Category Archives: Science

देखो! 2018 की अबतक की सबसे चमकदार जेमिनेड उल्का पात आज रात।

नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों, हमारा आसमान रहस्यों से भरा है। जिस तरह धरती में जीवों का जन्म और अंत निश्चित है उसी तरह आसमान में चमकने वाले हर तारों और ग्रहों का भी एक निश्चित उम्र निर्धारित है। धरती पर मौजूद जीवों की तरह सबका अंत निर्धारित है। आसमान में जब किसी तारे का अंत हो जाता है तो उसमे एक जबरदस्त विस्फोट होता है और इस विस्फोट के साथ वह अपनी सारी ऊर्जा यूनिवर्स में बिखेर देती है। जब इसी प्रकार के किसी टूटे हुए तारे या किसी छुद्र गृह के टुकड़े हमारे वायुमंडल में प्रवेश करते हैं तो वायुमंडल के साथ जबरदस्त घर्षण से वह उल्का पिंड गर्म होकर तेज़ रौशनी से चमकने लगता है जो की रात में धरती से आसमान में देखने पर बहोत ही सुन्दर दिखाई पड़ता है। जिसे हम उल्का शावर भी कहते हैं.

इसी प्रकार का एक नज़ारा आज रात को भी दिखाई देने वाला है। आज 13 -14 दिसंबर की रात आसमान जमीनेड उल्का शावर की रंगीन चमकदार रौशनी से जगमगा उठेगा। इस उल्कापात को आसमान में स्पष्ट रूप से  देखा जाने वाला  2018 का सबसे बेहतरीन उल्का शावर माना जा रहा है। इसे धरती के दोनों गोलार्धों से देखा जा सकता है। हालांकि यह उत्तरी गोलार्ध में ज्यादा स्पष्ट और मनमोहक नज़र आएगा। 

अगस्त परशीड उल्का शावर ज्यादा प्रसिद्द है, खगोल वैज्ञानिकों ने इसे एक अद्भुत घटना बताते हुए घरों से निकलकर इसका नज़ारा लेने की सलाह दी है। 

स्काई एंड टेलेस्कोप के अवलोकन करता और संपादक डायना हेनिकेनन ने अपने एक बयान में कहा कि यह इस घटना को और अधिक जानने व समझने  के लिए एक अच्छा मौका है। हो सकता है इस शावर को देख पाना सबके  लिए संभव न हो क्योंकि उल्कापात के वक्त अत्यंत ही ठण्ड का मौसम रहेगा। लेकिन जो भी इस उल्कापात को देख पाएंगे उनके लिए यह जेमिनेड्स उल्कापात का साल 2018 का सबसे बेहतरीन उल्का शावर दृश्य होगा। इसे देखने के लिए सबसे अच्छा समय तब होता है जब यह उस चोटी के आस-पास आपके स्थानीय समय क्षेत्र में अंधेरा होता है, जैसे कि 14 दिसंबर को सुबह से पहले। 

लेकिन अगर आप उन शुरुआती घंटों में नहीं उठेंगे, तो आप सूर्यास्त के कुछ घंटों बाद भी देखना शुरू कर सकते हैं; चंद्रमा 13 दिसंबर को स्थानीय समय लगभग 10:30 बजे और 14 दिसंबर को स्थानीय समय 11 बजे तय होगा, इसलिए बस उन रातों में से किसी एक पर ध्यान दें।

हनीकैनन ने कहा, “यदि आपके पास कोई प्रकाश प्रदूषण वाला स्पष्ट, गहरा आकाश नहीं है, तो आप चोटी की रात को सुबह 10 बजे तक हर मिनट या दो आकाश में एक उल्का रेखा को देख सकते हैं।”

आकाश जितना गहरा होगा, उतना अधिक उल्का आप देख सकते हैं, लेकिन कुछ कम-से-कम अनुकूल स्थितियों में देखने के लिए पर्याप्त उज्ज्वल हैं। उल्का आकाश भर में दिखाई दे सकता है, लेकिन वे मिथुन नक्षत्र में उज्ज्वल सितारा कास्टर के क्षेत्र से दूर उड़ रहे दिखाई देंगे।

एलियंस आएंगे और नष्ट कर देंगे मानवता को! हॉकिंग ने चेताया था.

एलियंस आएंगे और नष्ट कर देंगे सारी मामविया सभ्यता को. उनके सामने हम मनुष्य बेमतलब और फ़ालतू जिव बन जाएंगे. हम उनकी तकनीक और ताकत का मुकाबला नहीं कर पाएंगे और इस तरह से दुनिया पर उनका साम्राज्य होगा. जेनेटिक इंजीनियरिंग से महामानवों की एक नई नस्ल तैयार होगी जो मानवीय सभ्यता के लिए खतरनाक साबित होगी. महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने अपनी मौत से पहले यह चेतावनी दी थी.

