विधान सभा चुनाव विश्लेषण : कांग्रेस को जिताने में बीजेपी की मेहनत.

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नमश्कार दोस्तों,

दोस्तों, साल 2018 ने जाते-जाते भाजपा के अभिमानी उड़न खटोले से सारा ईंधन चूस लिया है। साल के आखिर में हुए पांच राज्यों के विधान सभा चुनाव के परिणाम 11 दिसंबर को घोषित किये गए। परिणाम सामने आते ही बीजेपी प्रत्याशियों एवं पार्टी हाई कमान के चेहरे का रंग पूरी तरह से उड़े हुए नज़र आये। चौतरफा मिली हार से चेहरे पे ऐसी मायूसी छाई जीसे प्रत्याशियों के साथ-साथ देश के प्रधानमंत्री तक नहीं छुपा पाए।

11 दिसंबर 2018 : विधानसभा चुनाव रिजल्ट की ताजा खबर

 

यह वक्त बीजेपी के लिए शोक करने का नहीं बल्कि आत्म मंथन करने का है। जिस पार्टी को देश की जनता ने साल 2014 में पूर्ण बहुमत से जिताया था और कांग्रेस को इतना भी वोट नहीं मिला था की वो विपक्ष के तौर पर भी खड़ा हो सके, उस पार्टी की विधान सभा चुनाव में ऐसी शिकस्त सोचनीय है।

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दोस्तों अगर बीजेपी के सत्ता में आने से लेकर अबतक के शासन काल पर और कार्यप्रणाली पर गौर किया जाए तो बीजेपी को अपनी हार की मुख्य वजह पता चल जायेगी। इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप खुद ही मान जाएंगे की बीजेपी ने अपना पूरा पांच साल का कार्यकाल कांग्रेस और राहुल को मज़बूत बनाने में लगा दी। साथ ही इस विधान-सभा चुनाव में बीजेपी ने अपनी पूरी मेहनत कांग्रेस को जिताने में लगा दी।

आइये जानते हैं बीजेपी की हार के मुख्य कारण।

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1 . चुनाव पूर्व किये वादों को जीत के बाद बताया जुमला। 

इस बात पर कोई शक नहीं की हमारे पीएम को कोई बातों में हरा नहीं सकता। नरेंद्र मोदी जी एक कुशल वक्ता हैं और अपनी मन-मोहनी बातों से वे देश की जनता का विश्वास जितने में पूर्ण रूप से सफल हुए थे। यही वजह है की 2014 के चुनाव में बीजेपी ने मोदी को बीजेपी का केंद्रबिंदु बनाकर अपने तारणहार के रूप में सबसे आगे रखा और बाकि सभी बड़े छोटे तज़ुर्बेकार मोदी जी के पीछे खड़े होकर सुहावने सपने देखने लगे।

मोदी जी ने अपने लुभावने वादों से जनता का दिल जीता और बीजेपी का सत्ता पाने का सुखद स्वप्न पूरा हो गया। पर सत्ता मिलते ही उसकी चमक से बीजेपी की आंखें चौंधिया गई और उसे जनता से किया हर वादा चुनावी जुमला लगने लगा।

एक कुशल वक्ता कामयाबी शायद हासिल कर भी ले पर कामयाबी पर काबिज़ रहने की काबलियत हाशिल करने के लिए एक अच्छा श्रोता होना बहोत ज़रूरी है।

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मोदी जी के वो वादे जो चुनाव के बाद जुमला बन गए .. … …

कालाधन वापिस लाने की बात को बताया चुनावी जुमला।

हर नागरिक को 15 लाख देने का लालच देकर चुनाव जीता फिर बताया चुनावी जुमला।

हर साल तीन करोड़ रोजगार देने का वादा 

सत्ता में आने के बाद जीएसटी लागु कर दो करोड़ लोगों का रोजगार छीन लिया और जब बेरोजगारों ने रोजगार की मांग की तो मोदी जी ने गैर ज़िम्मेदाराना बयान देते हुए देश के युवाओं को पकोड़े बेचने की सलाह दे डाली।

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अगर मोदी जी अपने वादों पर खरे उतरते तो कांग्रेस को कड़ी मेहनत करनी पड़ती जनता के दिल से मोदी और बीजेपी का विश्वास घटाने के लिए। पर यह काम बीजेपी और मोदी जी ने खुद ही अपने वादा खिलाफी और गलत बयानों से पूरा कर दिया।

2 . काम के नाम पर केवल योजनाओं का नाम परिवर्तन। 

इंद्रा आवास योजना को बदल कर किया प्रधानमंत्री अटल आवास योजना।

राजिव गांधी ग्रामीण विद्द्युत योजना का नाम बदलकर बदलकर किया दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति परियोजना। नगरों और सड़कों के भी बदले नाम .

