Category Archives: National

पुलवामा में आतंकवाद की भेंट चढ़े CRPF के 44 शहीद जवानों को देश वासियों की श्रद्धांजलि।

google

नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों, 14 फरवरी को जब देश का हर नौजवान वैलेंटाइन डे मना रहा था तभी धरती की ज़न्नत से एक ऐसी खौफनाक खबर आयी जिसने माँ भारती के कलेजे को छलनी कर दिया और हर भारतवासी के आँखों को आंसुओं से भर दिया। दोपहर के करीब तीन बजे जब CRPF बटालियन के जवानों की शिफ्टिंग चल रही थी और जवानों से भरे बसों का काफिला शिफ्टिंग के लिए रवाना हुआ तभी अचानक 300 किलो I.E.D विष्फोटक से भरा स्कार्पिओ जो की पहले डिवाडर के साइड पर बंद खड़ा था वह जवानों से भरे एक बस से जा भिड़ा। देखते ही देखते 44 जवान शहीद हो गए।

पुलवामा आतंकी हमले में 44 CRPF जवान शहीद, पीएम ने कहा पाकिस्तान को जल्द मिलेगा जवाब।

पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने इस हमले को आत्मघाती हमला बताते हुए इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है। इस आत्मघाती हमले को अंजाम देने वाले और छुपकर पीठपीछे वॉर करने वाले उस बुज़दिल आतंकवादी का नाम आदिल अहमद डार बताया गया है। इस हमले से सभी 130 करोड़ भारतवासी आहात हैं और केंद्र सरकार से इस हमले के असली गुनहगारों और षड्यंत्रकारियों को जल्द से जल्द पकड़ कर मौत की सजा देने की मांग कर रहे हैं। साथ ही पाकिस्तान में छिपकर भारत में आतंकी हमलों को अंजाम देने वाले सभी आतंकी संगठनों को पकिस्तान में घुस कर मारने की मांग कर रहे हैं।

 

ब्रेकिंग न्यूज़ : अभी अभी पुलवामा में हुआ बड़ा आतंकी हमला, 42 जवान हुए शहीद।

 

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए इस आतंकी हमले से शहीद हुए CRPF के 44 जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की जवानों का बलिदान खली नहीं जाएगा। पाकिस्तान ने अब तक की सबसे बड़ी गलती कर दी है और अब पाकिस्तान को इस गलती का बहोत बडा खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा। प्रधान मंत्री मोदी ने कहा की CCS बैठक के बाद देश की सेना को इस शहादत का बदला लेने की पूरी छूट दे दी गई है। सेना यह तय करेगी की वह कब और किस तरह पाकिस्तान को इस हमले का जवाब देगी।

बैंक में निकली वैकेंसी, अगर भविष्य संवारना है तो 18 फरवरी तक करें आवेदन।

आज दिन के ग्यारह बजे प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में सभी विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री मोदी से पाकिस्तान और आतंकवाद को सबक सीखाने की मांग करते हुए इस मामले में राजनीति न करने और सरकार के साथ खड़े होने का भरोसा दिलाया।

हमले के अगले ही दिन 15 फ़रवरी को भारत ने पकिस्तान से सरे सम्बन्ध ख़त्म करते हुए पाकिस्तान के अम्बेसेडर को वापिस उसके देश भेज दिया। इस हमले के बाद सभी राजनितिक दलों ने सारे राजनितिक मुद्दों को किनारा करते हुए देश के सम्मान की इस लड़ाई में सरकार के साथ कड़ी दिखाई पड़ रही है।

थम नहीं रहा मासूमों के साथ दुराचार का अपराध, आखिर कौन है ज़िम्मेदार?

भारत पर हुए इस आतंकी हमले पर अन्य देशों ने भी अपना दुःख व्यक्त किया है। अमेरिका ने पाकिस्तान को धमकी भरे लहज़े में कहा है की वह जल्द से जल्द अपने देश से आतंकियों को संरक्षण देना बंद करे। भारत पर हुए इस आतंकी हमले पर अभी तक चीन की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। चीन पहले भी पकिस्तान का हितैषी रहा है और अभी भी पाकिस्तान का समर्थन करता हुआ दिखाई दे रहा है।

दोस्तों इस खबर की लगातार ताज़ा अपडेट पाने के लिए इसे फॉलो करना न भूलें, धन्यवाद्। 

पुलवामा आतंकी हमले में 44 CRPF जवान शहीद, पीएम ने कहा पाकिस्तान को जल्द मिलेगा जवाब।

ठान लिया यह हिंदुस्तान, ख़त्म होगा अब पाकिस्तान। 

जय हिन्द भारतवासियों,

दोस्तों, आज मैं बहोत आहत हूँ, क्योंकि देश का दुश्मन मेरी भारत माँ की आँचल को एक बार फिर लहूलुहान करने में कामयाब हो गया। पाकिस्तान का पालतू और नामर्द आतंकी षड्यंत्र रच कर एक बार फिर भारत माँ के सपूतों का खून बहाने में कामयाब हो गए। अपनी गिरी हुई हरकत से पाकिस्तान ने यह साबित कर दिया है की उनकी जननियों ने मर्द पैदा करना बंद कर दिया है। यही वजह है की पाकिस्तान में केवल हिज़ड़े ही पैदा हो रहे हैं जिन्होंने आमने सामने की लड़ाई करना कभी सीखा ही नहीं क्योंकि ऐसा करने का हुनर उनके खून में ही नहीं है। यह उनकी नामर्दानगी ही है की वे युद्ध करने से भागते हैं और छुपकर हमारे सैनिकों पर हमला करते हैं।

ब्रेकिंग न्यूज़ : अभी अभी पुलवामा में हुआ बड़ा आतंकी हमला, 42 जवान हुए शहीद।

पुलवामा आतंकी हमले ने एक बार फिर पुरे देश को गम में डुबो दिया है। इस हमले से देश दुखी तो है पर दुःख से कहीं ज्यादा देश की जनता के भीतर आक्रोश झलक रहा है। आज देश का हर शख्स चाहे वह किसी भी मजहब या राजनैतिक पार्टी का पक्षधर हो वह अपने सारे मुद्दे भुलाकर एकजुट होकर एकस्वर में देश की सरकार से आतंकवाद के खात्मे की मांग कर रहा है। देश की जनता के दिल में भय भी है और आक्रोष भी। भय इसलिए है कि जिस देश की सीमा और देशवासियों की सुरक्षा करने वाले सुरक्षा कर्मियों को इस तरह दिनदहाड़े खुलेआम भारी विष्फोटक से उड़ा दिया जाता है, उस देश का आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करे। और आक्रोष इसलिए की हमारे लाख बार दोस्ती का हाथ बढ़ाने के बावजूद जब पाकिस्तान अपनी मक्कारी से बाज़ नहीं आ रहा और गले मिलकर पीठ पर खंज़र मार रहा है तो फिर हमारी सरकार ऐसे देश से और कब तक और क्यों उम्मीदें लगाकर रखी है।

