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अभी-अभी : छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में हुआ बड़ा नक्सली हमला। बीजेपी नेता व पांच जवान शहीद।

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नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों, लोकसभा चुनाव से महज दो दिन पहले छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा में हुए इस नक्सली हमले ने दंतेवाड़ा में दहशत का माहौल बना दिया है। नक्सलियों ने इस हमले को अंजाम देने के लिए बड़ी भारी मात्रा में आईईडी  का इस्तेमाल किया है। चुनाव प्रचार के आखरी दिन बीजेपी नेता अपने प्रचार कार्य में व्यस्त थे और इसी सिलसिले में वे दंतेवाड़ा जा रहे थे। हमला इतना भयानक था की जिस गाड़ी पर मंत्री जी जा रहे थे उस गाड़ी के परखच्चे उड़ गए हैं। यह पहचान पाना भी मुश्किल है की वह गाड़ी कौन सी है।

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बीजेपी के जिस विधायक के काफिले पर यह हमला किया गया गया उनका नाम भीमा मंडावी है।  ताज़ा खबर के मुताबिक दंतेवाड़ा के श्यामगिरी इलाके में नक्सलियों ने आईडी ब्लास्ट किया जिसके चपेट में विधायक भीमा मंडावी के काफिले की कई गाड़ियां आ गई।

बताया जा रहा है की हादसे के वक्त मंत्री जी चुनाव प्रचार के सिलसिले में कुकाकोण्डा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले श्याम गिरी इलाके से गुजर रहे थे। तभी नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर काफिले को धमाके से उड़ा दिया। इस ब्लास्ट के बाद नक्सलियों ने काफिले पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। यह ब्लास्ट इतना भयानक था की जमींन पर करीब 5 फिट गढ्ढा हो गया। इस हमले की जानकारी मिलते ही सीआरपीएफ के जवान घटना स्थल पर बचाव कार्य के लिए पहुंच गए। काफी देर तक नक्सलियों और जवानों के बीच मुठभेड़ हुई जिसमे सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए।

इस हमले में घायल हुए लोगों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है इनमे से कुछ लोगों की हालत नाज़ुक बताई जा रही है। डीआईजी पी सुन्दर राज ने बताया की इस नक्सली हमले में बीजेपी विधायक भीमा मंडावी की मौत हो गई है। जिस वक़्त हमला हुआ तब मंत्री जी की गाड़ी काफिले में सबसे आखिर में थी और हमले के ऐन वक़्त पर उनकी गाड़ी धमाके के चपेट में आ गई।

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पुलवामा में आतंकवाद की भेंट चढ़े CRPF के 44 शहीद जवानों को देश वासियों की श्रद्धांजलि।

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नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों, 14 फरवरी को जब देश का हर नौजवान वैलेंटाइन डे मना रहा था तभी धरती की ज़न्नत से एक ऐसी खौफनाक खबर आयी जिसने माँ भारती के कलेजे को छलनी कर दिया और हर भारतवासी के आँखों को आंसुओं से भर दिया। दोपहर के करीब तीन बजे जब CRPF बटालियन के जवानों की शिफ्टिंग चल रही थी और जवानों से भरे बसों का काफिला शिफ्टिंग के लिए रवाना हुआ तभी अचानक 300 किलो I.E.D विष्फोटक से भरा स्कार्पिओ जो की पहले डिवाडर के साइड पर बंद खड़ा था वह जवानों से भरे एक बस से जा भिड़ा। देखते ही देखते 44 जवान शहीद हो गए।

पुलवामा आतंकी हमले में 44 CRPF जवान शहीद, पीएम ने कहा पाकिस्तान को जल्द मिलेगा जवाब।

पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने इस हमले को आत्मघाती हमला बताते हुए इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है। इस आत्मघाती हमले को अंजाम देने वाले और छुपकर पीठपीछे वॉर करने वाले उस बुज़दिल आतंकवादी का नाम आदिल अहमद डार बताया गया है। इस हमले से सभी 130 करोड़ भारतवासी आहात हैं और केंद्र सरकार से इस हमले के असली गुनहगारों और षड्यंत्रकारियों को जल्द से जल्द पकड़ कर मौत की सजा देने की मांग कर रहे हैं। साथ ही पाकिस्तान में छिपकर भारत में आतंकी हमलों को अंजाम देने वाले सभी आतंकी संगठनों को पकिस्तान में घुस कर मारने की मांग कर रहे हैं।

 

ब्रेकिंग न्यूज़ : अभी अभी पुलवामा में हुआ बड़ा आतंकी हमला, 42 जवान हुए शहीद।

 

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए इस आतंकी हमले से शहीद हुए CRPF के 44 जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की जवानों का बलिदान खली नहीं जाएगा। पाकिस्तान ने अब तक की सबसे बड़ी गलती कर दी है और अब पाकिस्तान को इस गलती का बहोत बडा खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा। प्रधान मंत्री मोदी ने कहा की CCS बैठक के बाद देश की सेना को इस शहादत का बदला लेने की पूरी छूट दे दी गई है। सेना यह तय करेगी की वह कब और किस तरह पाकिस्तान को इस हमले का जवाब देगी।

बैंक में निकली वैकेंसी, अगर भविष्य संवारना है तो 18 फरवरी तक करें आवेदन।

आज दिन के ग्यारह बजे प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में सभी विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री मोदी से पाकिस्तान और आतंकवाद को सबक सीखाने की मांग करते हुए इस मामले में राजनीति न करने और सरकार के साथ खड़े होने का भरोसा दिलाया।

हमले के अगले ही दिन 15 फ़रवरी को भारत ने पकिस्तान से सरे सम्बन्ध ख़त्म करते हुए पाकिस्तान के अम्बेसेडर को वापिस उसके देश भेज दिया। इस हमले के बाद सभी राजनितिक दलों ने सारे राजनितिक मुद्दों को किनारा करते हुए देश के सम्मान की इस लड़ाई में सरकार के साथ कड़ी दिखाई पड़ रही है।

थम नहीं रहा मासूमों के साथ दुराचार का अपराध, आखिर कौन है ज़िम्मेदार?

भारत पर हुए इस आतंकी हमले पर अन्य देशों ने भी अपना दुःख व्यक्त किया है। अमेरिका ने पाकिस्तान को धमकी भरे लहज़े में कहा है की वह जल्द से जल्द अपने देश से आतंकियों को संरक्षण देना बंद करे। भारत पर हुए इस आतंकी हमले पर अभी तक चीन की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। चीन पहले भी पकिस्तान का हितैषी रहा है और अभी भी पाकिस्तान का समर्थन करता हुआ दिखाई दे रहा है।

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ठान लिया यह हिंदुस्तान, ख़त्म होगा अब पाकिस्तान। 

जय हिन्द भारतवासियों,

दोस्तों, आज मैं बहोत आहत हूँ, क्योंकि देश का दुश्मन मेरी भारत माँ की आँचल को एक बार फिर लहूलुहान करने में कामयाब हो गया। पाकिस्तान का पालतू और नामर्द आतंकी षड्यंत्र रच कर एक बार फिर भारत माँ के सपूतों का खून बहाने में कामयाब हो गए। अपनी गिरी हुई हरकत से पाकिस्तान ने यह साबित कर दिया है की उनकी जननियों ने मर्द पैदा करना बंद कर दिया है। यही वजह है की पाकिस्तान में केवल हिज़ड़े ही पैदा हो रहे हैं जिन्होंने आमने सामने की लड़ाई करना कभी सीखा ही नहीं क्योंकि ऐसा करने का हुनर उनके खून में ही नहीं है। यह उनकी नामर्दानगी ही है की वे युद्ध करने से भागते हैं और छुपकर हमारे सैनिकों पर हमला करते हैं।