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3. नई योजनाओं के नाम पर देश की जनता का उड़ाया मज़ाक। 

मुद्रा योजना।

यह योजना सिर्फ दस्तावेजों तक ही सिमित रही. नए व्यवसायी और बेरोजगार युवकों को स्वरोजगार के लिए सहायता के नाम पर बिना ग्यारंटी के 10 लाख तक का लोन देने की बात करने वाली मोदी सरकार ने जरुरत मंदों को ग्यारंटी मांगकर भी 20000 से अधिक की राशि नहीं दी।

डीजिटल इंडिया।

देश की जनता के बिजली और पानी तक की मूलभूल जरूरतों की समस्या को अनदेखा कर पीएम मोदी ने डीजिटल इंडिया का सपना दिखाया जिसमे शहरी युवा अपना भविष्य देखने लगे जबकि मोदी जी यह भूल गए की देश की 70 प्रतिशत आबादी गाओं में रहती है और उन्हें डिजिटल बनने से पहले आत्मनिर्भर होने की जरुरत है। अपना परिवार पलने के लिए रोजगार की जरुरत है।

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कैशलेस भारत। 

जिस देश की अधिकतर छेत्र में बात करने तक के लिए नेटवर्क उपलब्ध नहीं है वहां केवल शहरों को ध्यान में रखते हुए मोदी जी ने आम जनता के हाथों छीन लिया और मोबाइल एवं अन्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से लेनदेन करने की बात कह कर अशिक्षित और पिछड़े छेत्र के नागरिकों का जीना मुश्किल कर दिया।

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देश को डिजिटल बनाने का वादा कर सत्ता में आई बीजेपी सरकार ने अपने चार साल देश की जनता को जाती एवं धर्म के नाम पर लड़ाने में निकाल दिया। बीजेपी सरकार की सत्ता में आते ही देश के हिन्दुओं को और हिंदुत्व को न जाने कहाँ से खतरा होने लगा। नोट बंदी के नाम पर 126 लोगों की हत्या करने वाले मोदी जी ने इन मौतों की ज़िम्मेदारी लेना भी जरुरी नहीं समझा।

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यही वजह है की मोदी सरकार द्वारा बार बार की गई गलतियों का फायदा कांग्रेस को मिलता रहा और कांग्रेस ने इन मौकों को बखूबी भुनाया। आज यदि राहुल गाँधी एक सफल राजनीतिज्ञ के रूप में उभरे हैं तो इसका सारा श्रेय बीजेपी को जाता है।

रजनीकांत की ‘2.0’ के बाद नया धमाका, डैशिंग अंदाज में दिखे रजनीकांत.

 Rajinikanth Petta Teaser: रजनीकांत की '2.0' के बाद नया धमाका, डैशिंग अंदाज में दिखे Thalaiva

साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत के 68वें जन्मदिन के मौके पर उनकी आने वाली फिल्म ‘पेटा’ (Petta) का टीजर रिलीज करके उन्हें ट्रिब्यूट दिया गया। अभिनेता रजनीकांत अपनी इस फिल्म में एक बार फिर एक गैंगस्टर की भूमिका में दिखाई देंगे। फिल्म में उनका नया लुक देखने के बाद आप भी थलाइवा के स्टाइल के दीवाने हो जाएंगे. पेटा फिल्म के इस टीजर में कोई भी डायलॉग नहीं है, लेकिन रजनीकांत का अनोखा अंदाज देखने के बाद आपका इस फिल्म को देखने के लिए उत्सुक होना तय है.

