ईशा अंबानी की प्री-वेडिंग सेरेमनी में रैंप वॉक करेंगे मेहमान, लंच में परोसी जाएंगी 400 डिश

ईशा अंबानी की प्री-वेडिंग सेरेमनी में रैंप वॉक करेंगे मेहमान, लंच में परोसी जाएंगी 400 डिश

नमस्कार दोस्तों,

 

 

दोस्तों, दुनिया के सबसे रईश बिज़नेस मैन में से एक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अम्बानी की प्री-वेडिंग सेरेमनी उदयपुर में शुरू हो चुकी है और इस सेरेमनी में शामिल होने के लिए बॉलीवुड, क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय जगत की कई बड़ी हस्तियां पहुंच रही हैं. शादी का आयोजन 12 दिसंबर को मुंबई के एंटीलिया हाउस में रखा गया है. शुक्रवार शाम को ईशा अम्बानी सहित पुरे अम्बानी परिवार ने उदयपुर के नारायण सेवा संस्थान में विशेष ‘अन्न सेवा’ शुरू की. इसमें 7 से 10 दिसंबर तक तीनों पहर 5100 लोगों को भोजन कराया जाएगा. इस विशेष भोजन कार्यक्रम में अधिकतर दिव्यांग लोग शामिल होंगे.
हिलेरी क्लिंटन उदयपुर पहुंची
आज शनिवार की दोपहर को हिलेरी क्लिंटन उदयपुर पहुंच चुकी हैं. इससे पहले मित्तल इंडस्ट्री के चेयरमैन लक्ष्मी नारायण मित्तल भी अपने परिवार सहित उदयपुर पहुंच गए. आप भी सोच रहें होंगे कि बड़ी-बड़ी हस्तियां प्री-वेडिंग सेरेमनी में शिरकत करने पहुंच रही हैं. ऐसे में किस दिन क्या प्रोग्राम है, तो हम आपको आगे बताएंगे ईशा अम्बानी की प्री-वेडिंग सेरेमनी के बारे में आगे हम पुरे विस्तार से बताएँगे. लेकिसटी अंबानी परिवार की बेटी ईशा के प्री-वेडिंग सेरेमनी की गवाह बनेगी. शनिवार शाम को सिटी पैलेस के माणक चौक में महिला संगीत का भी आयोजन किया जाएगा. महिला संगीत के लिए माणक चौक में भव्य सेट तैयार किया गया है.
माणक चौक में बनाए गए इस सेट को तैयार करने में पुरे 15 दिन लगे हैं. बताया जा रहा है कि महिला संगीत में आने वाले मेहमान सेट पर रैंप वॉक करेंगे. इसके अलावा मशहूर गायक अरिजीत सिंह को संगीत के कार्यक्रम के लिए विशेषतौर पर बुलाया गया है. वहीं बॉलीवुड सिंगर बियोंसे भी अपनी परफारमेंस से इस कार्यक्रम में अपने संगीत का जादू बिखेरेंगी. दो दिन तक चलने वाली प्री-वेडिंग सेरेमनी उदयपुर के सिटी पैलेस, होटल उदय विलास, ट्राइडेंट और लीला पैलेस में आयोजित होगी।
सेट को तैयार करने में 15 दिन लगे
इस प्रीवेडिंग समारोह में लगभग 1800 मेहमानों के शिरकत करने की उम्मीद है. लंच और डिनर में मेहमानों को कुल 400 अलग अलग प्रकार के डिश परोसी जाएंगी. वहीं ब्रेकफास्ट में भी 200 से अधिक प्रकार के आइटम होंगे. इस समारोह में राजस्थान के साथ गुजराती परंपरा की भी झलक दिखाई देगी. खबर है कि प्री-वेडिंग सेरेमनी में शिरकत करने के लिए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी पहुंच चुकी हैं. शनिवार रात में और भी कई वीवीआईपी के पहुंचने की उम्मीद है. जब शादी के पहले का माहौल इतना जबरदस्त है तो आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि अम्बानी परिवार में होने वाली यह शादी कितना भव्य होने जा रही है। 

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क्या आज भारत को मिलेगी एक और मिस वर्ल्ड, जानिए कौन हैं हमारी उम्मीद अनुकृति वास.