बैंक में निकली वैकेंसी, अगर भविष्य संवारना है तो 18 फरवरी तक करें आवेदन।

देश के जिन 44 जवानों ने देश की रक्षा के लिए शहीद होने का सपना देखा रहा होगा उनका इस तरह बिना किसी युद्ध के शहादत एक सैनिक के जीवन का अपमान है। अगर देश के जवानों की शहादत शरहद पर लड़ कर हो तो यह उसके लिए सम्मान की बात होती है पर इस तरह पाकिस्तान ने कायरता दिखते हुए छुपकर हमारे सिपाहियों की हत्या की है जिसे हिंदुस्तान कभी माफ़ नहीं करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा है कि ‘पाकिस्तान ने अपनी सबसे बड़ी गलती कर दी है। हमने देश की सेना को जवाबी कार्यवाही की पूरी छूट दे दी है। हमले की रूप रेखा, जगह और समय देश की सेना तय करेगी।’ इस आतंकी हमले ने पुरे भारत देश को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कर दिया है। सभी विरोधी पार्टियों ने भी केंद्र सरकार का साथ देने की बात करते हुए कहा है की वे जल्द ही पाकिस्तान को इस हमले का जवाब दें।

थम नहीं रहा मासूमों के साथ दुराचार का अपराध, आखिर कौन है ज़िम्मेदार?

दोस्तों, यदि आपका भी खून खौलता है और आप भी चाहते हैं की आतंकवाद को इस बार मुहतोड़ जवाब मिले तो मुझे कमेंट बॉक्स में जय हिन्द ज़रूर लिखें। जय हिन्द।

ब्रेकिंग न्यूज़ : अभी अभी पुलवामा में हुआ बड़ा आतंकी हमला, 42 जवान हुए शहीद।

नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों, गुरुवार 14 फ़रवरी को जम्मू – कश्मीर के पुलवामा में बड़ा आतंकी हमला हुआ है। पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश- ए -मोहम्मद ने इस आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी ली है।   जैश ए  मोहम्मद नाम के आतंकी संगठन ने पुलवामा में सीआरपीएफ के 2500 जवानों से भरी बसों के काफिले पर IED से भरी एक बस से आत्मघाती हमला कर जवानों के एक बस को उड़ा दिया। इस हमले में अब तक 42 जवान शहीद हो चुके हैं और 45 से अधिक जवान गंभीर रूप से घायल हैं।
इस हमले से घायल हुए जवानों को सेना के 92 बेस अस्पताल श्रीनगर के बादामीबाग में भर्ती कराया  कराया गया है। इस हमले के बारे में बताते हुए सीआरपीएफ के अधिकारी ने कहा कि सीआरपीएफ 92, 17 और 54 बटालियन के कुल 44 जवान बस में सवार थे।
राज्यपाल सत्यप्रकाश ने कहा
इस घटना के बारे में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू कश्मीर के राज्यपाल श्री सत्यपाल मालिक ने कहा कि ‘जवानों का इतना बड़ा काफिला लेकर नहीं चलना चाहिए था। पाकिस्तानी आतंकी, जम्मू कश्मीर के स्थानीय युवाओं को भड़का  रहे हैं और उन्हें देश के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं। हमारे सुरक्षा कर्मी बहोत ही मुश्किल परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। हम सभी आतंकियों को ख़त्म करके ही दम लेंगे।’
ख़ुफ़िया एजेंसियों ने 8 फ़रवरी से ही कर दिया था अलर्ट। 
इस घटना के बारे में सबसे चौकाने वाली बात यह आ रही है की ख़ुफ़िया एजेंसियों ने 8 फरवरी को ही अलर्ट कर दिया था कि कश्मीर के सुरक्षाबलों को डेप्लॉयमेंट और उनके आने जाने के रास्ते पर आतंकी IED से हमला कर सकते हैं। 7 दिन पहले मिली इस चेतावनी के बावजूद सुरक्षाकर्मियों पर इतना बड़ा हमला हो जाना भी एक बड़ी चूक माना जा रहा है।
सुरक्षा कर्मियों ( CRPF ) के काफिले पर आत्मघाती हमला करने वाले आतंकी का नाम आदिल अहमद डार बताया जा रहा है।  जैश ए मोहम्मद नाम के आतंकी संगठन ने इस घटना की ज़िम्मेदारी लेते हुए हमलावर आतंकी का वीडियो भी जारी कर दिया है।
दोस्तों, मैं इस हमले से शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए देश के जनता और अपने पाठकों से यह प्रश्न करना चाहता हूँ कि इन आतंकी संगठनों को किस तरह ख़त्म किया जा  सकता है। क्या आप सरकार पर एक और सर्जिकल स्ट्राइक के लिए दबाव बनाएंगे या इन शहीदों की शहादत यूँ ही मिट्टी में मिल जायेगी।  आपका क्या जवाब है मुझे कमेंट करके जरूर बताएं, धन्यवाद्।

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह, शाही डुबकी लगाने पहुंचे कुम्भ.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह (फोटो-BJP)नमस्कार दोस्तों,

भारतीय जनता पार्टी के पार्टी अध्यक्ष अमित शाह आज बुधवार को कुम्भ पहुंचे। प्रयागराज संगम पर चल रहे महाकुम्भ में एक के बाद एक लगातार बड़े राजनेताओं के डुबकी लगाने का सिलसिला जारी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित लगभग सभी कैबिनटे मंत्री के कुम्भ स्नान के बाद आज पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी कुम्भ पहुंचे और संगम पर डुबकी लगाई। अमित शाह की डुबकी के वक़्त योगी आदित्यनाथ सहित सभी बड़े नेता मौजूद थे। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह आज डुबकी लगाने के बाद सभी बड़े साधू संतों, अखाडा प्रमुख एवं पीठाधीशों से मुलाकात कर चर्चा करेंगे। मुलाकात के बाद वे संतों के साथ बैठकर कुम्भ में आयोजित भंडारे पर ही भोजन ग्रहण करेंगे।

ब्रेकिंग न्यूज़ : अभी अभी पुलवामा में हुआ बड़ा आतंकी हमला, 42 जवान हुए शहीद।

आपको बता दें की अध्यक्ष अमित शाह का आज कुम्भ पहुंचना इसलिए भी खास है क्योंकि इस वक़्त राजधानी लखनऊ में कांग्रेस की पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पहले से ही डेरा जमाकर बैठी हैं।  प्रियंका इस वक़्त उत्तर प्रदेश में पार्टी की पकड़ मज़बूत करने में जुटी हैं। अमित शाह के कुम्भ दौरे के साथ ही सभी साधू संतों के द्वारा अयोध्या राम मंदिर पर कानून बनाने की मांग तेज़ हो गई है। ऐसे वक़्त में अमित शाह का कुम्भ दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैंक में निकली वैकेंसी, अगर भविष्य संवारना है तो 18 फरवरी तक करें आवेदन।

आज समय शाह अपने कुम्भ दौरे के दौरान सरस्वती कूप और हनुमान मंदिर के दर्शन कर पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद अमित शाह जूना अखाड़े के पीठाधीश अवधेशानंद के शिविर पहुंचकर साधुसंतों से मुलाकात करेंगे और यहीं पर वे दोपहर का भोजन भी ग्रहण करेंगे। इसके बाद दोपहर के ढाई बजे शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती से भी मुलाकात करेंगे। 3 बजे जूना अखाड़ा और फिर इसी क्रम में निरन्जीनि, निर्मोही और फिर बड़ा उदासीन अखाड़ा भी जाएंगे। शाम के साढ़े चार बजे अध्यक्ष अमित शाह मौज़ गिरी आश्रम में 151 फ़ीट ऊँचे त्रिशूल का उद्घाटन करेंगे।

थम नहीं रहा मासूमों के साथ दुराचार का अपराध, आखिर कौन है ज़िम्मेदार?

