जानिए क्या है ब्लॉकचेन ( बिटकॉइन ), कैसे काम करती है और क्या है इसकी तेज़ी का राज ?

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नमस्कार दोस्तों,

खबर तहलका न्यूज़ में आप सभी पाठकों का हार्दिक स्वागत है. दोस्तों इस न्यूज़ में आगे बढ़ने से पहले आप सभी से मेरी गुज़ारिश है की यदि अभी तक आपने इस न्यूज़ को फॉलो/सब्सक्राइब नहीं किया है तो जल्द से जल्द कर दें ताकि आप किसी जरुरी खबर से चूक न जाएं। 

दोस्तों, आज हम बात करने जा रहे हैं, हाल ही में अस्तित्व आये डजीटल करेन्सी ( डजीटल मुद्रा ) ब्लॉकचैन अर्थात बिटकॉइन के बारे में। दोस्तों पिछले एक साल से बिटकॉइन या ब्लॉकचैन काफी सुर्खियों में रहा है। बिटकॉइन की बढ़ती कीमत ने लगभग हर व्यक्ति का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है, बिटकॉइन की बढ़ती कीमतों ने हर इन्वेस्टर का ध्यान अपनी और खिंचा है ओर उनके दिलों में काफी उम्मीदें भी पैदा की है। दोस्तों बिटकॉइन या ब्लॉकचैन एक डजीटल मुद्रा प्रणाली है और अभी दुनिया के 70 प्रतिशत लोगों को इसकी प्रारंभिक जानकारी भी नहीं है. बिटकॉइन का कांसेप्ट इतना जटिल है की इसके इन्वेस्टर्स तक को इसकी पूरी जानकारी नहीं पता और वे केवल इसमें लगातार आ रही तेज़ी की वजह से अपने लाभ के प्रति आशान्वित होकर ब्लॉकचैन में इन्वेस्ट कर रहे है.

यदि आप सोचते हैं की आप बिटकॉइन और ब्लॉकचैन के बारे में सबकुछ जानते हैं तो यह आर्टिकल आपके इस सोच पर प्रश्न चिन्ह लगा सकती है।  और यदि आप इसके बारे में पूरी तरह से अनजान है तो फिर यह आर्टिकल आप ही के लिए है। तो चलिए मुद्दे पर आते है।

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दोस्तों बिटकॉइन का सम्बन्ध ब्लॉक चैन से है इसलिए बिटकॉइन को जानने से पहले आपको ब्लॉकचैन को अच्छी तरह समझना होगा।

ब्लॉकचैन टेक्निक हमारे आईटी इंडस्ट्री को ठीक वैसे ही बदलने वाला है जैसे की एक दसक पहले ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर ने इस इंडस्ट्री को बदला था। जिस प्रकार ऑपरेटिंग सिस्टम Linux ( लिनक्स ) पिछले एक दशक से मॉडर्न एप्लीकेशन डेवलपमेंट का मूल श्रोत रहा है, ठीक उसी प्रकार ब्लॉकचैन भी आने वाले समय में इनफार्मेशन शेयर करने का एक बेहतरीन जरिया बनने वाला है। जो भी लोअर कॉस्ट होगा, ओपन और प्राइवेट नेटवर्क के बीच इस पर बड़ी आसानी से इम्प्लीमेंट किया जा सकता है। ब्लॉकचैन में आई तेज़ी के साथ ही इसे लेकर लोगों के बीच काफी भ्रांतियां भी उत्पन्न हुई थी। क्यों की लोगों को लगने लगा की यह हमारे भविष्य की टेक्नोलॉजी को पूरी तरह से बदल सकती है। हलाकि यह बात काफी हद तक सही भी है पर इन आसान शब्दों में कहने से हर किसी को पूरी बात समझ में नहीं आएगी। हमें ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी के हर पहलु को पूरी तरह से समझना होगा। जब कहीं जाकर हम यह जान पाएंगे की यह मौजूदा टेक्नोलॉजी से किस तरह और कितना बेहतर है।

फिरहाल अभी इस टेक्नोलॉजी की हर किसी को पूरी जानकारी न होने की वजह से इसे अपनाने की गति काफी धीमी है पर जानकारों के अनुसार यह गति धीरे धीरे तेज़ होती जाआइये जानते हैं की क्या है ब्लॉकचैन.

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ब्लॉकचैन एक digital ledger है। अब आपके मन में यह सवाल उठा होगा की आखिर ledger क्या है? ledger एक ऐसा बुक है जो की ऐसे एकाउंट्स का संग्रह रखता है जहां डेबिट्स और क्रेडिट्स ट्रांज़ैक्शन पोस्ट होते हैं। इसे हम ऐसा भी कह सकते हैं कि ओरिजिनल बुक की एंट्री इस बुक में अपडेट होती रहती है।

हम यह भी कह सकते हैं की ब्लॉकचैन, डिजिटलाइजड डेन्ट्रलाइज़्ड पब्लिक लेजर होती है।

आइए हम आसान शब्दों में समझते हैं की ब्लॉकचैन कैसे काम करती है।

यह मान कर चलते हैं की हमारे कंप्यूटर में एक ट्रांसक्शन फाइल ( A “नोड” ) है जो की हमारे कंप्यूटर ( A ‘ledger” ) में है। अब दो सरकारी अकाउंटेंट, हम जिन्हे मिंटेर्स कहते हैं के पास भी यही सामान फाइल उनके सिस्टम में भी है। अब हम इस फाइल को डिस्ट्रिब्यूटेड फाइल कहेंगे। जैसे ही आप कोई एक ट्रांसक्शन करते हैं तो आपका कंप्यूटर उन दोनों सरकारी अकाउंटेंट को एक ईमेल भेजकर आपके ट्रांसक्शन की सुचना देता है।

हर एक अकाउंटेंट स्वतंत्र रूप से सबसे पहले यह चेक करना चाहता है की आप इस ट्रांसक्शन को पूरा सक्षम हैं या यही और इस ट्रांसक्शन के बदले उन्हें उनकी सैलरी अर्थात बिटकॉइन मिल सकती है या नहीं। अब इन दोनों अकाउंटेंट में से जो भी सबसे पहले इसे चेक करता है और इस ट्रांसक्शन को वैलिडेट करके रिप्लाई आल पर प्रेस करता है वहीँ इसके साथ वह अपने लॉजिक को भी अटैच कर देता है उस ट्रांसक्शन को वेरीफाई करने के लिए इस प्रक्रिया को प्रूफ ऑफ़ वर्क कहा जाता है। यदि इसी बीच दूसरा अकाउंटेंट भी सहमत हो जाता है तब सभी अपने फाइल्स ऑफ़ ट्रांसक्शन को अपडेट कर लेते हैं। इस पूरी प्रक्रिया या कांसेप्ट को ही ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी कहा जाता है।

ब्लॉकचैन, लेनदेन का एक ऐसा ईमानदार डिजिटल संयोजक है जिसे की प्रोग्राम किया जा सकता है सभी लेन-देन को उनके वास्तविक स्वरुप में संयोजित करने के लिए। ब्लॉकचैन में संयोजित की गई सूचि को ही ब्लॉक कहा जाता है। इसलिए ब्लॉकचैन लगातार बढ़ती सूचनाओं की सूचि है जो की लिंक्ड और सुरक्षित होते हैं.

कौन हैं ब्लॉकचैन कांसेप्ट के जनक.

सतोष नकामोटो ने साल 2008 में ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी को विकशित किया

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