भारत की तरफ से इस बार अनुकृति व�

नमस्कार दोस्तों,

 

चाइना के शान्या शहर में लगातार दूसरी बार आयोजित मिस वर्ल्ड काम्पटीशन 2018 चल रहा है। अब से कुछ देर बाद यह पता लग जाएगा कि साल 2018 की मिस वर्ल्ड का ताज हासिल करने वाली हसीना कौन है। बता दें कि 17 साल बाद पिछले साल  2017 में मिस वर्ल्ड का खिताब भारतीय महिला मानुषी छिल्लर ने जीता था। भारत की तरफ से इस बार अनुकृति वास  इस पीजेंट में हिस्सा ले रही हैं। खास बात ये है कि उन्हें जीत के लिए टिप्स देने पूर्व विजेता मानुषी छिल्लर खुद वहां मौजूद हैं।

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कौन हैं अनुकृति वास 


अनुकृति वास मूल रूप से तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली की रहने वाली हैं। मिस वर्ल्ड के ग्रुप 12 में अनुकृति ने टॉप 30 में अपनी जगह बनाई। अनुकृति ने फ्रेंच लैंग्वेज में बीए किया हैं। उनकी मां उन्हें ट्रांसलेटर बनाना चाहती थीं। मिस वर्ल्ड 2018 को क्राउन भारत की ही 2017 की मिस वर्ल्ड विजेता मानुषी छिल्लर पहनाएंगी। अनुकृति की उम्र 19 साल है। वो चेन्नई के लोयोला कॉलेज की स्टूडेंट हैं। वो एक एनजीओ से भी जुड़ी हुई हैं जो ट्रांसजेंडर्स के लिए काम करता है।

शर्दियों की छुट्टियां मानाने के लिए जाएं इन पांच खूबसूरत जगह. होगी स्वर्ग की अनुभूति।

वास ने कुछ दिनों पहले एक इंटरव्यू में कहा था- मेरी एक फ्रेंड ट्रांसजेंडर है। उसकी फैमिली ने उसकी सच्चाई जानकार उसे छोड़ दिया था तभी से मैं ट्रांसजेंडर्स की शिक्षा के लिए काम करती हूं।

खास बात ये है कि एक मॉडल और मिस वर्ल्ड कंटेस्टेंट होने के साथ ही अनुकृति एक स्टेट लेवल एथलीट भी हैं।

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Exit Polls 2018नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों, चुनाव आयोग ने साल 2018 के आखरी दो महीनों नवंबर-दिसंबर के भीतर ही पांच राज्यों : मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ , मिजोरम, तेलंगाना और  राजस्थान के विधानसभा चुनाव को संपन्न कराने का ऐलान करते हुए वोटिंग के तारीखों की घोषणा कर दी थी। इसी क्रम में कल अर्थात 7 दिसंबर को राजस्थान के में मतदान संपन्न होने के साथ ही सभी पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की समाप्ति हो गई और अब सभी उम्मीदवारों की किस्मत बैलेट बॉक्स में बंद हो चुकी है।

सभी दलों के उम्मीदवॉर अपनी किस्मत के फैसले के लिए 11 दिसंबर का इंतज़ार कर रहे हैं क्योंकि यही  वह दिन है जब इनके इम्तेहान के परिणामों की घोषणा की जायेगी। 11 दिसंबर को सभी राज्यों के चुनाव परिणामों की घोषणा कर दी जायेगी।

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दोस्तों वैसे तो ग्यारह तारीख आने में अभी 72 घंटे शेष हैं और इस इंतज़ार में सभी उम्मीदवारों के दिल की धड़कन तेज़ हो चुकी है। भले ही वास्तविक परिणाम आने में अभी 72 घंटे शेष हैं पर एग्जिट पोल्ल के नतीजे आ चुके हैं. अगर एग्जिट पोल के नतीजों को सच मानकर चला जाए तो इस बार जनता ने बीजेपी को पूरी तरह से नकार दिया है और इन सभी पांच राज्यों से बीजेपी का बुरी तरह से सफाया होने वाला है।

आइये एक नज़र डालते हैं एग्जिट पोल के नतीजों पर और देखते हैं पार्टियों के प्रति जनता का क्या है

