लागू ने फिल्म के निर्माण में लगने वाले खर्च को वहन किया . आमिर  खान के माता-पिता उस समय अपने अनुभव के आधार पर उनके द्वारा लिए गये इस निर्णय के विरोध में थे. वे चाहते थे की फिल्मजगत में आने की बजाये उनका बेटा कोई डॉक्टर या इंजिनियर बने. पर माता पिता के विरोध के बावजूद किसी तरह फिल्म की शूटिंग पूरी हुई . फिल्म में आमिर खान अपने सह-अभिनेता नीना गुप्ता और विक्टर बनर्जी के साथ मुख्य भूमिका में थे. उस समय भट्टाचार्य ने कहा था की उस फिल्म ने उसके करियर को एक नयी दिशा प्रदान की थी, और उस फिल्म से आमिर ने अभिनय के दांव पेंच सीखे.

खान बाद में अवांतर नाम के एक थिएटर समूह में शामिल हो गये थे, जहा एक साल तक वे परदे के पीछे की भुमिका निभाते रहे. उन्होंने अपने अभिनय की शुरुवात कंपनी के ही एक गुजराती नाटक, केसर बिना में छोटी सी भुमिका अदा कर की. बाद में उन्होंने दो हिंदी नाटक और एक अंग्रेजी नाटक में अभिनय किया. और अपनी हाई-स्कूल की पढाई पूरी करने के बाद आगे की पढाई छोड़ने का निर्णय लिया।  आमिर खान ने अपने माता-पिता के निर्णय के विरुद्ध जाकर निर्देशक नासिर हुसैन के सहायक बने. जिन्होंने उस समय मंजिल-मंजिल (1984) और ज़बरदस्त (1985) का निर्माण किया था.

आमिर खान करियर – Aamir Khan Career

आमिर खान  सबसे पहले एक बाल कलाकार के रूप में फिल्म जगत में आये. और बाद में उनका पहला फिल्म अभिनय 1984 की होली फिल्म शुरू हुआ था. उन्हें अपने भाई मंसूर खान के साथ फिल्म क़यामत से क़यामत तक (1988) के लिए अपनी पहली ब्लॉकबस्टर के रूप में सफलता मिली और इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ट पुरुष नवीन अभिनेता पुरस्कार भी दिया गया. उस समय उनकी एक और थ्रिलर फिल्म राख (1989) ने कई पुरस्कार अपने नाम किये. 1990 के दौर में एक से बढ़कर एक सफल फिल्मे देकर उन्होंने हिंदी सिनेमा जगत में अपना नाम एक सफल अभिनेता के रूप में स्थापित कर दिया था. उस समय उनकी सबसे सफल फिल्मो में रोमांटिक ड्रामा दिल (1990), रोमांटिक राजा हिन्दुस्तानी (1996), इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर की तरफ से बेस्ट एक्टर का पुरस्कार भी मिला, और ड्रामा फिल्म सरफरोश (1999) भी शामिल है. हिंदी फिल्मो के अलावा उन्होंने एक कैनेडियन-भारतीय फिल्म अर्थ (Earth) (1998) में भी अभिनय किया है.

2001 में, आमिर खान / Aamir Khan ने एक प्रोडक्शन कंपनी की स्थापना की. और अपने प्रोडक्शन में पहली फिल्म ‘लगान’ रिलीज़ की. यह फिल्म आलोचकों और कमर्शियल लोगो की नज़र से सफल रही और साथ ही इसे सर्वश्रेष्ट विदेशी भाषा फिल्म (Best Foreign Language Film) के लिए 74 वे अकादमी पुरस्कार में भारत की और से चुन लिया गया. इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का अवार्ड भी मिला और ‘लगान’ को साल की सर्वश्रेष्ट फिल्म का दर्जा दिया गया. इसके बाद फिल्म से 4 सालो तक दूर रहने के बाद खान ने प्रेरणादायक भूमिका अदा करना शुरू की और 2005 में केतन मेहता की मंगल पांडे में वे एक सिपाही के रूप में दिखे. और 4 साल के आराम के बाद 2006 में उन्होंने दो सुपरहिट फिल्म फना और रंग दे बसंती रिलीज़ की. उसी साल उन्होंने अपने करियर की शुरुवात एक निर्माता के रूप में भी की और 2007 में तारे जमीन पर का निर्माण किया. फिल्म तारे जमीं पर को दर्शको की अच्छी प्रतिक्रिया मिली. और इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ट निर्देशक (Best Director) का भी पुरस्कार मिला. कमर्शियली खान की सबसे सफल फिल्मो में गजनी (2008), 3-इडियट्स (2009), धुम-3 (2013), पीके (2014)  मुख्य रूप से शामिल है, जिनके रिलीज़ होते ही बॉलीवुड के कई पिछले रिकार्ड्स चकनाचूर हो गये थे.