 

तस्वीर में आप देख सकते हैं की किस प्रकार अमित शाह किसी सिद्ध संत और किसी अखाड़े के प्रमुख की भांति सबसे आगे बैठे हैं और माथे पर त्रिकुंड लगाकर पूजा कर रहे हैं। उनके आस पास कुछ साधू संत हाथ जोड़कर खड़े हैं।

दोस्तों यदि आपको यह न्यूज़ पसंद आया हो लिखे और फॉलो करना न भूलें, साथ ही अपना बहुमूल्य सलाह मुझे कमेंट करके जरूर बताएं धन्यवाद।

थम नहीं रहा मासूमों के साथ दुराचार का अपराध, आखिर कौन है ज़िम्मेदार?

google

नमश्कार दोस्तों,

दोस्तों, अच्छाई और बुराई हमारे समाज के दो पहलु हैं, जिस तरह एक सिक्के के दो पहलु होते हैं, एक नदी के दो किनारे, दिन के बाद रात ठीक उसी प्रकार इस दुनिया में जहाँ जहाँ मानव सभ्यता के कदम पड़े हैं वहां अच्छे और बुरे दोनों तरह के इंसान रहते हैं। पर कभी कभी हमारे आस पास घटी कुछ ऐसी घटनाओं के बारे में पता चलता है जो की इंसानियत की नींव ही हिला कर रख देती है।

भारतीय क्रिकेट टीम : महेंद्र सिंह धोनी ने मास्टर से कराया परिचय।

जब से मानव सभ्यता का विकाश हुआ है तभी से मानव समाज में अपराध और अपराधी भी पनपते रहे हैं। पर जैसे जैसे इंसानी सभ्यता, सफलता की ऊंचाई को छू रहा है वहीँ इसी सभ्य मानवीय समाज के बीच से कुछ ऐसे अपराधों की खबर आती है जो इंसानियत के चीथड़े उड़ाने के लिए काफी हैं। अपराध और अपराधी शब्द भी जब किसी जुर्म और मुज़रिम को सम्बोधित करने के लिए कम लगने लगे तो समझिये की शायद हमने अपनी आँखें खोलने में देर कर दी।

बसंतपंचमी 10 फ़रवरी 2019 : इस तरह कीजिये माँ सरस्वती को प्रसन्न।

दोस्तों हम इंसानों की सबसे बड़ी विडंबना यह है की जब कोई अपराध किसी और के साथ होता है तो हम थोड़ा भावुक होकर सहानुभूति जता देते हैं और यह समझते हैं की हमने अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी पूरी कर ली और इससे ज्यादा हम कर भी क्या सकते हैं। जब तक कोई घटना हमारे साथ न घटित हो तब तक हम उस अपराध और अपराधी को गंभीरता से नहीं लेते। जिसका की पुरे मानव समाज को दूरगामी परिणाम भुगतने पड़ते हैं। शायद आज हम वक़्त के उसी दौर पर पहुंच चुके हैं जब हम किसी अपराध के प्रति अपनी अनदेखी का दूरगामी परिणाम भुगत रहे हैं।

बॉलीवुड सेलिब्रिटीज पर चढ़ा सोशल मीडिया का बुखार।

 

दोस्तों यदि 2 साल की मासूम बच्ची से लेकर 65 की वृद्धा तक के सम्मान के लूटने की खबर सुनकर आपका खून नहीं खौलता तो जरा वक़्त निकालकर अपना डीएनए जांच कराकर इस बात की तसल्ली कर लें की क्या आप सच में इंसान हैं भी की नहीं। यदि वक़्त रहते मानव समाज के उच्चाधिष्ठ पदाधिकारी और आम जनता ने ऐसी घटना का प्रारम्भ में ही विरोध किया होता और ऐसे विकृत मानसिकता के जानवरों को फांसी पर लटका दिया होता तो शायद ऐसे घटनाओं पर हम थोड़ा अंकुश लगा पाते।

google

मेरे मन में एक सवाल हमेसा से पनपता रहा है की आखिर ऐसे विकृत किस्म के अपराध और अपराधी का जन्म कब और कैसे हुआ। क्योंकि जब हम बीमारी की जड़ों को जान लेंगे तभी उसे जड़ से उखाड़ पाने में कामयाब हो पाएंगे। विकृत मानसिकता के अपराधी समाज के लिए किसी बड़ी बीमारी से कम नहीं है। यह जान पाना बहोत मुश्किल होगा की इस तरह की पहली घटना कब कहाँ और किसके साथ घटी होगी क्योंकि किसी भी कार्य की पुनरावृत्ति तभी होती है जब इस तरह की पहली घटना को उजागर ही नहीं होने दिया जाता और उसे दबा दिया जाता है। पर हम इन घटनाओं के पीछे के कारण और अपराधी के इस विकृत मानसिकता को जरूर समझ सकते हैं।

 

अब व्हाट्स एप्प आपको देगा 1.8 करोड़ रुपये, अगर आपमें है सोशल मीडिया का कीड़ा।

 

अब मैं जो बात आपको बताने जा रहा हूँ उसे सुनने के बाद शायद आपको इस बात का अहसास हो जाए की इस तरह की घटना के लिए काफी हद तक हम भी ज़िम्मेदार हैं। हम इसलिए ज़िम्मेदार हैं क्योंकि हमने अपने आस पास और अपने घर में ऐसे माहौल को पनपने दिया और नज़र अंदाज़ किया जो की इन विकृत मानसिकता के अपराधियों के पनपने के लिए असली ज़िम्मेदार हैं। आपको यह जानकार सायद आश्चर्य होगा की इस तरह के अपराधों को जन्म देने वाले विकृत अमानवीय सोंच को जाने अनजाने में हम सभी ने अपने घर में ही पोषित होने दिया है। आइये जानते हैं वो कौन सी चीजें हैं जिसने इंसानों की सोच को इस हद तक विकृत कर दिया कि जिस नवजात बच्चे को देखकर मन में वात्सल्य उत्पन्न होना चाहिए उसे देखकर वासना पनपने लगी है।

मोदी को मिली बड़ी कामयाबी, देश की संपत्ति विदेश में फूंक कर विजय माल्या लौटेगा भारत।

 

1 . टेली – विज़न

दोस्तों जबसे टेलीविज़न का आविष्कार हुआ और इसने हमारे घर में अपनी जगह बनाई है तबसे इसने हमारे व्यक्तित्व और विचारों को काफी प्रभावित किया है। हम अपना काफी समय टेली-विज़न के सामने बैठकर बिताते हैं। अपने घर और घर के सदस्यों कुछ भी खरीदना हो तो हम सबसे अधिक टीवी पर दिखाए गए विज्ञापन पर भरोसा करते हैं। यही वजह है की जिन निजी वस्तुओं के बारे में हम अपने अति घनिष्ठ व्यक्ति के साथ भी चर्चा नहीं करते थे अब उन वस्तुओं के विज्ञापन टीवी पर लगातार चलते रहते हैं और हम सह-परिवार उसे देखते भी हैं। हर पांच मिनट के बाद टीवी पर आने वाला गंदे विज्ञापन धीरे धीरे हमारे बच्चों के कोमल मन को किस तरह विकृत कर रहा होता है हमें इस बात का अंदाज़ा तक नहीं होता। क्या आपने सोचा है कि जब सनी लिओनी ने बॉलीवुड में कदम रखा और उसके अतीत से अनजान छोटे बच्चे उसके फैन बन गए तो इसका उन पर क्या प्रभाव पड़ा होगा।

देखिये चुनावी बजट के बाद कैसे अपनी ही पीठ थपथपा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं बीजेपी.