 

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ब्रिटिश के प्रसिद्ध लेखक और वैज्ञानिक हॉकिंग ने पूरी दुनिया को डरा देने वाली यह अंतिम भविष्यवाणी की है जो उनके लेखों और निबंधों के अंतिम संस्करण में आएगा. आने वाले कुछ दिनों में प्रकाशित होंगे. स्टीफन हॉकिंग का 76 वर्ष की आयु में इसी वर्ष के मार्च महीने में निधन हो गया था. हॉकिंग के ये अंतिम लेख ‘ब्रीफ ऑन्सर्स टु द बिग क्वेश्चंस’ के नाम से किताब की शक्ल में जल्द ही आएंगे.
एक समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, हॉकिंग ने अपने इस लेख में लिखा है, ‘एक बार जब ऐसे सुपरह्यूमन आएंगे तो वे दुनिया में जबर्दस्त राजनीतिक समस्याएं पैदा करेंगे और इंसान उनका मुकाबला नहीं कर पाएंगे.’ उनमें खुद को अपनी तकनीक के दम पर बेहतर बनाने की होड़ होगी और वे काफी तेजी से अपने भीतर सुधार करेंगे.

 

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स्टीफेन हॉकिंग का कहना है कि धनी एवं पूंजीपति लोग जल्दी ही खुद में सुधार तो कर ही सकेंगे साथ ही अपने बच्चों के डीएनए में बदलाव कर उन्हें सुपरह्यूमन बना देंगे. इन सुपरह्यूमन के अंदर ज्यादा मेमोरी, रोगों की प्रतिरोध शक्ति, इंटेलीजेंस और ज्यादा उम्र तक जीने की क्षमता होगी.
स्टीफेन हॉकिंग ने लिखा है, ‘मुझे भरोसा है कि इस शताब्दी के दौरान लोग इंटेलीजेंस और आक्रामकता जैसे स्वभाव में बदलाव करने की वैज्ञानिक क्षमता हासिल कर लेंगे. हो सकता है कि मनुष्यों में जेनेटिक इंजीनियरिंग के खिलाफ कई देशों में सरकारी कानून पारित हो जाए, लेकिन मेमोरी, बीमारियों की प्रतिरोधक क्षमता, उम्र बढ़ाने जैसी चीजों के बारे में प्रयास को रोका नहीं जा सकेगा.’

 

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कई साइंटिस्ट ने वैज्ञानिक स्टीफेन हॉकिंग की इस भविष्यवाणी का स्वागत करते हुए कहा है कि उनकी बातों को ध्यान में रखकर हम इन परिस्थितियों से निपटने के लिए अभी से तयारी कर सकते हैं. इससे पृथ्वी को विनाश से बचाया जा सकता है, क्योंकि इससे हम पहले से सचेत हो जाएंगे. एक साइंटिस्ट ने कहा, ‘इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि इस ग्रह की चुनौतियों का सामना करने के मामले में व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से हमारे दिमाग की एक सीमित क्षमता है.

सूरज को चुने के लिए तैयार नासा का नया अंतरिक्ष यान. पूरी हो चुकी लॉन्चिंग की तयारी.

नमस्कार दोस्तों,
नासा का अंतरिक्ष यान सूरज तक पहुंचने के लिए तैयार है. सूरज के तापमान और वातावरण को टटोलने के उद्देश्य से डेढ़ अरब डॉलर से तैयार नासा के अंतरिक्षयान के लॉन्च होने का काउंटडावन शुरू हो चूका है. ये अंतरिक्षयान 11 अगस्त यानी की शनिवार के दिन लॉन्च किया जाएगा. एक कार के आकार का यह सूर्य मिशन का अंतरिक्ष यान ‘पारकर सोलर प्रोब’ शनिवार तड़के फ्लोरिडा के केप केनवरल से डेल्टा 4 हैवी राकेट के साथ लॉन्च किया जाएगा.

 

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कार के आकार का यह अंतरिक्ष यान सीधे सूर्य के कोरोना का चक्कर लगाएगा. स्थानीय समयानुसार ये ठीक 3 बजकर 33 मिनट पर शुरू हो जाएगा. इस यान को साढे़ चार इंच (11.43 सेंटीमीटर) मोटी ऊष्मा रोधी शील्ड से सुरक्षित किया गया है, जो इसे सूर्य के तापमान से बचाएगी.

 

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इस यान का मुख्य लक्ष्य सूर्य की सतह के आस-पास के असामान्य वातावरण के रहस्यों का पता लगाना है. सूर्य की सतह के ऊपर का क्षेत्र (कोरोना) का तापमान सूर्य की सतह के तापमान से करीब 300 गुना ज्यादा है. इस परियोजना में शामिल वैज्ञानिकों में से एक जस्टिन कास्पर ने कहा है कि पारकर सोलर प्रोब इस बारे में पूर्वानुमान लगाने में बेहतर मददगार साबित होगा कि सौर हवाओं में विचलन कब पृथ्वी को प्रभावित कर सकता है.

 

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