रिएक्शन …

मध्य प्रदेश एग्जिट पोल्स 

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मध्य प्रदेश में एबीपी न्यूज़ और सीएसडीएस के एग्जिट पोल के अनुसार, मध्यप्रदेश की जनता का बीजेपी के प्रति मोह भांग हो चूका है और बीजेपी के हाथ से सरकार जा सकती है। बीजेपी को सिर्फ 94 सीट मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस को 126 सीट और अन्य के खाते में 10 सीटें जा सकती हैं।

टाइम्स नाओ और सीएनएक्स के सर्वे की माने तो , बीजेपी को 126 सीट, कांग्रेस को 89 सीट, बीएसपी को छह और अन्य को 9 सीटें मिलने का अनुमान है। इंडिया टुडे और एक्सिस माई इंडिया के मुताबिक, मध्य प्रदेश में बीजेपी को 102 से 120, कांग्रेस को 104 से 122, बीएसपी को 1 से 3, और अन्य को 3 से 8 सीटें मिलने की संभावना है।

वहीँ लोकनीति और सीएसडीएस के एग्जिट पोल के अनुसार  मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र की 56 सीटों में से बीजेपी को कुल 20 सीट, कांग्रेस को 33 और अन्य को 3 सीटें मिलती नज़र आ रही हैं। मध्य प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग एक चरण में 28 नवंबर को संपन्न हुई थी। मध्य प्रदेश में  इस समय बीजेपी की सरकार है और शिवराज सिंह चौहान वर्तमान मुख्यमंत्री हैं।

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छत्तीसगढ़ एग्जिट पोल 

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छत्तीसगढ़ में इंडिया टीवी के द्वारा किये  एग्जिट पोल के मुताबिक, बीजेपी को 42 से 50 सीट, कांग्रेस को 32 से 38 सीट , बीएसपी गठबंधन को 6 से 8 सीटें और अन्य को 1 से 3 सीटें मिल सकती हैं। सी-वोटर/रिपब्लिक टीवी के अनुसार बीजेपी को 40 से 48, कांग्रेस को 37 से 43 और बसपा-जेसीसी गठबंधन को 5 से 6 सीटें मिल सकती हैं। सी-वोटर/रिपब्लिक टीवी के अनुसार बीजेपी को 40 फीसदी, कांग्रेस को 40.5 फीसदी और बसपा-जेसीसी गठबंधन को 19.5 फीसदी वोट मिल सकते हैं।

टाइम्स नाओ के अनुसार बीजेपी को 46 सीट , कांग्रेस को 35 सीट और बसपा-जेसीसी गठबंधन को 7 सीटें मिलेंगी। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में मतदान हुए थे। 12 और 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ के लिए वोट वोटिंग किये गए थे। छत्तीसगढ़ के मौजूदा मुख्यमंत्री रमन सिंह हैं और राज्य में इस वक़्त बीजेपी की सरकार है।

 

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राजस्थान एग्जिट पोल 

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राजस्थान में एक्सिस एग्जिट पोल के अनुसार कांग्रेस को 130 सीट पर जीत के साथ बहुमत मिलने अनुमान है। जबकि भारतीय जनता पार्टी को 63 सीट और अन्य को 7 सीट मिल सकती हैं। बसपा को एक भी सीट मिलती नजर नहीं आ रही है। जन की बात के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को 93 सीट और कांग्रेस को 91 सीट जबकि अन्य को 16 सीटें मिलने का अनुमान हैं। रिपब्लिक-जन की बात के एग्जिट पोल के मुताबिक राजस्थान में किसी भी एक पार्टी को बहुमत नहीं है। आज तक-एक्सिस के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को 55-72 सीट, कांग्रेस को 119-141 सीट, और अन्य को 4-11 सीट मिलने का अनुमान लगाया गया है। इंडिया टुडे और ऐक्सिस माय इंडिया एग्जिट पोल के मुताबिक राजस्थान में कांग्रेस को 42 फीसदी, बीजेपी को 37 फीसदी और अन्य को 21 फीसदी वोट मिलने का अनुमान।

 