 

2. इंटरनेट

आज पूरी दुनिया हमारे हाथों में समाई हुई है। हाथ में मोबाइल और मोबाइल पर गूगल है जहाँ हमारे सारे सवालों के जवाब मौजूद हैं। अब आप सोचिये की जब सनी लियोनी के किसी प्रशंसक बच्चे ने पहली बार गूगल पर सनी लिओनी का नाम सर्च किया होगा तो इसका उसे क्या परिणाम मिला होगा। मेरे ख्याल से हम सभी जानते हैं की सनी लियोनी के नाम सर्च करने पर क्या परिणाम मिलते हैं और उन परिणामों का बच्चों पर क्या असर हुआ होगा। लेकिन जब सनी लिओनी को स्टार बनाया गया तो हम में से किसी ने भी इस बात का विरोध नहीं किया।

google

मोदी सरकार ने इंटरनेट पर परोसी जा रही अश्‍लीलता को ख़त्म करने के लिए कुछ वेबसाइटों पर भारत में बैन कर ज़रूर कुछ हद तक कामयाबी हासिल की है पर सही मायने में इस तरह के अपराधों के लिए इंटरनेट से ज्यादा टेलीविज़न ज़िम्मेदार है क्योंकि वेबसाइटों पर तो लोग जानबूझकर जाते हैं पर टीवी पर अश्‍लीलता लगातार परोसी जाती है जिसपर किसी का कोई लगाम नहीं है।

सलमान के फैन का अंडरवर्ल्ड कनेक्शन,दी पिता सलीम को जान से मारने की धमकी .

दोस्तों, आप मेरी इस बात से कितना सहमत हैं ये आप मुझे कमेंट करके जरूर बताएं। यदि आपने अभी तक मुझे फॉलो नहीं किया है तो आप मुझे फॉलो करना न भूलें साथ ही इस आर्टिकल को लाइक जरूर कर दीजियेगा, धन्यवाद्।

बसंतपंचमी 10 फ़रवरी 2019 : इस तरह कीजिये माँ सरस्वती को प्रसन्न।

नमश्कार दोस्तों,

दोस्तों, भारत देश अपनी विविधता के लिए जाना जाता है। यदि आप कोई भी भारतीय कैलेंडर देखें तो आपको पता चलेगा की भारत में हर एक दिन कोई न कोई व्रत या त्यौहार जरूर होता है। धरती पर प्राकृतिक सौन्दर्य बिखेरने और धरती का श्रृंगार करने वाले बसंत ऋतु का आगमन हो चूका है। बसंत ऋतु की पंचमी को बसंतपंचमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का हिन्दू धर्म में खास महत्व है, बसंत पंचमी के दिन मान सरस्वती की पूजा की जाती है। इस वर्ष फ़रवरी की 10 तारीख दिन रविवार को बसंत पंचमी है। बसंत पंचमी के दिन सभी स्कूलों एवं घरों में माँ सरस्वती की पूजा होती है। जो लोग शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं या संगीत से जुड़ी किसी प्रकार की साधना कर रहे हैं उन सभी के लिए बसंत पंचमी बहोत खास महत्व होता है।

 

बॉलीवुड सेलिब्रिटीज पर चढ़ा सोशल मीडिया का बुखार।

 

आपको बता दें की इस दिन को प्रेम के देवता कामदेव की भी पूजा की जाती है। एक पौराणिक मान्यता के अनुसार बसंत को कामदेव का घनिष्ठ मित्र माना जाता है इसीलिए बसंतपंचमी के दिन कामदेव और उनकी पत्नी रति की पूजा की जाती है। इस दिन सुबह स्नान करके घर एवं पूजा स्थल को सुगन्धित एवं रंग बिरंगे पुष्प से सजाया जाता है। सर्वप्रथम भगवान गणेश की स्तुति करते हैं तत्पश्चात माँ सरस्वती एवं गणेश की पूजा की जाती है। सरस्वती पूजा के बाद बसंत के सौंदर्य की प्रशंसा करते हुए देवी रति एवं कामदेव की पूजा की जाती है।

 

अब व्हाट्स एप्प आपको देगा 1.8 करोड़ रुपये, अगर आपमें है सोशल मीडिया का कीड़ा।

 

बसंत पंचमी के दिन भगवन विष्णु एवं शिव की पूजा का भी महत्व होता है। इस दिन भगवान विष्णु की प्रतिमा को शुद्ध जल या दूध से स्नान कराकर उन्हें पिले वस्त्र बी पहनाते हैं तत्पश्चात  विधिवत तरीके से या फिर पंडित की सलाह से भगवान विष्णु की आराधना करते हैं। बसंत पंचमी के दिन भारत के स्कूलों में बच्चों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति की जाती है। स्कूल प्रशासन द्वारा इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन का उद्देश्य होता है की बच्चों के भीतर की छुपी हुई प्रतिभा को पहचानकर निखारा जा सके और मंचीय प्रस्तुति के लिए उन्हें अभ्यस्त किया जा सके।

 

मोदी को मिली बड़ी कामयाबी, देश की संपत्ति विदेश में फूंक कर विजय माल्या लौटेगा भारत।

 

दोस्तों यदि आप सभी मेरे द्वारा दी गई इस जानकारी से सहमत हैं तो मुझे फॉलो और इस आर्टिकल को लिखे करना न भूलें. साथ ही अपना कीमती विचार हमें कमेंट करके जरूर बताएं, धन्यवाद्। 

 

