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पुलवामा आतंकी हमले में 44 CRPF जवान शहीद, पीएम ने कहा पाकिस्तान को जल्द मिलेगा जवाब।

ठान लिया यह हिंदुस्तान, ख़त्म होगा अब पाकिस्तान। 

जय हिन्द भारतवासियों,

दोस्तों, आज मैं बहोत आहत हूँ, क्योंकि देश का दुश्मन मेरी भारत माँ की आँचल को एक बार फिर लहूलुहान करने में कामयाब हो गया। पाकिस्तान का पालतू और नामर्द आतंकी षड्यंत्र रच कर एक बार फिर भारत माँ के सपूतों का खून बहाने में कामयाब हो गए। अपनी गिरी हुई हरकत से पाकिस्तान ने यह साबित कर दिया है की उनकी जननियों ने मर्द पैदा करना बंद कर दिया है। यही वजह है की पाकिस्तान में केवल हिज़ड़े ही पैदा हो रहे हैं जिन्होंने आमने सामने की लड़ाई करना कभी सीखा ही नहीं क्योंकि ऐसा करने का हुनर उनके खून में ही नहीं है। यह उनकी नामर्दानगी ही है की वे युद्ध करने से भागते हैं और छुपकर हमारे सैनिकों पर हमला करते हैं।

ब्रेकिंग न्यूज़ : अभी अभी पुलवामा में हुआ बड़ा आतंकी हमला, 42 जवान हुए शहीद।

पुलवामा आतंकी हमले ने एक बार फिर पुरे देश को गम में डुबो दिया है। इस हमले से देश दुखी तो है पर दुःख से कहीं ज्यादा देश की जनता के भीतर आक्रोश झलक रहा है। आज देश का हर शख्स चाहे वह किसी भी मजहब या राजनैतिक पार्टी का पक्षधर हो वह अपने सारे मुद्दे भुलाकर एकजुट होकर एकस्वर में देश की सरकार से आतंकवाद के खात्मे की मांग कर रहा है। देश की जनता के दिल में भय भी है और आक्रोष भी। भय इसलिए है कि जिस देश की सीमा और देशवासियों की सुरक्षा करने वाले सुरक्षा कर्मियों को इस तरह दिनदहाड़े खुलेआम भारी विष्फोटक से उड़ा दिया जाता है, उस देश का आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करे। और आक्रोष इसलिए की हमारे लाख बार दोस्ती का हाथ बढ़ाने के बावजूद जब पाकिस्तान अपनी मक्कारी से बाज़ नहीं आ रहा और गले मिलकर पीठ पर खंज़र मार रहा है तो फिर हमारी सरकार ऐसे देश से और कब तक और क्यों उम्मीदें लगाकर रखी है।

बैंक में निकली वैकेंसी, अगर भविष्य संवारना है तो 18 फरवरी तक करें आवेदन।

देश के जिन 44 जवानों ने देश की रक्षा के लिए शहीद होने का सपना देखा रहा होगा उनका इस तरह बिना किसी युद्ध के शहादत एक सैनिक के जीवन का अपमान है। अगर देश के जवानों की शहादत शरहद पर लड़ कर हो तो यह उसके लिए सम्मान की बात होती है पर इस तरह पाकिस्तान ने कायरता दिखते हुए छुपकर हमारे सिपाहियों की हत्या की है जिसे हिंदुस्तान कभी माफ़ नहीं करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा है कि ‘पाकिस्तान ने अपनी सबसे बड़ी गलती कर दी है। हमने देश की सेना को जवाबी कार्यवाही की पूरी छूट दे दी है। हमले की रूप रेखा, जगह और समय देश की सेना तय करेगी।’ इस आतंकी हमले ने पुरे भारत देश को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कर दिया है। सभी विरोधी पार्टियों ने भी केंद्र सरकार का साथ देने की बात करते हुए कहा है की वे जल्द ही पाकिस्तान को इस हमले का जवाब दें।

थम नहीं रहा मासूमों के साथ दुराचार का अपराध, आखिर कौन है ज़िम्मेदार?