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रिपब्लिक-सी वोटर के एग्जिट पोल के अनुसार राजस्थान में बीजेपी को कुल 83-103 सीट, कांग्रेस को 81-101 और अन्य को 15 सीट मिलने का अनुमान है। टाइम्स नाअो- सीएनएक्स के एग्जिट पोल के मुताबिक राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बन रही है। इस एग्जिट पोल में कांग्रेस को 105 सीटें, बीजेपी को 85 सीटें मिलने का अनुमान है। राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए आज वोटिंग हुई। राज्य की सभी 200 सीटों में से 199 पर मतदान हुआ। राजस्थान में इस समय बीजेपी की सरकार है और वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री हैं।

तेलंगाना एग्जिट पोल

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टाइम्स नाओ के सर्वे में तेलंगाना में कांग्रेस को 37 सीटें, भाजपा को 7 सीटें और अन्य को 9 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। चुनाव के पहले के हालात देखे जाएं तो कांग्रेस की स्थिति इस बार काफी बेहतर नज़र आ रही है। वहीं टीआरएस की सीटें काफी कम होती नजर आ रही हैं।

तेलंगाना विधानसभा चुनाव आज (शुक्रवार) को सम्पन्न हुए हैं। तेलंगाना में कुल 119 विधानसभा सीटे हैं। केसीआर ने सितंबर महीने में विधानसभा को भंग कर दिया था, जिसके बाद यहां चुनाव हो रहे हैं।

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मिजोरम एग्जिट पोल

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मिजोरम में टाइम्स नाओ और सीएनएक्स  के सर्वे की माने तो इस बार मिजोरम में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिल रही है। एग्जिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक, मिजोरम नेशनल फ्रंट को 18, कांग्रेस को 16 और अन्य के हिस्से में 6 सीटें जा सकती हैं। वहीं सीवोटर-रिप्ब्लिक टीवी के एग्जिट पोल में भी यही स्थिति है। इस एग्जिट पोल में कांग्रेस को 14 से 18, एमएनएफ को 16 से 20 और अन्य के खाते में 0-3 सीटें जाने की उम्मीद है।

मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए 28 नवंबर को मतदान हुए थे। मिजोरम में कुल 40 विधानसभा की सीटें हैं। यहां बहुमत के लिए 21 सीटों की आवश्यकता है। वर्तमान में मिजोरम में कांग्रेस की सरकार है।

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दोस्तों यदि इन पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के लिए आ रहे एक्सिट पोल के अनुमानों को सच माना जाए तो इस बार हर राज्य में कांग्रेस काफी मज़बूती से उभरता हुआ दिखाई दे रहा है। बहरहाल अभी वास्तविक परिणाम आने में काफी समय शेष हैं और सभी उम्मीदवारों की धड़कने समय के साथ तेज़ होती जा रही है।

शर्दियों की छुट्टियां मानाने के लिए जाएं इन पांच खूबसूरत जगह. होगी स्वर्ग की अनुभूति।

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नमस्कार दोस्तों, 

दोस्तों,  पर्यावरण अपने बदलते हुए हर मौसम के साथ हमें एक खूबसूरत अहसास देकर जाता है। बदलते हुए मौसम के साथ प्रकृति का सौंदर्य भी अपने एक नए रूप के साथ हमें लुभाने के लिए प्रस्तुत हो जाती है। ऊपर वाले ने इस दुनिया को अत्यंत ही खूबसूरत बनाया है और अपनी लुभावनी दृश्यों से जीवों को मोहित करने की ताकत दी है। यूँ  तो प्रकृति का हर मौसम और हर रूप का अपना एक अलग ही महत्व है पर इस दुनिया में कुछ जगह ऐसी भी हैं जहां किसी एक विशेष मौसम में प्रकृति कुछ ऐसा श्रृंगार करती है की देखने पर लगता है की जैसे धरती पर स्वर्ग ही उतर आया हो।

आज हम आपको धरती की कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जो के शर्दियों के मौसम में घूमने के लिए अति विशिष्ठ हैं और आपको स्वर्ग की अनुभूति कराते हैं।