अब व्हाट्स एप्प आपको देगा 1.8 करोड़ रुपये, अगर आपमें है सोशल मीडिया का कीड़ा।

Image result for whatsapp
 नमस्कार दोस्तों,
दोस्तों, यदि आप अपना अधिकतम समय सोशल मीडिया साइट्स पर बिताते हैं और इनके बारे में अच्छी जानकारी रखते हैं तो व्हाट्स एप्प आपको करोड़पति बनने का मौका देने जा रही है। यदि आप व्हाट्स अप्प के अच्छे उपयोगकर्ता हैं तो आप यह जानते ही होंगे की आज व्हाट्स एप्प केवल एक चैटिंग और मैसेज मीडिया नहीं बल्कि इससे कहीं ज्यादा है। यह प्लेटफॉर्म व्हाट्स एप्प( whats app ) ग्रुप के रूप में लोकल नेटवर्क सर्विस भी प्रदान कर रहा है। यह एप्प कई बढ़ते व्यवसायों के लिए भी एक आसान माध्यम रहा है। साथ ही नए स्टार्टअप को भी आगे बढ़ने में मदद करता है। नए और पुराने बिज़नेस ओनर्स को सपोर्ट करने के लिए व्हाट्स एप्प ने अपना नया बिज़नेस अप्प भी लांच किया जो की व्यापारियों के लिए काफी उपयोगी और मददगार साबित हो रही है। अब यह कंपनी एक ऐसा कंटेंट लेकर आई है जो भारत में नई स्टार्टअप इंडिया को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
व्हाट्स एप्प  ने भारत में ” स्टार्टअप इंडिया व्हाट्स एप्प ग्रैंड चैलेंज ” को लांच किया है। व्हाट्स एप्प ने यह चैलेंज भारत में इसलिए  लांच किया है जिससे की स्टार्टअप इंडिया और भारत में व्यापारिक विकास को बढ़ावा मिल सके। इस प्रतियोगिता के पांच श्रेष्ठ विजेताओं के लिए कुल 1.8 करोड़ की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। इस प्रतियोगिता में स्वास्थ्य सेवा, ग्रामीण, अर्थव्यवस्था, वित्तीय और डिजिटल समावेश, शिक्षा और नागरिक सुरक्षा ऐसे किसी भी प्रकार की सेवा से जुड़े प्रतिभागी भाग लेकर अपने विचार रख सकते हैं।
व्हाट्स अप्प ने अपने एक मीडिया रिलीज़ में कहा है कि, ‘नए विचार और ऐसे बिज़नेस कांसेप्ट जो भारत में स्थानीय समस्याओं का समाधान करते हो और वृहद् स्तर पर समाज और अर्थव्यवस्था को लाभान्वित करते हों वे इस कांटेस्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं। ‘ इस प्रतियोगिता के लिए रजिस्ट्रेशन 10 मार्च तक ओपन है।
तो दोस्तों यह वक़्त है सोशल मीडिया के माध्यम से समाज और देश के लिए कुछ बेहतर करने का और साथ ही एक मौका है मान प्रतिष्ठा के साथ साथ एक बड़ी रकम कमाने का। तो यह मौका हाथ से जाने न दें।
आप सभी पाठकों से मेरा निवेदन है की इस कीमती और महत्वपूर्ण न्यूज़ के लिए आप मुझे फॉलो जरूर करें, धन्यवाद्।

देखिये चुनावी बजट के बाद कैसे अपनी ही पीठ थपथपा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं बीजेपी.

Image result for 2019 interim budget

नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों, जैसा की हम सब जानते हैं की मोदी सरकार ने 2019 – 20 के लिए अपने शासन काल का अंतरिम बजट पेश कर दिया है। इस बजट के केवल ऊपरी जानकारी से ही आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं की यह बजट पूरी तरह से एक चुनावी घोषणापत्र की तरह पेश किया गया है। यह बजट बीजेपी सरकार की ओर से अगली लोकसभा चुनाव को ध्यान में रख कर बनाई गई है जिसका की वास्तविकता से दूर दूर तक कोई सम्बन्ध नहीं है। अगर मैं इसे बजट न कहकर बीजेपी का चुनावी घोषणापत्र कहूं तो कोई गलत नहीं होगा।
दोस्तों अब लोकसभा चुनाव में बहोत ही कम वक़्त शेष रह गया है और ऐसे में भारतीय जनता पार्टी जीत के लिए हर मुंकिन दांव खेल रही है। मोदी सरकार ऐसी कोई गलती नहीं करना चाहती जिससे की उन्हें लोक सभा चुनाव में किसी तरह का नुकसान उठाना पड़े। इस बजट में हर वर्ग के वोटर को पूरी तरह से ध्यान में रखा गया है और उन्हें लुभाने की कोशिश की गई है।
Image result for 2019 interim budget
2018 के आखिर में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में तीन राज्यों को खोने के बाद बीजेपी को आखिर यह बात समझ में आ ही गई की किसान और मजदूर वर्ग उनसे किस हद तक नाराज़ हैं, यही वजह है की बीजेपी इस प्रकार की किसी भी गलती को दुहराना नहीं चाहती।
बीजेपी की सरकार की और से पेश की गई अंतरिम बजट को एक ऐसे खुसबूदार और स्वादिष्ट लॉलीपॉप की तरह पेश किया गया है जो पहली नज़र में हर किसी को खुश करने की काबलियत रखता है। इस बजट में किसान, मजदूर, श्रमिक, दैनिक वेतनभोगी, प्राइवेट एवं सरकारी कर्मचारी, निम्न  माध्यम वर्ग सभी को ध्यान में रखा गया है और सभी के हित के लिए योजनाएं पेश की गई है।
आइये जानते है सरकार द्वारा पेश की गई अंतरिम बजट में क्या है खास…. …. …
1 . सरकार ने अपने अंतरिम बजट में किसानों के लिए सम्मान राशि के रूप में सालाना 6000 रुपये देने की घोषणा की है। इस योजना के लागू होने के बाद जिन किसानों के पास पांच एकड़ से कम जमींन है उन्हें सालाना 6000 रुपये अर्थात मासिक 500 रुपये मिलेंगे। इस योजना से सरकार ने पांच एकड़ की भूमि धारी किसान की औकात 17 रुपये दैनिक के रूप में घोषित कर दिया है। सरकार ने इस योजना को किसान सम्मान निधि का नाम दिया है, अब यह देश के किसानों पर निर्भर करता है की वे इसे अपना सम्मान समझते हैं या फिर अपमान।
2 . सरकार ने इस बजट में मध्यम वर्ग के कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. इनकम टैक्स राहत के लिए अधिकतम आमदनी की सिमा 2.5 लाख से बढ़ा कर 5 लाख कर दी गई है। हालांकि इस देश की 70  प्रतिशत से अधिक आबादी सालाना 3 लाख रुपये से कम की आमदनी करने वालों की है जिनके लिए टैक्स फ्री इनकम की इस नए दायरे का कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ने वाला।
3 . मज़दूरों के लिए हुआ सालाना बोनस का ऐलान। सनगठित छेत्र में काम करने वाले ऐसे मज़दूर जिनकी मासिक आय 21 हजार रुपये से कम है उन्हें केंद्र सरकार की ओर से सालाना 7000 रुपये बोनस के तौर पर दिए जाने की घोषणा की गई है। वहीँ 60 साल से ज्यादा उम्र के किसानों एवं मज़दूरों को प्रतिमाह 3000 रुपये पेंशन के तौर पर दिए जाने की घोषणा की गई है।
इसके अलावा और भी कई सौगात देश की जनता को मोदी सरकार की और से इस अंतरिम बजट के द्वारा मिलने वाले हैं। पर ऊपर जिन तीन मुख्य योजनाओं का ज़िक्र मैंने किया इसका सीधा असर सरकारी मुद्रा कोष को पड़ने वाला है। अब देखना यह है की सरकार अपने इन वादों को किस प्रकार पूरा करती है। पर हर हाल में नुक्सान जनता का ही होने वाला है क्योंकि जिस सरकारी धन को इन योजनाओं को पूरा करने के लिए सरकार पानी की तरह बहाने जा रही है वह धन भी देश की जनता का अर्थात हमारा है।
इससे बेहतर होता की सरकार किसानों के फसल का समर्थन मूल्य बढाती और बाजार के बिचौलियों को ख़त्म कर किसानों को आर्थिक रूप से मज़बूत करती। मज़दूरों के लिए न्यूनतम सैलरी निश्चित करती और सरकारी नौकरियों के लिए नयी रिक्तियां लाती। पर हमारी सरकार देश की जनता को केवल निकम्मा और आश्रित बनाती जा रही है। वे शायद देश की जनता को एक लाचार और मज़बूर की तरह अपने आगे हाथ फैलाये ही देखना चाहते हैं।
Image result for 2019 interim budget vs rahul gandhi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अंतरिम बजट की घोषणा के बाद कहा की हमने ‘सबका साथ सबका विकाश’ के अपने अजेंडे पर काम किया है और सभी वर्ग का विशेष ध्यान रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट के बाद अपने एक बयांन में कहा की हमारे इस बजट को सुनकर विपक्ष का मुँह लटक गया है। उनकी इस बात से ऐसा लगा जैसे की वे अपने हाथ से अपनी ही पीठ थपथपा रहे हों।
दोस्तों आप मेरी बात से कितना सहमत या असहमत हैं मुझे कमेंट करके जरूर बताएं और यदि आपने अभी तक  मुझे फॉलो नहीं किया है तो जाने से पहले मुझे फॉलो ज़रूर कर दें , धन्यवाद्।