दोस्तों, यदि आपका भी खून खौलता है और आप भी चाहते हैं की आतंकवाद को इस बार मुहतोड़ जवाब मिले तो मुझे कमेंट बॉक्स में जय हिन्द ज़रूर लिखें। जय हिन्द।

मोदी को मिली बड़ी कामयाबी, देश की संपत्ति विदेश में फूंक कर विजय माल्या लौटेगा भारत।

Image result for vijay mallya ka pratyarpanनमस्कार दोस्तों,

 दोस्तों देश का  9000 करोड़ रूपया लेकर फरार होने वाला विजय माल्या के लिए अब लूट के पैसों से  रहीसों वाली जिंदगी जी पाना मुश्किल होने जा रहा है। बैंकों से करोड़ों रुपये का कर्ज लेकर रफूचक्कर होने वाले विजय माल्या के प्रत्यर्पण का रास्ता अब साफ़ हो चूका है। यूके की सरकार ने विजय माल्या के भारत प्रत्यर्पण की मांग स्वीकार कर ली है और माल्या के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। प्रत्यर्पण से पहले विजय माल्या को अपना बचाव पक्ष तैयार करने एवं अपील करने के लिए 14 दिनों की मोहलत दी गई है।
आपको बता दें की भारतीय बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन लेकर धोखाधड़ी करने के आरोप में विजय माल्या के खिलाफ जांच चल रही थी। जांच के बीच में से ही वे मार्च 2016 में लन्दन भाग गए थे। विजय माल्या को भारत वापस लाने के लिए केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों ने काफी मेहनत और इंतज़ार किया। विजय माल्या के मामले में भारत को उस वक़्त बड़ी सफलता मिली जब दिसंबर 2018 में लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने माल्या को भारत वापिस भेजने का फैसला सुनाया। इस फैसले के साथ ही प्रत्यर्पण से सम्बंधित आदेश की फाइल होम सेक्रेटरी को सौंप दी गई थी। अब होम सेक्रेटरी ऑफिस ने भी विजय माल्या के प्रत्यर्पण सम्बंधित फाइल पर दस्तखत कर दिए हैं।
विजय माल्या पर बैंकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। विजय माल्या पर आरोप है की उन्होंने बैंकों के पास लोन सम्बंधित गलत दस्तावेज़ प्रस्तुत कर 9000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। भारत की जांच एजेंसीयां सीबीआई और ईडी इस मामले की जांच कर रही है। आपको बता दें की विजय माल्या एक शराब कारोबारी थे और एयरलाइन्स के बिज़नेस पर भी उन्होंने कदम रखा था। माल्या के देश छोड़ने के बाद से अब तक माल्या की कई नामी और बेनामी संपत्ति जब्त की जा चुकी है जिसकी कुल अनुमानित लागत 13000 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
विजय माल्या ने अपने एक ट्वीट में कहा की हर सुबह जब मई न्यूज़ पढता हूँ तो यह जानकारी मिलती है की लोन वसूली अधिकारी ने मेरी एक और संपत्ति जब्त कर ली है। अब तक जब्त की गई संपत्ति की अनुमानित कीमत 13000 करोड़ है जबकि बैंकों मेरी देनदारी केवल 9000 करोड़ रुपये है जोकि अभी समीक्षा का विषय है।
दोस्तों, मैंने आपको इतनी अच्छी खबर दी है तो प्लीज मुझे फॉलो करना न भूलें. धन्यवाद्।

देखिये चुनावी बजट के बाद कैसे अपनी ही पीठ थपथपा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं बीजेपी.