1 . कश्मीर

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कश्मीर को धरती का स्वर्ग माना जाता है, आप सभी ने अमिताभ बच्चन पर फिल्माए इस गाने को जरूर सुना होगा ” कितनी खूबसूरत ये तस्वीर है, ये कश्मीर है।” कश्मीर की खूबसूरती का गुणगान कई कवी और गीतकार कर चुके हैं. और आज भी करते रहते हैं पर फिर भी अभी तक कोई शायर अपने शब्दों को कश्मीर की खूबसूरती बयां करने में पूरा नहीं पाता। कश्मीर के बारे में कहा जाता है कि धरती पर कहीं स्वर्ग है तो, यहीं है। यह सच है की यदि आपको धरती पर यदि कहीं जन्नत की अनुभूति होती है तो वह केवल कश्मीर ही हो सकती है कोई और जगह नहीं। कश्मीर की बर्फ से ढकी वादियों को देखकर ऐसा लगता है की मानो ईश्वर ने पुरे कश्मीर को सफ़ेद चादर से ढक  दिया हो। यही वजह है की कश्मीर, हॉलिडे डेस्टिनेशन के लिए लोगों की पहली पसंद है। बर्फ की चादर के अलावा अल्पाइन के पेड़, झरने और खूबसूरत रंग बिरंगे पुष्प आपका मन मोह लेंगे। कश्मीर में अनेकों प्रकार की वनष्पतियाँ और जिव जंतु पाए जाते हैं। कश्मीर के सेब पूरी दुनिया में मशहूर हैं। गुलमर्ग , श्रीनगर , सोनमर्ग और पहलगाम यहां के सबसे खूबसूरत और प्रशिद्ध हिल स्टेशन हैं।

 

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2 . औली 

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उत्तराखंड भी अपनी खूबसूरती को लेकर खासा प्रशिद्ध है। इसी उत्तराखंड के गढ़वाल छेत्र में एक स्थान है औली।  यह केवल 5 से 7 किलोमीटर के दायरे में फैला एक छोटा सा स्कीईंग सेंटर है। कश्मीर का गुलमर्ग और उत्तराखंड की औली  अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ स्कीईंग के लिए काफी प्रसिद्द है।

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3. केदारकाँता ट्रैक 

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उत्तराखंड में कई चर्चित पर्यटन स्थल हैं जहां सैलानि अपनी छुट्टी बिताने के लिए जा सकते हैं।  इन्ही में से एक स्थल है केदारकांत ट्रैक। यदि आप ट्रैकिंग के शौक़ीन हैं तो आपको कम से कम एक बार इस जगह की शेर जरूर करनी चाहिए। केदारकांत  ट्रैक उत्तराखंड के गढ़वाल छेत्र में स्थित है। यह उत्तराखंड का सबसे मशहूर ट्रैकिंग प्लेस है।  लगभग 958 स्क्वायर किलोमीटर के दायरे में बना यह ट्रैकिंग प्लेस आपके ट्रैकिंग के रोमांच को दोगुना कर देगी। बर्फ से ढका हिमालय सैलानियों और ट्रैकिंग के शौकीनों को अपनी और आकर्षित करता है। कैंप एडवेंचर भी इस जगह पर काफी मज़ेदार अनुभव हो सकता है।

दीपवीर के रिसेप्शन में पहुंची राधिका मर्चेंट का अम्बानी फैमिली के साथ दिखा जुड़ाव .

 

4. कुल्लुमानली 

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यदि आप एडवेंचर और प्राकृतिक खूबसूरती का एक साथ लुत्फ़ उठाना चाहते हैं तो मनाली से बेहतर कोई और विकल्प नहीं हो सकता।  जिन्हे अपनी छुट्टियों को अधिक रोमांचक और यादगार बनाने का शौक हो उनके लिए मनाली एक बेहतरीन जगह है। कुल्लू मनाली को भारत में हनीमून डेस्टिनेशन के रूप में भी जाना जाता है। मनाली को देवताओं का गढ़ भी कहा जाता है। इसे यह नाम मनाली की अद्भुत खूबसूरती को देखते हुए दिया गया है।स्कीइंग, हाइकिंग , मॉउंटनियरिंग और पैराग्लाइडिंग के अलावा और भी ऐसे कई एडवेंचर हैं जिनका लुत्फ़ आप यहां उठा सकते हैं।

सर्वे रिपोर्ट से नरेंद्र मोदी को झटका। छत्तीसगढ़ और राजस्थान में इस पार्टी की बन रही सरकार।

 