अभिनेता रजनीकांत के जन्म दिन पर जानिये उनके बस कंडक्टर से सुपरस्टार बनने तक का सफर।

 इस फिल्म में रजनीकांत अपने पुरानी फिल्मों वाले अंदाज़ में नज़र आ रहे हैं। एक तरफ लंबे बाल व दाढ़ी का लुक तो एक और लुक में लंबी मूछों के साथ रजनीकांत जबरदस्त अंदाज में  अभिनय करते दिखाई पड़ रहे है। इस फिल्म को डायरेक्टर कार्तिक सुब्बाराज डायरेक्ट कर रहे हैं. ‘पेटा’ फिल्म में विजय सेतुपति, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, सिमरन, मालविका मोहनन, मेघा आकाश, बॉबी सिम्हा और तृषा जैसे बॉलीवुड के कई बड़े स्टार्स भी हैं।

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देखें टीजर-

रजनीकांत की फिल्म ‘Robot 2.0’ जबरदस्त हिट होने के बाद तमिल की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘पेटा’ (Petta) का टीजर रिलीज किया गया. पेटा का पहले भी फर्स्ट लुक आ चुका है. फिल्म के डायरेक्टर कार्तिक सुब्बाराज की यह रजनीकांत के साथ पहली फिल्म हैं. वहीं विजय सेतुपति और तृषा भी पहली बार रजनीकांत के साथ स्क्रीन शेयर करेंगे. नवाजुद्दीन सिद्दीकी कॉलीवुड (तमिल फिल्म) में पहली बार अभिनय कर रहे हैं. अनिरुध रविचंदर भी पहली बार रजनीकांत के लिए इस फिल्म में म्यूजिक कम्पोज कर रहे हैं. ‘पेटा’ फिल्म के टीजर में थलाइवा के अलग-अलग लुक की वजह से दर्शकों के बीच  पहले से ही काफी उत्सुकता बना दी है.

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बड़े बजट की इस फिल्म की शूटिंग देश के अलग-अलग हिस्सों में की गई है. दार्जलिंग, लखनऊ, देहरादून, रेडहिल्स और चेन्नई में शूटिंग की गई इस फिल्म में रजनीकांत एक गैंगस्टर की भूमिका निभा रहे हैं।  साउथ इंडिया का आने वाला त्योहार पोंगल में इस बार काफी इंटरेस्टिंग होने वाला है. रजनीकांत  की इस फिल्म के अलावा बॉक्स ऑफिस पर साउथ स्टार एक्टर अजीत की फिल्म ‘विश्वासम’ भी इसी दिन रिलीज होने जा रही है. अब देखना यह है की इन दोनों सितारों में से किसकी किस्मत बुलंद है और किसकी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाती है। 

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अभिनेता रजनीकांत के जन्म दिन पर जानिये उनके बस कंडक्टर से सुपरस्टार बनने तक का सफर।

नमस्कार दोस्तों,

 साउथ में भगवान की तरह पूजे जाने वाले  सुपरस्टार एक्टर रजनीकांत का आज जन्म दिन है।रजनीकांत आज अपना 68वां जन्मदिन मना रहे हैं। लम्बे इंतज़ार के बाद हाल ही में रिलीज़ हुई रजनीकांत की फिल्म ‘2.0’  बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त धमाल मचा रही है. आज हम बात करेंगे रजनीकांत के जीवन  की फर्श से अर्श तक  उठने के पीछे छुपे संघर्ष के कहानी की। . रजनीकांत  आज इतने बड़े सुपरस्टार होने के बावजूद जमीन से जुड़े हुए हैं. वह फिल्मों के किरदार से बाहर   निकलते ही असल जिंदगी में एक सामान्य व्यक्ति की तरह ही जीवन व्यतीत करते हैं और उनके प्रशंसक उन्हें  केवल प्यार ही नहीं करते बल्कि उन्हें पूजते भी हैं. उनका संघर्ष अपने आप में प्रेरणादायी है कि कैसे एक बढ़ई और बेंगलुरु परिवहन सेवा (बीटीएस) के एक मामूली बस कंडक्टर और कुली से आज एक सुपरस्टार बन गए. लेकिन इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत भी की.
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सुपरस्‍टार रजनीकांत के जन्‍मदिन पर उनके जीवन से जुड़ी झलकियां

अपने अनोखे अंदाज और बेहतरीन अभिनय से फिल्म जगत में अलग मुकाम हासिल कर चुके सुपरस्टार रजनीकांत  के बारे में आज शायद ही कोई ऐसा  शख्स होगा जो नहीं जानता हो।  यह एक ऐसा नाम है, जो टॉलीवूड से लेकर बॉलीवुड तक सभी की जुबां पर चढ़कर बोलता है. उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष किया है. उनका जन्म 12 दिसंबर, 1950 को बेंगलुरु में हुआ. उनके बचपन का नाम शिवाजी राव गायकवाड़ है. रजनीकांत के पिता रामोजी राव गायकवाड़ एक हवलदार थे. मां जीजाबाई की मौत के बाद चार भाई-बहनों में सबसे छोटे रजनीकांत को अहसास हुआ कि घर की माली हालत ठीक नहीं है. बाद में उन्होंने परिवार को सहारा देने के लिए कुली का भी काम किया.