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नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों, जैसा की हम सब जानते हैं की मोदी सरकार ने 2019 – 20 के लिए अपने शासन काल का अंतरिम बजट पेश कर दिया है। इस बजट के केवल ऊपरी जानकारी से ही आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं की यह बजट पूरी तरह से एक चुनावी घोषणापत्र की तरह पेश किया गया है। यह बजट बीजेपी सरकार की ओर से अगली लोकसभा चुनाव को ध्यान में रख कर बनाई गई है जिसका की वास्तविकता से दूर दूर तक कोई सम्बन्ध नहीं है। अगर मैं इसे बजट न कहकर बीजेपी का चुनावी घोषणापत्र कहूं तो कोई गलत नहीं होगा।
दोस्तों अब लोकसभा चुनाव में बहोत ही कम वक़्त शेष रह गया है और ऐसे में भारतीय जनता पार्टी जीत के लिए हर मुंकिन दांव खेल रही है। मोदी सरकार ऐसी कोई गलती नहीं करना चाहती जिससे की उन्हें लोक सभा चुनाव में किसी तरह का नुकसान उठाना पड़े। इस बजट में हर वर्ग के वोटर को पूरी तरह से ध्यान में रखा गया है और उन्हें लुभाने की कोशिश की गई है।
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2018 के आखिर में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में तीन राज्यों को खोने के बाद बीजेपी को आखिर यह बात समझ में आ ही गई की किसान और मजदूर वर्ग उनसे किस हद तक नाराज़ हैं, यही वजह है की बीजेपी इस प्रकार की किसी भी गलती को दुहराना नहीं चाहती।
बीजेपी की सरकार की और से पेश की गई अंतरिम बजट को एक ऐसे खुसबूदार और स्वादिष्ट लॉलीपॉप की तरह पेश किया गया है जो पहली नज़र में हर किसी को खुश करने की काबलियत रखता है। इस बजट में किसान, मजदूर, श्रमिक, दैनिक वेतनभोगी, प्राइवेट एवं सरकारी कर्मचारी, निम्न  माध्यम वर्ग सभी को ध्यान में रखा गया है और सभी के हित के लिए योजनाएं पेश की गई है।
आइये जानते है सरकार द्वारा पेश की गई अंतरिम बजट में क्या है खास…. …. …
1 . सरकार ने अपने अंतरिम बजट में किसानों के लिए सम्मान राशि के रूप में सालाना 6000 रुपये देने की घोषणा की है। इस योजना के लागू होने के बाद जिन किसानों के पास पांच एकड़ से कम जमींन है उन्हें सालाना 6000 रुपये अर्थात मासिक 500 रुपये मिलेंगे। इस योजना से सरकार ने पांच एकड़ की भूमि धारी किसान की औकात 17 रुपये दैनिक के रूप में घोषित कर दिया है। सरकार ने इस योजना को किसान सम्मान निधि का नाम दिया है, अब यह देश के किसानों पर निर्भर करता है की वे इसे अपना सम्मान समझते हैं या फिर अपमान।
2 . सरकार ने इस बजट में मध्यम वर्ग के कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. इनकम टैक्स राहत के लिए अधिकतम आमदनी की सिमा 2.5 लाख से बढ़ा कर 5 लाख कर दी गई है। हालांकि इस देश की 70  प्रतिशत से अधिक आबादी सालाना 3 लाख रुपये से कम की आमदनी करने वालों की है जिनके लिए टैक्स फ्री इनकम की इस नए दायरे का कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ने वाला।
3 . मज़दूरों के लिए हुआ सालाना बोनस का ऐलान। सनगठित छेत्र में काम करने वाले ऐसे मज़दूर जिनकी मासिक आय 21 हजार रुपये से कम है उन्हें केंद्र सरकार की ओर से सालाना 7000 रुपये बोनस के तौर पर दिए जाने की घोषणा की गई है। वहीँ 60 साल से ज्यादा उम्र के किसानों एवं मज़दूरों को प्रतिमाह 3000 रुपये पेंशन के तौर पर दिए जाने की घोषणा की गई है।
इसके अलावा और भी कई सौगात देश की जनता को मोदी सरकार की और से इस अंतरिम बजट के द्वारा मिलने वाले हैं। पर ऊपर जिन तीन मुख्य योजनाओं का ज़िक्र मैंने किया इसका सीधा असर सरकारी मुद्रा कोष को पड़ने वाला है। अब देखना यह है की सरकार अपने इन वादों को किस प्रकार पूरा करती है। पर हर हाल में नुक्सान जनता का ही होने वाला है क्योंकि जिस सरकारी धन को इन योजनाओं को पूरा करने के लिए सरकार पानी की तरह बहाने जा रही है वह धन भी देश की जनता का अर्थात हमारा है।
इससे बेहतर होता की सरकार किसानों के फसल का समर्थन मूल्य बढाती और बाजार के बिचौलियों को ख़त्म कर किसानों को आर्थिक रूप से मज़बूत करती। मज़दूरों के लिए न्यूनतम सैलरी निश्चित करती और सरकारी नौकरियों के लिए नयी रिक्तियां लाती। पर हमारी सरकार देश की जनता को केवल निकम्मा और आश्रित बनाती जा रही है। वे शायद देश की जनता को एक लाचार और मज़बूर की तरह अपने आगे हाथ फैलाये ही देखना चाहते हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अंतरिम बजट की घोषणा के बाद कहा की हमने ‘सबका साथ सबका विकाश’ के अपने अजेंडे पर काम किया है और सभी वर्ग का विशेष ध्यान रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट के बाद अपने एक बयांन में कहा की हमारे इस बजट को सुनकर विपक्ष का मुँह लटक गया है। उनकी इस बात से ऐसा लगा जैसे की वे अपने हाथ से अपनी ही पीठ थपथपा रहे हों।
दोस्तों आप मेरी बात से कितना सहमत या असहमत हैं मुझे कमेंट करके जरूर बताएं और यदि आपने अभी तक  मुझे फॉलो नहीं किया है तो जाने से पहले मुझे फॉलो ज़रूर कर दें , धन्यवाद्।

सरकार बनने से पहले ही कांग्रेस ने शुरू कि किसानों की कर्ज माफी की तैयारी.