5. शिमला 

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हिमांचल प्रदेश की राजधानी शिमला भी अपनी खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। एक खूबसूरत पर्यटन स्थल के रूप में यह पूरी दुनिया में प्रसिद्द है। शिमला का यह नाम देवी श्यामल के नाम पर रखा गया है जिसे माँ काली का अवतार माना जाता है। शिमला, लगभग 7267 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। यह जगह हिमालय की गॉड में बसी है और शर्दियों में यहाँ की वादियों में जमी बर्फ की ज़मी चादर इस जगह की खूबसूरती पे चार चाँद लगा देती है। फिशिंग, स्कीईंग के अलावा यहां की खूबसूरत वादियों का नज़ारा लेने के लिए हर साल यहां लाखों की संख्या में सैलानी आते हैं।

आमिर खान ने खुद को ठहराया “ठग्स ऑफ़ हिन्दुस्तान” की नाकामी का ज़िम्मेदार

 

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जानिए क्या है ब्लॉकचेन ( बिटकॉइन ), कैसे काम करती है और क्या है इसकी तेज़ी का राज ?

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नमस्कार दोस्तों,

खबर तहलका न्यूज़ में आप सभी पाठकों का हार्दिक स्वागत है. दोस्तों इस न्यूज़ में आगे बढ़ने से पहले आप सभी से मेरी गुज़ारिश है की यदि अभी तक आपने इस न्यूज़ को फॉलो/सब्सक्राइब नहीं किया है तो जल्द से जल्द कर दें ताकि आप किसी जरुरी खबर से चूक न जाएं। 

दोस्तों, आज हम बात करने जा रहे हैं, हाल ही में अस्तित्व आये डजीटल करेन्सी ( डजीटल मुद्रा ) ब्लॉकचैन अर्थात बिटकॉइन के बारे में। दोस्तों पिछले एक साल से बिटकॉइन या ब्लॉकचैन काफी सुर्खियों में रहा है। बिटकॉइन की बढ़ती कीमत ने लगभग हर व्यक्ति का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है, बिटकॉइन की बढ़ती कीमतों ने हर इन्वेस्टर का ध्यान अपनी और खिंचा है ओर उनके दिलों में काफी उम्मीदें भी पैदा की है। दोस्तों बिटकॉइन या ब्लॉकचैन एक डजीटल मुद्रा प्रणाली है और अभी दुनिया के 70 प्रतिशत लोगों को इसकी प्रारंभिक जानकारी भी नहीं है. बिटकॉइन का कांसेप्ट इतना जटिल है की इसके इन्वेस्टर्स तक को इसकी पूरी जानकारी नहीं पता और वे केवल इसमें लगातार आ रही तेज़ी की वजह से अपने लाभ के प्रति आशान्वित होकर ब्लॉकचैन में इन्वेस्ट कर रहे है.

यदि आप सोचते हैं की आप बिटकॉइन और ब्लॉकचैन के बारे में सबकुछ जानते हैं तो यह आर्टिकल आपके इस सोच पर प्रश्न चिन्ह लगा सकती है।  और यदि आप इसके बारे में पूरी तरह से अनजान है तो फिर यह आर्टिकल आप ही के लिए है। तो चलिए मुद्दे पर आते है।

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दोस्तों बिटकॉइन का सम्बन्ध ब्लॉक चैन से है इसलिए बिटकॉइन को जानने से पहले आपको ब्लॉकचैन को अच्छी तरह समझना होगा।

ब्लॉकचैन टेक्निक हमारे आईटी इंडस्ट्री को ठीक वैसे ही बदलने वाला है जैसे की एक दसक पहले ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर ने इस इंडस्ट्री को बदला था। जिस प्रकार ऑपरेटिंग सिस्टम Linux ( लिनक्स ) पिछले एक दशक से मॉडर्न एप्लीकेशन डेवलपमेंट का मूल श्रोत रहा है, ठीक उसी प्रकार ब्लॉकचैन भी आने वाले समय में इनफार्मेशन शेयर करने का एक बेहतरीन जरिया बनने वाला है। जो भी लोअर कॉस्ट होगा, ओपन और प्राइवेट नेटवर्क के बीच इस पर बड़ी आसानी से इम्प्लीमेंट किया जा सकता है। ब्लॉकचैन में आई तेज़ी के साथ ही इसे लेकर लोगों के बीच काफी भ्रांतियां भी उत्पन्न हुई थी। क्यों की लोगों को लगने लगा की यह हमारे भविष्य की टेक्नोलॉजी को पूरी तरह से बदल सकती है। हलाकि यह बात काफी हद तक सही भी है पर इन आसान शब्दों में कहने से हर किसी को पूरी बात समझ में नहीं आएगी। हमें ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी के हर पहलु को पूरी तरह से समझना होगा। जब कहीं जाकर हम यह जान पाएंगे की यह मौजूदा टेक्नोलॉजी से किस तरह और कितना बेहतर है।