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एक कंडक्टर के तौर पर भी उनका अंदाज किसी फिल्मी सितारे से कम नहीं था. वह अलग तरह से टिकट काटने और सीटी मारने की अपनी शैली को लेकर बस यात्रियों और दूसरे बस कंडक्टरों के बीच काफी मशहूर हो चुके थे. कई मंचों पर नाटक में अभिनय करने के कारण फिल्मों और अभिनय के लिए उनका शौक बढ़ता गया और वही शौक धीरे-धीरे जुनून में तब्दील हो गया. इस वजह से उन्होंने अपना काम छोड़कर चेन्नई के अद्यार फिल्म इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया. वहां इंस्टीट्यूट में एक नाटक के दौरान मशहूर फिल्म निर्देशक के. बालाचंदर की नजर रजनीकांत पर पड़ी और वो रजनीकांत से इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने रजनीकांत को एक फिल्म के लिए किरदार निभाने के लिए प्रस्ताव दिया।

सुपरस्‍टार रजनीकांत के जन्‍मदिन पर उनके जीवन से जुड़ी झलकियां

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इस तरह उनके करियर की शुरुआत बालाचंदर निर्देशित तमिल फिल्म ‘अपूर्वा रागंगाल’ (1975)  में एक खलनायक के रूप में हुई। यह भूमिका यूं तो छोटी थी, लेकिन इसने उन्हें आगे और भूमिकाएं हासिल करने के लिए रस्ते खोल दिए। यही वजह है की रजनीकांत के. बालाचंदर को अपना गुरु भी मानते हैं. इस फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया था. रजनीकांत ने एथीरात कॉलेज की छात्रा लता से शादी की है. लता ने कॉलेज मैगजीन के लिए उनका इंटरव्यू लिया था. वे 26 फरवरी, 1981 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में सात फेरे लेकर एक दूसरे के साथ परिणय सूत्र में बांध गए .

 

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आज उनकी दो बेटियां हैं- ऐश्वर्या रजनीकांत और सौंदर्या रजनीकांत और उनकी पत्नी लता ‘द आश्रम’ नामक एक स्कूल चलाती हैं. बेटी ऐश्वर्या की शादी अभिनेता धनुष के साथ 18 नवंबर, 2004 को हुई थी. उनकी छोटी बेटी तमिल फिल्म उद्योग में निर्देशक, निर्माता और ग्राफिक डिजाइनर के तौर पर काम करती हैं। 3 सितंबर 2010 को वह उद्योगपति आश्विन रामकुमार के साथ शादी के बंधन में बंध गई.

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हर इंसान को बड़ी कामयाबी से पहले जीवन की कड़ी चुनौतियों से होकर गुजरना  पड़ता है। रजनीकांत का फिल्मी करियर भी उतार-चढ़ाव से भरा रहा . उन्होंने पर्दे पर पहले नकारात्मक भूमिका और खलनायकी से अपने अभिनय की शुरुवात की।  इसके बाद उन्होंने अन्य भूमिकाएं निभाईं और अंतत: उन्होंने नायक के तौर पर फिल्म जगत में खुद को स्थापित करने में कामयाबी हासिल की. करियर की शुरुआत में तमिल फिल्मों में खलनायक की भूमिकाएं निभाने के बाद वह धीरे-धीरे एक स्थापित अभिनेता की तरह उभरे. तेलुगू फिल्म ‘छिलाकाम्मा चेप्पिनडी’ (1975) में उन्हें मुख्य अभिनेता की भूमिका मिली. इस फिल्म को मिली सफलता और अपने जोरदार अभिनय की सराहना के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. कुछ सालों में ही रजनीकांत तमिल सिनेमा में एक सुपरस्टार के तौर पर पहचाने जाने लगे और तब से सिनेमा जगत में एक प्रतिमान बने हुए हैं.