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नमस्कार दोस्तों,

रायपुर : छत्तीसगढ़ में 15 सालों तक सत्ता विहीन रहने के बाद, 15 वर्ष बाद मिले पूर्ण महूमत से कांग्रेस  पार्टी का आत्मविश्वास चरम पर है। पर यह जनता के लिए गर्व की बात है की जित की खुसी में कांग्रेस मोदी सरकार की तरह अपना वादा नहीं भूली। कांग्रेस ने विधान सभा चुनाव से पूर्व छत्तीसगढ़ की जनता से यह वादा किया था की यदि उनकी सरकार बनती है तो वे सत्ता में आते ही सबसे पहले छत्तीसगढ़ के किसानों की क़र्ज़ माफ़ी के लिए कार्य करेंगे। 

जानकारी मिल रही है की छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत से जीत मिलने के बाद राज्य शासन के अधिकारियों ने किसानों की कर्ज माफी की तैयारियां शुरू कर दी हैं. राज्य सरकार के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार सहकारिता विभाग के उप सचिव श्री पीएस सर्पराज ने संचालक, संस्थागत वित्त संयोजक, राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी और प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक को एक पत्र लिखकर किसानों की ऋण माफी योजना को लागू करने के लिए सभी अहम जानकारी मांगी है.

 

पत्र में लिखा गया है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा अपने जन घोषणा पत्र में सरकार बनने के 10 दिनों के भीतर किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की गई है. इस घोषणा की पूर्ति के लिए किसानों की ऋण माफी योजना तैयार किया जाना है. अधिकारियों से कहा गया है कि उनके अधीन कार्यरत बैंकों द्वारा किसानों को वितरित कृषि ऋण और बकाया राशि की पूरी जानकारी 30 नवंबर की स्थिति के अनुसार उपलब्ध करने की मांग की है। 

रजनीकांत की ‘2.0’ के बाद नया धमाका, डैशिंग अंदाज में दिखे रजनीकांत.

राज्य में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपनी सरकार बनने पर किसानों का ऋण माफ किए जाने का वादा किया था. वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि सरकार बनने के 10 दिनों के भीतर किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा. कांग्रेस ने इसके साथ ही धान का समर्थन मूल्य 25 सौ रूपए प्रति क्विंटल करने का भी वादा किया था। 

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में 90 सीटों में से कांग्रेस ने 68 सीटों पर पूर्ण बहुमत से जीत हासिल की है जबकि भारतीय जनता पार्टी को केवल 15 सीटों पर जीत मिली है. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ को पांच सीटें तथा बहुजन समाज पार्टी को केवल दो ही सीटों पर जीत हासिल हुई है।  राज्य में 15 वर्षों के बाद कांग्रेस एक बार फिर सत्ता में आ रही है. 

चार साल तक गर्भ में ही था विकास, जब पैदा हुआ तो देखने वाले हुए हैरान.

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नमस्कार,
मित्रों, भाइयों एवं बहनों, टाइटल पढ़कर तो आप सभी समझ ही गए होंगे की मै आज किस बारे में बात करने वाला हूँ. और समझेंगे भी क्यों नहीं आखिर आप भारत देश के जिम्मेदार नागरिक जो हैं. ऊपर वाले ने भारत में जन्मे लोगों को भले ही कुछ न दिया हो पर इन नेताओं की नब्ज का ज्ञान हमें जरूर दिया है. ये कब क्या और क्यों करते हैं ये हम जनता को खूब पता होता है.
लेकिन मित्रों हम, सब कुछ समझकर भी बेवकूफ क्यों बन जाते हैं इस बात पर वैज्ञानिकों को शोध करना चाहिए. पूरी दुनिया जिस हिन्द ( जिसके कई टुकड़े होकर भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन, नेपाल और नजाने कितने देश बने ) को कभी विश्व गुरु मानता था उसी विश्वगुरु को कोई भी आकर ठग लेता है, हमारे देश में घुस कर हमपर शाशन करता है और हमें उन्हें भगाने में ३०० साल लग जाते हैं, यह बड़ा ही विचित्र बात है.