आमिर खान व्यक्तिगत जीवन – Aamir Khan Early Life

आमिर खान / Aamir Khan का विवाह रीना दत्ता से हुआ, जिसने उनके फिल्म क़यामत से क़यामत तक में छोटी सी भुमिका निभाई थी. उनका विवाह 18 अप्रैल 1986 को हुआ था. उन्हें दो बच्चे थे, एक बेटा. जुनैद और एक बेटी इरा. रीना ने आमिर के करियर को सफल बनाने में उनकी बहोत सहायता की थी. लेकिन फिर भी दिसम्बर 2002 में खान ने उन्हें तलाक दे दिया था, और इस तरह 15 साल की शादी ख़त्म हो गई . रीना को ही उनके दोनों बेटे की देखभाल करने के लिए दिया गया था. 28 दिसम्बर 2005 को, खान का दूसरा विवाह किरन राव से हुआ, जो लगान फिल्म बनाते समय आशुतोष गोवारिकर की सह-निर्देशक थी. 5 दिसम्बर 2011 को उन्हें एक बेटा हुआ , जिसका नाम आजाद राव खान रखा गया.

आज देश का बच्चा-बच्चा आमिर खान को चाहता है. उनके अनुयायी (Follower) हमें भारत में ही नही बल्कि विदेशो में भी करोड़ों की संख्या में मिलते है. आमिर खान हमेशा से ही सामाजिक गतिविधियों में सक्रीय रूप से हिस्सा लेते रहे है और हमेशा कुछ ऐसी फिल्मे लेकर आते हैं जो समाज को बेहतर आइना दिखा सके.  एक सफल कलाकार होने के साथ ही खान एक मानव प्रेमी भी है, बाद में उन्होंने समाज में हो रही गतिविधियों पर बोलना भी शुरू किया. वे कई राजनितिक गतिविधियों में हिस्सा लेने लगे और समाज सेवा करने लगे. समाज में हो रही समस्याओ को जानने के लिए उन्होंने एक टेलीविज़न शो ‘सत्यमेव जयते’ का निर्माण किया, जिसमे उन्होंने भारत में तेज़ी से बढ़ रही समस्याओ को दिखाया और साथ ही उसे रोकने की भी कोशिश की.

आमिर खान / Aamir Khan हमेशा से लोगो को यह सलाह देते आये है की, “आप तब महान नही बनते जब आप बड़ी-बड़ी बाते करने लगते हो, जबकि आप महान तब बनते हो जब आप छोटी-छोटी बातो को समझने लगते हो.”

आमिर खान के अबतक के सबसे सफल डायलाग:-

1. जिंदगी जीने के दो ही तरीके होते है…एक जो हो रहा है होने दो, बरदाश्त करते रहो … या फिर जिम्मेदारी उठाओ उसे बदलने की. ( Movies : रंग दे बसंती )

2. लड़ोगे तो खून बहेगा… और नहीं लड़ोगे तो ये लोग खून चूस लेगे. ( फिल्म : गुलाम)

3. दवा भी काम ना आये, कोई दुआ ना लगे… मेरे खुदा किसी को प्यार की हवा ना लगे. (Film : सरफ़रोश)

४. बच्चो काबिल बनो, काबिल… कमियाबी तो साली झक मार के पीछे भागेंगी…. ( Movie : 3 इडियट्स)

चकदे इंडिया : हॉकी वर्ल्डकप के ओपनिंग सेरेमनी में पहुंचे शाहरुख खान।

चक दे वर्ल्ड कप: हॉकी विश्वकप शुभारंभ में पहुंचे शाहरुख़ खान, माधुरी ने किया परफॉर्म