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अभिनेता रजनीकांत ने अन्य देशों की फिल्मों में भी काम किया है, जिनमें अमेरिका की फिल्में भी शामिल हैं. बॉलीवुड में उन्होंने ‘मेरी अदालत’, ‘जॉन जॉनी जनार्दन’, ‘भगवान दादा’, ‘दोस्ती दुश्मनी’, ‘इंसाफ कौन करेगा’, ‘असली नकली’, ‘हम’, ‘खून का कर्ज’, ‘क्रांतिकारी’, ‘अंधा कानून’, ‘चालबाज’, ‘इंसानियत का देवता’ जैसी हिंदी फिल्मों  में  काम किया है और एक खास मुकाम बनाया है.

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वर्ष 2014 में रजनीकांत छह तमिलनाडु स्टेट फिल्म अवार्डस से नवाजे गए, जिनमें से चार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और दो स्पेशल अवार्डस सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए मिले. साल 2000 में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया. इसके अलावा, 45वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (2014) में रजनीकांत को सेंटेनरी अवॉर्ड फॉर इंडियन फिल्म पर्सनेल्टिी ऑफ द ईयर से सम्मानित किया गया. हाल ही में फिल्म ‘2.0’ में नजर आए सुपरस्टार रजनीकांत की खूब वाहवाही हो रही है. यह अब  तक की सबसे मंहगी फिल्म बताई जा रही है और अभिनेता रजनीकांत के अभिनय की हर तरफ तारीफ हो रही है।

 

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प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीकार ली अपनी हार. राहुल गाँधी को दी जीत की बधाई।

पीएम नरेंद्र मोदी (फोटोः ट्विटर)

नमस्कार दोस्तों,

बचे हुए पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए थे जिनके आज परिणाम सामने आये है।  जिसमें 4 राज्यों में यह साफ़ हो चूका है की किसकी सरकार बन रही है।  छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाने जा रही है जबकि मध्य प्रदेश का परिणाम अभी भी साफ़ नहीं हो पाया है की बहुमत किसे मिलेगी। मध्यप्रदेश में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टी के बीच कांटे की टक्कर जारी है।  तेलंगाना में टीआरएस को प्रचंड बहुमत मिला है।  वहीं मिजोरम में मिजो नेशनल फ्रंट पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है. इन चुनावों को 2019 के लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा था. ऐसे में विधान सभा चुनाव के परिणामों को मोदी सरकार की बड़ी हार के रूप में देखा जा रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी ने भी अपनी हार स्वीकार कर ली है और जीतने वाली पार्टियों को बधाई दी है. वहीं वित्त मंत्री अरूण जेटली का कहना है कि लोकसभा के चुनाव केंद्र सरकार की परफार्मेंस और नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व के दम पर लाडे जाएंगे।

नरेंद्र मोदी ने दी कांग्रेस और अन्य विजेता पार्टियों को बधाई। 

कांग्रेस को जीत के लिए बधाई। तेलंगाना में प्रचंड बहुमत के लिए केसीआर को बधाई और मिजोरम में जीत के लिए एमएनएफ को बधाई: नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

पीएम मोदी ने बधाई देते हुए कहा कि ‘हम जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करते हैं. मैं सेवा का अवसर देने के लिए छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान की जनता का शुक्रिया अदा करता हूं. बीजेपी ने इन राज्यों में जनता के कल्याण के लिए अथक प्रयास किया.’ : नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

इस दौरान पीएम मोदी ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा, ‘विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों ने रात-दिन काम किया. मैं इनके कठिन परिश्रम को सैल्यूट करता हूं. जीत और हार जिंदगी का अभिन्न हिस्सा है. आज के नतीजे लोगों की सेवा करने और भारत के विकास के लिए कठिन परिश्रम करने के हमारे संकल्प को आगे बढ़ाएंगे.’

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव परिणाम 2018 : कांग्रेस को वेलकम बीजेपी को बाय बाय।

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नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों छत्तीसगढ़ विधान सभा चुनाव के नतीजों के लिए आज वोटों की गिनती सुबह से जारी है. आज जैसे जैसे ईवीएम मशीन खुलते गए और वोटों की गिनती होने लगी वैसे वैसे कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों और समर्थकों के चेहरे पर खुसी का भाव उभरने लगा. वहीँ दूसरी और भाजपा के चेहरे पर मायुशि छाती दिखाई पड़ने लगी.