फिरहाल अभी इस टेक्नोलॉजी की हर किसी को पूरी जानकारी न होने की वजह से इसे अपनाने की गति काफी धीमी है पर जानकारों के अनुसार यह गति धीरे धीरे तेज़ होती जाआइये जानते हैं की क्या है ब्लॉकचैन.

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ब्लॉकचैन एक digital ledger है। अब आपके मन में यह सवाल उठा होगा की आखिर ledger क्या है? ledger एक ऐसा बुक है जो की ऐसे एकाउंट्स का संग्रह रखता है जहां डेबिट्स और क्रेडिट्स ट्रांज़ैक्शन पोस्ट होते हैं। इसे हम ऐसा भी कह सकते हैं कि ओरिजिनल बुक की एंट्री इस बुक में अपडेट होती रहती है।

हम यह भी कह सकते हैं की ब्लॉकचैन, डिजिटलाइजड डेन्ट्रलाइज़्ड पब्लिक लेजर होती है।

आइए हम आसान शब्दों में समझते हैं की ब्लॉकचैन कैसे काम करती है।

यह मान कर चलते हैं की हमारे कंप्यूटर में एक ट्रांसक्शन फाइल ( A “नोड” ) है जो की हमारे कंप्यूटर ( A ‘ledger” ) में है। अब दो सरकारी अकाउंटेंट, हम जिन्हे मिंटेर्स कहते हैं के पास भी यही सामान फाइल उनके सिस्टम में भी है। अब हम इस फाइल को डिस्ट्रिब्यूटेड फाइल कहेंगे। जैसे ही आप कोई एक ट्रांसक्शन करते हैं तो आपका कंप्यूटर उन दोनों सरकारी अकाउंटेंट को एक ईमेल भेजकर आपके ट्रांसक्शन की सुचना देता है।

हर एक अकाउंटेंट स्वतंत्र रूप से सबसे पहले यह चेक करना चाहता है की आप इस ट्रांसक्शन को पूरा सक्षम हैं या यही और इस ट्रांसक्शन के बदले उन्हें उनकी सैलरी अर्थात बिटकॉइन मिल सकती है या नहीं। अब इन दोनों अकाउंटेंट में से जो भी सबसे पहले इसे चेक करता है और इस ट्रांसक्शन को वैलिडेट करके रिप्लाई आल पर प्रेस करता है वहीँ इसके साथ वह अपने लॉजिक को भी अटैच कर देता है उस ट्रांसक्शन को वेरीफाई करने के लिए इस प्रक्रिया को प्रूफ ऑफ़ वर्क कहा जाता है। यदि इसी बीच दूसरा अकाउंटेंट भी सहमत हो जाता है तब सभी अपने फाइल्स ऑफ़ ट्रांसक्शन को अपडेट कर लेते हैं। इस पूरी प्रक्रिया या कांसेप्ट को ही ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी कहा जाता है।

ब्लॉकचैन, लेनदेन का एक ऐसा ईमानदार डिजिटल संयोजक है जिसे की प्रोग्राम किया जा सकता है सभी लेन-देन को उनके वास्तविक स्वरुप में संयोजित करने के लिए। ब्लॉकचैन में संयोजित की गई सूचि को ही ब्लॉक कहा जाता है। इसलिए ब्लॉकचैन लगातार बढ़ती सूचनाओं की सूचि है जो की लिंक्ड और सुरक्षित होते हैं.

कौन हैं ब्लॉकचैन कांसेप्ट के जनक.

सतोष नकामोटो ने साल 2008 में ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी को विकशित किया