 

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जब से मोदी जी आए है तबसे बीजेपी वाले गौ रक्षा के नाम पर आतंक फैला रहे हैं. रोजगार के नाम पर पकोड़े तलवा रहे हैं. १५ लाख देने की बात को जुमला बता रहे हैं. उनसे वर्क रिपोर्ट मागो तो वो दूसरी पार्टियों की काम गिनाने लगते हैं. पता नहीं वो खुद क्या किये और क्या करना चाहते हैं. समझ से बार है. सिर्फ विदेश दौरों के अलावा उन्होंने देश को जुमलों के शिवा और कुछ नहीं दिया.
दोस्तों जिस पीएम ने अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल के 4 साल केवल जुमले बोलने में बिता दिए वो अब चुनाव आने वाला है तो जनता का दिल जीतने के लिए अचानक से अपने आपको बेहतर प्रधानमंत्री सिद्ध करने की कोशिश कर रहे हैं अब जब चुनाव मात्र 8 महीने ही शेष रह गया है तो वे सड़के बनवा रहे हैं नई नई योजनाएं गिना रहे हैं और जो काम वह कभी किया ही नहीं उन कामों को गिना रहे हैं दोस्तों यदि हमारे प्रधानमंत्री पिछले 4 साल विदेश दौरे पर ना बिताते और देश के लिए मेहनत करते तो आज लाखों बेरोजगार इस तरह सड़कों पर ना घूम रहे होते.
अब यह आप पर है. फिर से एक बार इस फेकू के झांसे में आने वाले हैं या अपनी अकल लगाकर सही व्यक्तित्व सही व्यक्ति को इस देश का प्रधानमंत्री बनाने वाले हैं. क्योंकि हमारे पास केवल एक ही ताकत है, वह हमारा वोट क्योंकि हम ही वह हैं जो इन्हें कुर्सी पर बिठाते हैं ताकि यह देश को चला सके, हमारी संपत्ति और हमारे देश की रक्षा कर सके और हम जनता की सेवा कर सके.
पर यह कुर्सी पर बैठने के बाद उस पद को केवल अपने शौक पूरा करने का एक जरिया मात्र समझने लगते हैं. मोदी जी को विदेश घूमने का शौक था उन्होंने पूरा वर्ल्ड टूर कर लिया. पर अब भी वक्त है इन्हें सही सबक सिखाने का और अपने वोट की शक्ति का इन्हें एहसास कराने का. अपनी सबसे बड़ी ताकत के सही इस्तेमाल करने का. धन्यवाद।

जानिये प्रधानमंत्री आवास योजना के पीछे का सच, योजना के नाम पर कर्ज में डूबती जनता.

नमस्कार दोस्तों, 
दोस्तों आप सभी ने प्रधान मंत्री आवास योजना के बारे में सुना ही होगा. आप में से कई ऐसे लोग होंगे जिन्होंने इस योजना से अभी अपना नया घर बनवाया होगा. और कुछ ऐसे होंगे जिनका नाम अभी आया होगा और वो घर बनवाने वाले होंगे.
प्रधानमंत्री जी पी एम् ए वाय के तहत ऐसे लोगों को खुद का घर बनवाने के लिए आर्थिक मदद कर रहे हैं जो की गरीब परिवार से हैं और खुद का एक भी पक्का मकान नहीं है. काम आमदनी और गरीबी रेखा वालों को इस योजना के तहत घर बनाने में मदद दी जा रही है. इस योजना के तहत आपको एक लाख पच्चीस हजार रुपये तीन किश्तों में दी जा रही है. पहला किश्त चालीस हजार रुपये घर की नीव तैयार करने के लिए उसके बाद फिर चालीस हजार रुपये घर की छत ढलाई के लिए फिर बाकि बची रकम प्लास्टर कम्पलीट करके पी एम् ए वाय लोगो बनवाने के बाद.

 