 

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव परिणाम 2018

दोस्तों आज सुबह जैसे ही ईवीएम मशीने खुले और वोटों की गिनती शुरू हुई तो सुरुवाती 45 मिनटों में ही छत्तीसगढ़ की जनता ने यह साफ़ कर दिया की उनका रुख किस और है और वो क्या सोचती है। बढ़ते समय के साथ जहां एक और कांग्रेस के सीटों की संख्या बढ़ती गई वहीँ दूसरी और भारतीय जनता पार्टी का सफाया होते दिखाई दिया।

11 दिसंबर 2018 : विधानसभा चुनाव रिजल्ट की ताजा खबर

 

यह बीजेपी के लिए बहोत ही शर्मनाक हार शाबित हो रही है जिसकी कल्पना शायद बीजेपी ने सपने में भी नहीं की रही होगी। दोस्तो पिछले15 सालों से छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार होने के बावजूद वे छत्तीसगढ़ की जनता का विश्वास नहीं जीत पाए यह सही मायनों में बड़े ही शर्म की बात है।

 

10 दिसंबर 2018 : आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने निजी कारणों का हवाला देकर दिया इस्तीफा

आइए देखते हैं की छत्तीसगढ़ में चुनावी आंकड़े क्या रहे. .. … …

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तो दोस्तों ऊपर दिए गए आंकड़ों से आप यह अंदाज़ा लगा सकते हैं की कांग्रेस ने बहुमत हासिल करते हुए भाजपा को बुरी तरह से हरा दिया है। छत्तीसगढ़ की जनता ने इस बार कांग्रेस को पूर्ण बहुमत देते हुए बीजेपी के मुँह पर जोरदार तमाचा जड़ दिया है।

नेहा कक्कड़ और हिमांश कोहली के रिश्ते में आई दरार, क्या हो गए हैं एक-दूसरे से अलग?

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव परिणाम 2018

नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव के नतीजों के लिए आज वोटों की गिनती सुबह से जारी है. आज जैसे जैसे ईवीएम मशीन खुलते गए और वोटों की गिनती होने लगी वैसे वैसे कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों और समर्थकों के चेहरे पर खुसी का भाव उभरने लगा. वहीँ दूसरी ओर भाजपा के चेहरे पर मायूसी छाती दिखाई पड़ने लगी.

11 दिसंबर 2018 : विधानसभा चुनाव रिजल्ट की ताजा खबर

दोस्तों आज सुबह जैसे ही ईवीएम मशीने खुले और वोटों की गिनती शुरू हुई तो सुरुवात से लेकर अंत तक कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर रही। दोनों ही पार्टियों में जीत को लेकर असमंजस की इस्थिति बनी रही क्योंकि मामला एकदम करीबी वोटों से उलझा रहा कभी कांग्रेस 110 और बीजेपी 111 सीट पर तो कभी ठीक इसके उलट परिणाम देखने को मिल रहे थे। सीटों पर यह उलट फेर तकरीबन 10:30 तक बनी रही और फिर अंततः कांग्रेस ने बढ़त पाने में कामयाबी हासिल की.

 

10 दिसंबर 2018 : आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने निजी कारणों का हवाला देकर दिया इस्तीफा

यहा  बीजेपी ने कांग्रेस को भले ही कड़ा मुकाबला दिया हो पर हमें यह नहीं भूलना चाहिए की पिछले 15 वर्षों से यहां बीजेपी की सरकार थी। बहोत ही शर्म की बात है की जो सरकार 15 सालों तक सत्ता में थी वह समय मिलने के बावजूद जनता के बीच अपना विश्वास कायम नहीं कर पाई। 

नेहा कक्कड़ और हिमांश कोहली के रिश्ते में आई दरार, क्या हो गए हैं एक-दूसरे से अलग?

 

आइए देखते हैं की मध्यप्रदेश में चुनावी आंकड़े क्या रहे. .. … … 

Party
Seats
INC
114
49.6%
BJP
109
47.4%
BSP
2
0.9%
GGP
0
0%
Other parties
5
2.2%

तो दोस्तों ऊपर दिए गए आंकड़ों से आप यह अंदाज़ा लगा सकते हैं की कांग्रेस ने बहुमत हासिल करते हुए भाजपा को बुरी तरह से हरा दिया है। मध्यप्रदेश की जनता ने इस बार कांग्रेस को पूर्ण बहुमत देते हुए बीजेपी के मुँह पर जोरदार तमाचा जड़ दिया है।