नमस्कार दोस्तों,

ओडिशा के भुवनेश्वर में विश्वकप हॉकी प्रतियोगिता की ओपनिंग सेरेमनी में किंग खान पहुंचे और हॉकी लेकर खेल के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।

कलिंग सेना संगठन ने फिल्म अभिनेता किंग खान याने की शाहरुख खान पर काली स्याही फेंक कर विरोध जताने की अपनी धमकी क वापस लेते हुए कहा है की वो देश और अपने राज्य की छबि और प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए अपना विरोध वापस ले रहे हैं।  इस घोषणा के बाद ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित हॉकी विश्वकप प्रतियोगिता की ओपनिंग सेरिमनी में किंगखान पहुंचे और हॉकी लेकर इस खेल के प्रति अपने प्यार और सम्मान को व्यक्त किया. 

 मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के विशेष आग्रह पर शाहरुख, हॉकी विश्वकप के लिए भुवनेश्वर पहुंचे हैं. इस समारोह में माधुरी दीक्षित ने भी परफॉर्म किया।  संगीतकार ए आर रहमान भी यहां इस समारोह में मौजूद थे। 

 कलिंगा सेना ने यह आरोप लगाया था कि साल 2001 में शाहरुख़ खान ने अपनी फिल्म असोका के जरिये ओडिशा का अपमान किया था और इसी कारण वो किंग खान पर काली स्याही फेंक कर और काले झंडे दिखा कर शाहरुख का विरोध करेंगे। लेकिन आज कलिंग सेना के अध्यक्ष हेमंत रथ ने बताया कि हॉकी इंडिया के प्रमुख मोहम्मद मुश्ताक अहमद और ओडिशा सरकार के आग्रह के बाद अपना विरोध वापस ले लिया है। दुनिया भर के खिलाड़ी भारत में आ रहे हैं और हम नहीं चाहते कि ऐसे प्रसंग से देश और ओडिशा का नाम ख़राब हो।  

भारतीय सीनियर टीम की कमाल संभालेंगे कपिल देव, बोले- हम बेहतरीन फॉर्म में हैं

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नमस्कार दोस्तों,

ग्रेटर नोएडा: भारत और दक्षिण अफ्रीका की सीनियर और मिड एमेच्योर गोल्फ टीमें बुधवार से जेपी ग्रींस गोल्फ एंड स्पा रिसॉर्ट में शुरू हो रहे तीसरे द्विपक्षीय टेस्ट मैच में आमने-सामने होंगी. भारत की सीनियर टीम की कमान सम्हालने की जिम्मेदारी, भारत को सबसे पहला वर्ल्डकप विजेता बनाने वाले टीम के कप्तान कपिल देव को सौपी गई है। 

इस टेस्ट मैच को भारतीय गोल्फ यूनियन (आईजीयू) और गोल्फ आरएसए ने मिलकर आयोजित किया है. शुक्रवार को खत्म होने वाले इस टूर्नामेंट को एवीटी ग्रुप ने स्पांसर किया है. पिछले दो मौकों पर मात खाने वाली भारतीय टीम इस बार अपनी जीत के लिए भरसक प्रयास करेगी। टीम अपनी जीत के लिए काफी आशान्वित है.  

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Twitter Ads info and privacyपहले दिन का खेल ‘फोरसम फॉर्मेट’ में खेला जाएगा जबकि दूसरे दिन ‘फोरबॉल फॉर्मेट’ में मैच होगा. चैम्पियनशिप के तीसरे और आखिरी दिन एकल मैच खेले जाएंगे. भारत की सीनियर टीम में कपिल देव के अलावा एशियाई खेलों के पदक विजेता ऋषि नारायण, गुरग्राम के कुलविंदर सिंह के अलावा विजय कुमार भडाना भी इस टीम में शामिल हैं. यह वही टीम है जिसने एशिया पैसिफिक सीनियर एमेच्योर चैम्पियनशिप का खिताब जीता था.

कपिल देव ने कहा, “हम शानदार फॉर्म में हैं. हम दक्षिण अफ्रीका से पहले कभी नहीं जीते यह बात मुझे अच्छा खेलने के लिए पहले से कहीं ज्यादा प्रतिबद्ध महसूस करा रहा है.” मिड एमेच्योर टीम में एसएस. कांग, सिमरनजीत सिंह, गगन वर्मा और लखन सिंह शामिल हैं।