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 इस योजना के तहत आपको दो बैडरूम एक हॉल एक किचन और बाथरूम बनवाना है वो भी एक लाख पच्चीस हजार रुपये में. जो लोग बनवा चुके हैं उन्हें अच्छी तरह से पता है की इतने में एक कमरा और किचन बना पाना भी नामुनकिन है. फिर भी इस योजना के तहत घर बन रहे हैं. चलिए जानते है की घर कैसे बन रहे हैं.
दोस्तों प्रधान मंत्री आवास योजना पूरी तरह से गरीब और मज़दूर वर्ग के लोगों को क़र्ज़ में डुबो रही है. यह मैं नहीं कह रहा बल्कि आप खुद उन लोगों से पूछ सकते हैं जिन्होंने इस योजना के द्वारा घर बनवाया है. जिस भी व्यक्ति का इस योजना में नाम चयन होता है. सबसे पहले तो उसे कम से कम २०००० रुपये अधिकारीयों को खिलाना पड़ता है. बेटे के लिए घर बन जाये यह सोचकर माँ अपने गहने गिरवी रख देती है और किसान किसी अन्य माध्यम से क़र्ज़ लेकर अपने सपनो का घर बनाने की तयारी में जुट जाता है. प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए जो दिशानिर्देश दिए गए हैं उस हिसाब से वह घर तीन लाख से कम में नहीं बन सकता.
आप ही बताइये की घर बनने के बाद क़र्ज़ से दबा बेटा क्या अपनी माँ के गहनों का मोल चूका पायेगा या उसकी अतिरिक्त खर्च से बचने के लिए उसे घर से अलग कर देगा. क्योंकि यही हो रहा है. और इसके लिए ज़िम्मेदार पीएम नहीं तो और कौन है.
भाइयों जब भी सरकारी फण्ड से कुछ नया निर्माण किया जाना होता है तो एक छोटी सड़क बनवाने के लिए भी टेंडर जारी होता है. उसका पूरा बजट तय किया जाता है फिर काम को गति दी जाती है. तो फिर जब करोड़ों रुपये की इस योजना से आम जनता के लिए घर बनाया जाना था तब इसके लिए टेंडर क्यों नहीं निकाला गया. आज गरीब लोग क़र्ज़ लेकर अपना घर बनवा रहे हैं. उसपर मोदी जी की योजना का लोगो बनवाकर उनका प्रचार कर रहे हैं.
ऐसा सटीक मार्केटिंग मैनेजमेंट मैंने आजसे पहले कभी नहीं देखा जिसमे लोग अपना पैसा लगाकर किसी और का प्रचार कर रहे हों. प्रधान मंत्री जी को किसी कंपनी का मार्केटिंग मैनेजर होना चाहिए था. वो गलती से पीएम बन गए.
धन्यवाद्.

पीएम मोदी जीत की दुआ मांगने पहुंचे साईं की शरण में.

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नमस्कार दोस्तों,
भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी, पूरी दुनिया घूमने के बाद अब गए साईं के शरण में. 
शिरडी के साईं को समाधि लिए आज 100 साल पूरे हो रहे हैं. इस मौके पर साईं धाम शिरडी को सजाया गया है. इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साईं के दरबार में अपनी हाजिरी लगाई और वहां विशेष पूजा की.
ऐसा पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री शिरडी के साईं मंदिर गए हों, इससे पहले भी वो शिरडी जा चुके हैं. आज से 10 साल पहले 2008 में नरेंद्र मोदी ने शिरडी पहुंचकर साईं बाबा की पूजा की थी, उस वक्त वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे.साईं समाधि के अवसर पर हो रहे महा समारोह में प्रधानमंत्री शिरडी को कई तरह की सौगातें देंगे. प्रधानमंत्री यहां कई योजनाओं को शुरू करेंगे.
पहला प्रोजक्ट – 40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 10 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर सिस्टम का भूमि पूजन.
दूसरा प्रोजक्ट – 158 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला हाइटेक एजुकेशनल कंपलेक्स का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी. इस काम्प्लेक्स में स्कूल, कॉलेज, ऑडिटोरियम, प्लेग्राउंड, लाइब्रेरी, लैबोरेट्री समेत अन्य कई तरह की सुविधाएं होंगी.
तीसरा प्रोजक्ट – 166 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला अनोखा साईं नॉलेज पार्क. इसमें साईं की जीवन से जुड़ी जानकारियां, म्यूजियम, थीम पार्क इत्यादि शामिल हैं.
चौथा प्रोजक्ट – शिरडी आने वाले साईं भक्तों को महज 1 घंटे में आरामदायक साईं दर्शन मिले, इसके लिए 112 करोड़ रुपये की लागत का ग्राउंड प्लस टू दर्शन हॉल का निर्माण किया जाएगा. इसकी मदद से एक बार में तकरीबन 18000 साईं भक्त कतार में खड़े होकर आसानी से साईं के दर्शन पा सकेंगगे. इस टर्मिनल को स्काईवॉक से सीधे समाधि मंदिर तक जोड़ा जाएगा.

राहुल गांधी पलटे अपनी ज़ुबान से. पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ किया धोखा.