2018 को कीजिये अलविदा और स्वागत कीजिये 2019 का। जानिये साल की पांच बड़ी घटनाएं।

नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों, देखते देखते साल 2018 का अंत भी निकट आ ही गया। बस कुछ ही दिन होर फिर हम सब नए साल 2019 का स्वागत कर रहे होंगे। 31 दिसंबर की रात सभी के लिए बहोत ही खास होता है इस दिन का माहौल किसी बड़े त्यौहार से भी ज्यादा  होता है। लोग छुट्टियां लेकर पिकनिक मानते हैं. फैमली के साथ आउटडोर का मज़ा लेते हैं, कुछ लोग हिल स्टेशन में तो कुछ लोग अपने घर पर ही रहकर इस रात को दिल खोलकर एन्जॉय करते हैं। यह दिन एक अलग ही अहसास करता है क्योंकि इस दिन हम पुराने वर्ष को विदा भी कर रहे होते हैं और नए वर्ष का स्वागत भी। वक़्त भले ही बीत जाती है पर वह हमें कुछ ऐसी अच्छी बुरी यादें दे जाती है जिन्हे हम चाह कर भी भुला नहीं सकते। आइए जानते हैं 2018 में घटी कुछ ऐसी महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में जिन्हे कभी भी भुलाया नहीं जा सकता।

इन टॉप 10 पार्टी सांग्स से बनायें अपनी क्रिसमस और न्यू ईयर पार्टी को यादगार।

1. सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को मिला प्रवेश। 


Image result for sabarimala mandir

दोस्तों इस साल सुप्रीम कोर्ट ने शदियों पुरानी परंपरा को बदलते हुए केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबन्ध को उनका मौलिक अधिकार बताते हुए उन्हें प्रवेश की कानूनी अनुमति दे दी। आपको बतादें की यह मामला धार्मिक आस्था से जुड़ा होने के कारण काफी संवेदनशील था। इस फैसले से पूर्व  सबरी माला मंदिर में 8 वर्ष से लेकर 65 तक की उम्र की महिलाओं को मंदिर प्रवेश की अनुमति नहीं थी। महिला संगठनों ने इस नियम का विरोध करते हुए मंदिर प्रवेश की मांग की थी जिसे कोर्ट ने महिलाओं के हक़ में फैसला सुनते हुए उन्हें मंदिर प्रवेश की अनुमति दे दी। 28 सितम्बर को तात्कालिक मुख्या न्यायाधीश दीपक मिश्रा वाली संविधान पीठ ने यह फैसला सुनाया।

बॉलीवुड की ये पांच फ़िल्में रखती हैं मुर्दादिल इंसान को भी ज़िंदा करने की ताकत।

2. स्टेचू ऑफ़ यूनिटी।  


Image result for statue of unity hindi news


इसी साल गुजरात के केवडिया में सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मिटेर ऊँची मूर्ति का उद्घाटन किया गया। इस मूर्ति को स्टेचू ऑफ़ यूनिटी का नाम दिया गया है। आपको बता दें की इस मूर्ति के उद्घाटन होते ही भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश बन गया है जहां दुनिया की सबसे ऊँची बनाई गई है। आपको बता दें स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी भी इससे काफी छोटी है। 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस पर उनकी इस मूर्ति का उद्घाटन प्रधान मंत्री मोदी द्वारा किया गया। इस मूर्ति के निर्माण में कुल 3000 करोड़ रुपये का खर्च बताया गया है।

सलमान खान की वांटेड गर्ल आइशा टाकिया का प्रियंका निक जोनस की रिसेप्शन में दिखा जल्वा।

3 . राफेल विवाद पर फैसला। 




कांग्रेस एवं अन्य विरोधी पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी एवं केंद्र सरकार पर लगाए गए राफेल डील पर घोटाले के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को क्लीन चिट देदी जिसके बाद राहुल गाँधी का खूब मज़ाक उड़ाया गया। हलाकि कांग्रेस अभी भी अपने इन आरोपों को सही बताते हुए मोदी सरकार पर सुप्रीम कोर्ट में गलत तथ्य पेश करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के इस आरोप को खुद बीजेपी ने अपने एक हलफ नाम से सही साबित कर दिया जिसमे बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट से अपने निर्णय में कुछ बिंदुओं पर फेरबदल की मांग की है।

राफेल डील पर मोदी ने सुप्रीम कोर्ट से बोला झूठ, पकड़े जाने पर कहा सुप्रीम कोर्ट की समझ में गलती।

4 . समलैंगिकता को मिली कानूनी मान्यता। 

Image result for samlaingik rishta

सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल सितम्बर माह में समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर करते हुए इसे व्यक्तिगत जीवन शैली घोषित कर दिया।

5 . मस्जिद में नमाज़ का मुद्दा। 



Image result for raam janm bhoomi

अयोध्या के राम जन्मभूमि का विवाद भी साल भर देश की राजनीति में छाया रहा और अभी भी इसपर सभी राजनितिक पार्टियों की और से राजनीति की जा रही है। कोर्ट ने इस पर अपना फैसला देकर यह साफ़ कर दिया है की मस्जिद को इस्लाम का हिस्सा नहीं मानने वाले साल 1994 के इस्माइल फारुकी फैसले का वर्तमान में राम जन्मभूमि विवाद से कोई भी सम्बन्ध नहीं है और इस मुद्दे पर दोबारा विचार की कोई जरुरत भी नहीं है।

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म “zero” को दर्शकों ने दिया जीरो “0” मार्क्स।