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नमस्कार दोस्तों,
दोस्तों जैसा की आप सभी जानते हैं की अभी पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. जिनमे से एक राजस्थान भी है. राजस्थान में कई बार अपने भाषण के दौरान कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गाँधी का एक बयां बहोत ही लोकप्रिय हुआ था की वे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की तरफ से दिल्ली में उनके लिए इन्साफ करने बैठे हैं. किसी भी पैराशूट उम्मीदवार को कांग्रेस टिकट नहीं देगी. अगर कोई पैराशूट से आएगा तो वे २०० किलोमीटर दूर से ही उस पैराशूट की रस्सी काट देंगे. तब राहुल गांधी के इस बाड़े पर कांग्रेस कार्यकर्ता झूमकर ताली बजाते थे. और नारेबाजी भी करते थे.पर गुरुवार देर रात कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची जारी हुई तो इस सूचि ने राहुल गांधी के झूठे वादों की सारी पोल खोल दी. कांग्रेस के उम्मीदवारों की इस सूची में छः पैराशूट उम्मीदवारों के नाम भी शामिल पाए गए. 
कांग्रेस के उम्मीदवारों की इस सुची को देखते ही सभी पार्टी कार्यकर्ताओं ने हंगामा सुरु कर दिया. सभी पार्टी सदस्य राहुल से यह सवाल कर रहे हैं की उन वादों का क्या हुआ जो आप चुनावी सभाओं में दिए गए भाषण में कर रहे थे. 
आइये जानते हैं की कौन हैं कांग्रेस के पैराशूट उम्मीदवार.
1 . हबीबुर्ररहमान: नागौर से विधायक हबीबुर्ररहमान कांग्रेस लिस्ट जारी होने से 24 घंटे पहले ही बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं. और नागौर से कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार बना दिया.
2 . हरीश मीणा दौसा से बीजेपी के सांसद रहे हरीश मीणा को देउली उनियारा सीट पर उतारा गया है. हरीश मीणा ने भी एक दिन पहले ही बीजेपी छोड़ी थी.
3 . कन्हैयालाल झंवर: कांग्रेस के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी होने से केवल पांच घंटे पहले ही कांग्रेस में शामिल होने वाले कन्हैयालाल झंवर को बीकानेर पूर्व से मैदान में उतारा गया है.
4 . सोना देवी बावरी : पिछली बार जमींदार पार्टी की टिकट पर विधायक बानी सोना देवी बावरी को इस बार कांग्रेस ने रायसिंघ नगर से अपना उम्मीदवार बनाया है.
5 . सवाईसिंह गोदारा : पूर्व आईपीएस अधिकारी रहीं गोदारा ने एक दिन पहले ही वीआरएस लिया और अब उन्हें कांग्रेस ने खींवसर से टिकट दिया है.
6 . राजकुमार शर्मा : नवलगढ़ के निर्दलीय विधायक राजकुमार शर्मा को भी कांग्रेस ने नवलगढ़ से अपना प्रत्यासी बनाया है.
क्या हुआ तेरा वादा ?
कांग्रेस की लिस्ट आते ही बीकानेर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त विरोध शुरू कर दिया है. कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे बीडी कल्ला के टिकट काटने से नाराज उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा मचाया और कुर्सियां तक जला दी. पिछले 15 सालों से कांग्रेस से सक्रिय राजनीति कर रहे पूर्व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री नमोनारायण मीणा, देउली उनियारा से कांग्रेस का टिकट चाहते थे, लेकिन ऐन मौके पर उनके सगे भाई बीजेपी सांसद हरीश मीणा कांग्रेस में शामिल होकर वहां से टिकट ले उड़े. 
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं से एक और वादा किया था कि काम करने वालों को टिकट मिलेगा. राहुल ने कहा था कि पार्टी रिश्तेदारों को टिकट नहीं देगी. लेकिन पार्टी कि लिस्ट पर नज़र डालें तो यह पता चलता है कि पार्टी ने 15 नेताओं के रिश्तेदारों को मौका दिया है. जबकि बीजेपी ने भी 9 नेता पुत्रों को टि
कट दिया है.
हलाकि कांग्रेस ने इस बार सख्ती दिखाते हुए दो बार लगातार चुनाव हारने वालों को टिकट नहीं दिया है. साथ ही बीस महिलाओं को टिकट दिया है. कांग्रेस में चर्चा चल रही है कि इस लिस्ट को जारी करने में सारा दिमाग सचिन पायलट का है. लगभग 79 लोगों के टिकट बदलवाने में वे सफल हुए हैं. लेकिन फिर भी गहलोत सरकार में शामिल रहे 22 मंत्रियों और 6 संसदीय सचिवों को एक बार फिर से टिकट मिल गया है.

जानिये क्या बात हुई राष्ट्रपति सोलिह और पीएम मोदी के बीच.

नमस्कार दोस्तों,
दोस्तों, हम सभी जानते हैं की हमारे प्रधान मंत्री भारत से अधिक विदेशों की खबर रखते हैं. उनका अधिकतर कार्यकाल विदेशों के दौरे में बीता है और वे जब देश में रहते हैं तब भी उनका अधिकतर ध्यान विदेश की राजनितिक हलचल की हर खबर पर बनी रहती है. 
 उनके विदेश प्रेम और विदेश दौरों के इसी क्रम में उन्होंने कल १७ नवंबर शनिवार को कहा की मालदीव के नए राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के शासन में उन्हें हिन्द महासागर के इस द्वीपीय राष्ट्र के साथ द्विपक्षीय संबंधों के और गहरे होने की उम्मीद है. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी यहां मालदीव के निर्वाचित राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए. देश के सातवें राष्ट्रपति सोलह ने सितम्बर में हुए चुनावों में कद्दावर अब्दुल्ला यामीन को पराजित किया था. 

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राष्ट्रीय फुटबॉल स्टेडियम में हुए शपथ ग्रहण समारोह के फ़ौरन बाद मोदी ने सोलह से मुलाकात की और रणनीतिक महत्वा रखने वाले इस देश को शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और समृद्ध देश बनने के सभी प्रयासों में हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया. इस मुलाक़ात के दौरान मोदी ने सोलिह को भारत आने का न्योता भी दिया. मालदीव के विदेश मंत्री २६ नवंबर को भारत दौरे पर आएंगे और इस दौरान राष्ट्रपति के भारत दौरे के लिए तैयारिओं को अंजाम दिया जाएगा. शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मोदी मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद और मौमून अब्दुल गयूम की बगल में बैठे थे. समारोह में श्रीलंका की पूर्व राष्ट्रपति कहंदृका कुमारतुंग भी शामिल हुई.
विपक्षीय मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार 54 वर्षीया सोलिह 23 सितम्बर को हुए चुनावों में सबको चौकते हुए विजेता बने. मोदी और सोलिह के संयुक्त बयां में यह कहा गया है की बैठक के दौरान मोदी और सोलिह इस बात पर सहमत थे की हिन्द महासागर में शान्ति और सुरक्षा बरकरार रखना हमारी मुख्या जिम्मेदारी और पहली प्राथमिकता है और उन्हें छेत्र में स्थयित्वा के लिए एक दूसरे की चिंताओं और आकांक्षाओं का ध्यान रखना होगा. भारत और मालदीव के बीच रिश्तों के लचीलेपन का ज़िक्र करते हुए दोनों नेताओं ने सहयोगी और मित्रवत रिश्तों को फिर से बहाल करने का भरोसा दिलाया है. दोनों नेताओं ने छेत्र के अंदर और दूसरी जगहों पर भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग बढ़ने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की. राष्ट्रपति सोलिह ने प्रधानमंत्री मोदी को देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी दी. साझा बयान में कहा गया की राष्ट्रपति सोलिह ने आवास और आधारभूत विकाश के साथ ही पानी और अवजल प्रणाली की बढ़ती जरूरतों पर भी ध्यान आकर्षित किया. 
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की वह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने को लेकर काफी आशावादी हैं. उन्होंने सोलिह को आश्वासन दिया की भारत सतत सामाजिक और आर्थिक विकास हासिल करने में मालदीव की सहायता करने को लेकर प्रतिबद्ध है. प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय कंपनियों के लिए मालदीव के विभिन्न छेत्रों में निवेश के विस्तारित अवसरों को भी बल दिया. विदेश मंत्रालय ने कहा ” प्रधान मंत्री ने राजकीय दौरे पर भारत आने के लिए राष्ट्रपति सोलिह को आमंत्रित किया है. राष्ट्रपति सोलिह ने इस निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार कर लिया.” इससे पहले २०११ में देश के तात्कालिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी हिन्द महासागर के इस द्वीपीय देश की यात्रा की थी और इन दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों पर बात की थी.
आपको ज्ञात
हो की मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति द्वारा किये गए गलत फैसलों ने भारत और मालदीव के रिश्तों में कड़वाहट भर दी थी, ऐसे में मोदी जी के इस दौरे का बड़ा राजनितिक महत्वा बताया जा रहा है और कयास लगाए जा रहे हैं की उनके इस दौरे से दोनों देशों के रिश्तों की कड़वाहट काम होने के काफी आसार हैं. इसके साथ ही सोलिह के भारत दौरे के साथ पुराने कड़वाहट को भूलकर कुछ नए राजनैतिक समझौते भी हो सकते हैं.
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