जिस 1994 के फैसले का यहां पर जिक्र किया गया है उसमे संविधान पीठ ने यह माना था की नमाज़ कहीं भी, यहां तक की खुले मैदान में भी पढ़ी जा सकती है।  नमाज़ अदायगी के लिए मस्जिद जरुरी नहीं है। इसपर मुस्लिम पक्ष का कहना था की कोर्ट के इस फैसले से पूरा भूमि विवाद प्रभावित हुआ है। लखनऊ पीठ ने साल 2010 में इसी फैसले के आधार पर राम जन्मभूमि के तीन हिस्से करने का फैसला दिया था, क्योंकि संविधान पीठ कह चुकी थी की मस्जिद इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं है।

राफेल डील पर मोदी ने सुप्रीम कोर्ट से बोला झूठ, पकड़े जाने पर कहा सुप्रीम कोर्ट की समझ में गलती।



नमस्कार दोस्तों,
दोस्तों, जैसा की आप सब जानते है कि राफेल डील मामले में मोदी सरकार को विपक्षी दल ने घेर रखा है और इस मुद्दे की वजह से भारतीय जनता पार्टी जनता के बीच अपना भरोसा भी खोटी जा रही है। इस मुद्दे पर देश की सर्वोच्च अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनते हुए भारतीय जनता पार्टी को क्लीन चीट देदी और इसी के साथ सभी भाजपा समर्थक कांग्रेस पर टूट पड़े। पर बीजेपी की यह खुसी ज्यासा समय तक नहीं ठीक पाई क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने जिस सीएजी रिपोर्ट का हवाला देते हुवे केंद्र सरकार को क्लीन चीट  दी थी असल में मोदी सरकार ने वह झूठी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की थी। पीएसी के अध्यक्ष ने इस बात से साफ़ इंकार कर दिया और कहा की उनकी जानकारी में राफेल डील से सम्बंधित कोई रिपोर्ट बना ही नहीं। 

कमरे में साथी एंकर, खाली शराब की बोतलें और न्यूज़ एंकर की संदिग्ध मौत। जानिये पूरी खबर।


अब इस मामले में झूठ पकडे जाने पर  मोदी सरकार ने बचाव में अपनी सफाई पेश करते हुए कहा है कि हमने कोर्ट को कोई झूठा रिपोर्ट नहीं दिया बल्कि हमारी दलील को कोर्ट ने ही गलत समझा.
मोदी सरकार ने शनिवार को राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर शीर्ष न्यायालय के आये फैसले के एक पैराग्राफ में संसोधन की मांग की है जिसमें नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (पीएसी ) रिपोर्ट और संसद की लोक लेखा समिति (सीएजी ) के रिपोर्ट का जिक्र किया गया है. मोदी सरकार ने कहा है कि कोर्ट द्वारा जांच रिपोर्ट की अलग अलग व्याख्या किये जाने की वजह से विवाद उत्पन्न हो गया है। 

छत्तीसगढ़ : कौन बनेगा मुख्यमंत्री।


केंद्र ने अपनी याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पैराग्राफ  क्रमांक 25 के दो वाक्यों पर कहा है कि यह शायद  उस नोट पर आधारित है जिसे केंद्र ने मुहरबंद लिफाफे में मूल्य विवरण के साथ जमा किया था लेकिन अदालत द्वारा इस्तेमाल किये गए शब्द से विपक्ष द्वारा इसका अलग मतलब निकाला जा रहा है.
केंद्र ने इस वाक्य का मतलब साफ करते हुए कहा कि वह यह नहीं कह रहा कि पीएसी रिपोर्ट का सीएजी  ने जांच किया था या संपादित हिस्से को संसद के समक्ष विमर्श के लिए रखा गया .  केंद्र ने इस नोट पर हुई गलत फहमी को स्पष्ट करते हुए कहा किया कि नोट में कहा गया है कि सरकार पीएसी  के साथ मूल्य विवरण को पूर्व में साझा कर चुकी है. यह वाक्य भूतकाल में लिखा गया है और यह तथ्यों के साथ पूर्ण रूप से सही है। 

राहुल की राफेल का टूट गया कनेक्शन, हो रही क्रैश लैंडिंग।


केंद्र द्वारा पेश की गई याचिका में कहा गया है कि उक्त नोट मोटे अक्षरों में लिखा गया है . जिसमे यह कहा गया है कि सरकार मूल्य विवरणों पर पीएसी के साथ विमर्श कर चुकी है. पीएसी की रिपोर्ट का  सीएजी परीक्षण कर रही है .रिपोर्ट का संपादित हिस्सा संसद के संज्ञान में है और यह देश के सामने है. इस याचिका के मुताबिक शब्द ‘हैज बीन (हो चुका है)’ भूतकाल के लिए इस्तेमाल हुआ है जिसमे लिखा है कि सरकार कैग के साथ मूल्य विवरण को पहले ही साझा कर चुकी है. यह भूतकाल में है और सही है। इस वाक्य के दूसरे हिस्से में सीएजी  के संबंध में कहा गया है कि कैग की रिपोर्ट का पीएसी परीक्षण कर रही है . फैसले में ‘इज’ की जगह ‘हैज बीन’ का इस्तेमाल हुआ है.
केंद्र ने शीर्ष अदालत के आदेश में आवश्यक संशोधन की मांग करते हुए कहा कि इसी तरह फैसले में यह कथन है कि रिपोर्ट का संपादित हिस्सा संसद के सामने रखा गया. इस बारे में कहा गया कि रिपोर्ट का संपादित हिस्सा संसद के सामने रखा गया और यह सार्वजनिक है.

सरकार ने की कपल्स से अपील, देर मत करो बच्चे पैदा करो।


याचिका के मुताबिक, नोट में केंद्र ने यह कहा गया है कि पीएसी रिपोर्ट का सीएजी परीक्षण कर रही है. यह प्रक्रिया की व्याख्या है जो आम तौर पर उपयोग में लायी जाती है।  पर फैसले में अंग्रेजी में ‘‘इज’’ यानि ‘‘है’’ की जगह ‘‘हैज बीन’’ अर्थात ‘‘कर चुकी है’’ का इस्तेमाल किया गया है। 


केंद्र सरकार ने ऐसे वक्त पर यह याचिका दायर की है जब विपक्षी कांग्रेस और अन्य ने इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं और सरकार पर सीएजी रिपोर्ट को लेकर शीर्ष न्यायालय को गुमराह किये जाने का आरोप लगाया गया है।
मोदी सरकार को बड़ी राहत देते हुए  सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र के हक़ में फैसला सुनाते हुए कहा राफेल लड़ाकू विमान के सौदे की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और इस लेन देन किसी भी प्रकार की कोई त्रुटि नहीं पायी गई जिसपर सवाल उठाये जा सकें। न्यायलय इस सौदे में निर्णय लेने की प्रक्रिया से ‘‘संतुष्ट’’ है. शीर्ष अदालत ने विपक्ष द्वारा किये गए जांच की मांग को खारिज करते हुए कहा की यह देश की सुरक्षा का मामला है और इस मामले पर और विवाद की कोई गुंजाईश नहीं रहनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद इस फैसले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। 

जानिए बॉलीवुड की पांच सबसे खूबसूरत पर नाकाम एक्ट्रेसेस के बारे में। नं 1 है सबसे खूबसूरत


सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि उसे फ्रांस से 36 विमान खरीदने के ‘‘संवेदनशील मुद्दे’’ में हस्तक्षेप का कोई कारण नहीं लगता. बता दें कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने राफेल सौदे के मामले में केंद्र की मोदी सरकार पर  आरोप लगाते हुए कहा है की केंद्र ने अपने झूठ बोलने की प्रवित्ति से सुप्रीम कोर्ट को भी नहीं बख्सा है। विपक्षी दलों का केंद्र पर आरोप है की केंद्र ने अपनी झूठ नीति से सुप्रीम कोर्ट और संसद को गुमराह किया है।  आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर अटॉर्नी जनरल को संसद में बुलाए जाने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि राफेल मामले में सरकार ने संसद और सुप्रीम कोर्ट दोनों को भी गुमराह किया किया है। 

ईशा अम्बानी की शादी की इन यादगार लम्हों के बारे में आपको जरूर जानना चाहिए।


खड़गे ने कहा- सरकार ने कोर्ट में सही तथ्य पेश नहीं किए


सर्वोच्च न्यायालय की ओर से राफेल मामले में फैसला सुनाये जाने के एक दिन बाद, लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष मल्लिकाजुर्न खड़गे ने शनिवार को कहा कि वह महा न्यायवादी और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) को इस मामले की जांच के लिए दबाव बनाएंगे और उनसे पूछेंगे कि कब सीएजी की रिपोर्ट पेश की गई और कब पीएसी ने उसकी जांच की।  कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा बुलाये गए मीडिया कॉन्फ्रेंस में खड़गे ने यहां मीडिया से कहा कि सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष झूठे दस्तावेज पेश कर सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया है।
उन्होंने कहा, ‘सरकार ने वहां दिखाया कि पीएसी रिपोर्ट पेश की गई है और सीएजी ने उसकी जांच की है.’ खड़गे ने कहा, ‘सरकार ने अदालत में यह झूठ बोला कि सीएजी रिपोर्ट को सदन और पीएसी में पेश किया गया है. उन्होंने अदालत में यह भी कहा कि पीएसी ने इसकी जांच की है. उन्होंने यह भी दावा किया कि यह रिपोर्ट सार्वजनिक है. अब केंद्र को बताना होगा की यह कहां है? क्या आपने इसे देखा है? मैं पीएसी के अन्य सदस्यों के समक्ष इस मामले को ले जाने वाला हूं.’

नेता प्रतिपक्ष के लिए भारतीय जनता पार्टी ने बृजमोहन अग्रवाल को किया आगे।


कोर्ट ने खारिज कर दी थी जांच संबंधी याचिका
सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राफेल सौदे की अदालत की निगरानी में जांच कराने के लिए विपक्ष द्वारा की गई याचिका खारिज कर दी थी. अदालत ने कहा था कि विमान की कीमत सीएजी के साथ साझा की गई और सीएजी की रिपोर्ट की जांच पीएसी ने की. अब इस रिपोर्ट का केवल संपादित भाग ही संसद के समक्ष पेश किया गया है और यह सार्वजनिक है.’
कोर्ट को गुमराह करने के लिए सरकार मांगे माफी

जानिए बॉलीवुड की पांच सबसे खूबसूरत पर नाकाम एक्ट्रेसेस के बारे में। नं 1 है सबसे खूबसूरत


सरकार पर सर्वोच्च न्यायालय को ‘गुमराह’ करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सरकार को इसके लिए सर्वोच्च न्यायलय और देश की जनता से माफी मांगने को कहा है।  उन्होंने कहा, ‘ रिपोर्ट को कभी भी संसद में पेश नहीं किया गया है. केंद्र ने सर्वोच्च न्यायालय में गलत सूचना पेश की है।  सर्वोच्च न्यायालय में सीएजी रिपोर्ट पर गलत तथ्य पेश कर अदालत को गुमराह करने के लिए नरेंद्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए.’
खड़गे ने यह भी कहा कि वे सर्वोच्च न्यायालय का आदर करते हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट कोई जांच एजेंसी नहीं है और केवल संयुक्त संसदीय समिति(जेपीसी) राफेल मामले में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर सकती है.

सरकार बनने से पहले ही कांग्रेस ने शुरू कि किसानों की कर्ज माफी की तैयारी.


क्या बोले संजय सिंह?
संजय सिंह ने कहा कि जब सीएजी की कोई जांच रिपोर्ट आई ही नहीं तो सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कैसे कहा कि ऐसी कोई जांच रिपोर्ट है. सरकार के अटॉर्नी जनरल ने भी सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि सील बंद लिफाफे में जो कुछ भी दिया गया वह उन्होंने नहीं पढ़ा है तो अब उन्होंने करेक्शन का हलफनामा कैसे दिया? उन्हें वह सीलबंद रिपोर्ट कहां से मिली?
आप सांसद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में जिक्र है कि एयरफोर्स प्रमुख ने कीमतों के खुलासे पर आपत्ति की थी. एयरफोर्स चीफ ने यह बयान कब दिया या ऐसा कोई एफिडेविट कब दिया था? नए एफिडेविट में भी सरकार कह रही है कि सीएजी को कीमतों के बारे में जानकारी दे दी गई है लेकिन सीएजी की रिपोर्ट तो जनवरी के बाद आएगी.

विधान सभा चुनाव विश्लेषण : कांग्रेस को जिताने में बीजेपी की मेहनत.


उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के हलफनामे के मुताबिक यह माना कि सीएजी और पीएसी कीमतों को लेकर पहले ही जांच कर रही है. शायद इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने राफेल घोटाले में जांच के आदेश नहीं दिए. अगर कोर्ट को यह पता होता कि ऐसी कोई जांच नहीं हुई है तो शायद इस मामले में जांच के आदेश दिए जाते.
सिब्बल बोले – केंद्र ने बोला झूठ

अभिनेता रजनीकांत के जन्म दिन पर जानिये उनके बस कंडक्टर से सुपरस्टार बनने तक का सफर।


राफेल पर शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस  कर कपिल सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने राफेल के मामले में जो    जो जानकारी दी है उसके सही होने पर संदेह उत्पन्न हो रहा है। इसलिए इस स्थिति को साफ़ करने के लिए यह जरुरी हो जाता है कि पीएसी (लोक लेखा समिति) में अटॉर्नी जनरल को बुलाया जाना चाहिए, जिससे यह साफ हो सके कि कोर्ट में गलत दस्तावेज क्यों जमा कराए गए, जिसका की कभी कोई जिक्र भी नहीं किया गया। यह बेहद संवेदनशील मामला है, जिस पर संसद  में चर्चा किया जाना बेहद जरुरी है। 


कपिल सिब्बल ने आगे कहा कि कांग्रेस इस मामले में हमेशा स्पष्ट रही है कि इस मामले के लिए सुप्रीम कोर्ट सही जगह नहीं है, यहां पर हर तरह की फाइल का खुलासा नहीं किया जा सकता. यह सर्वोच्च न्यायलय के अधिकारछेत्र में भी नहीं आता। . उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के हर फैसले में प्रेस रिपोर्ट और सरकार के हलफनामे का जिक्र किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि अनुच्छेद 32 के तहत कोर्ट के न्यायाधिकार के कारण वो  इस मामले का फैसला नहीं कर सकते।