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पुलवामा आतंकी हमले ने एक बार फिर पुरे देश को गम में डुबो दिया है। इस हमले से देश दुखी तो है पर दुःख से कहीं ज्यादा देश की जनता के भीतर आक्रोश झलक रहा है। आज देश का हर शख्स चाहे वह किसी भी मजहब या राजनैतिक पार्टी का पक्षधर हो वह अपने सारे मुद्दे भुलाकर एकजुट होकर एकस्वर में देश की सरकार से आतंकवाद के खात्मे की मांग कर रहा है। देश की जनता के दिल में भय भी है और आक्रोष भी। भय इसलिए है कि जिस देश की सीमा और देशवासियों की सुरक्षा करने वाले सुरक्षा कर्मियों को इस तरह दिनदहाड़े खुलेआम भारी विष्फोटक से उड़ा दिया जाता है, उस देश का आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करे। और आक्रोष इसलिए की हमारे लाख बार दोस्ती का हाथ बढ़ाने के बावजूद जब पाकिस्तान अपनी मक्कारी से बाज़ नहीं आ रहा और गले मिलकर पीठ पर खंज़र मार रहा है तो फिर हमारी सरकार ऐसे देश से और कब तक और क्यों उम्मीदें लगाकर रखी है।

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देश के जिन 44 जवानों ने देश की रक्षा के लिए शहीद होने का सपना देखा रहा होगा उनका इस तरह बिना किसी युद्ध के शहादत एक सैनिक के जीवन का अपमान है। अगर देश के जवानों की शहादत शरहद पर लड़ कर हो तो यह उसके लिए सम्मान की बात होती है पर इस तरह पाकिस्तान ने कायरता दिखते हुए छुपकर हमारे सिपाहियों की हत्या की है जिसे हिंदुस्तान कभी माफ़ नहीं करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा है कि ‘पाकिस्तान ने अपनी सबसे बड़ी गलती कर दी है। हमने देश की सेना को जवाबी कार्यवाही की पूरी छूट दे दी है। हमले की रूप रेखा, जगह और समय देश की सेना तय करेगी।’ इस आतंकी हमले ने पुरे भारत देश को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कर दिया है। सभी विरोधी पार्टियों ने भी केंद्र सरकार का साथ देने की बात करते हुए कहा है की वे जल्द ही पाकिस्तान को इस हमले का जवाब दें।

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दोस्तों, यदि आपका भी खून खौलता है और आप भी चाहते हैं की आतंकवाद को इस बार मुहतोड़ जवाब मिले तो मुझे कमेंट बॉक्स में जय हिन्द ज़रूर लिखें। जय हिन्द।

ब्रेकिंग न्यूज़ : अभी अभी पुलवामा में हुआ बड़ा आतंकी हमला, 42 जवान हुए शहीद।

नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों, गुरुवार 14 फ़रवरी को जम्मू – कश्मीर के पुलवामा में बड़ा आतंकी हमला हुआ है। पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश- ए -मोहम्मद ने इस आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी ली है।   जैश ए  मोहम्मद नाम के आतंकी संगठन ने पुलवामा में सीआरपीएफ के 2500 जवानों से भरी बसों के काफिले पर IED से भरी एक बस से आत्मघाती हमला कर जवानों के एक बस को उड़ा दिया। इस हमले में अब तक 42 जवान शहीद हो चुके हैं और 45 से अधिक जवान गंभीर रूप से घायल हैं।
इस हमले से घायल हुए जवानों को सेना के 92 बेस अस्पताल श्रीनगर के बादामीबाग में भर्ती कराया  कराया गया है। इस हमले के बारे में बताते हुए सीआरपीएफ के अधिकारी ने कहा कि सीआरपीएफ 92, 17 और 54 बटालियन के कुल 44 जवान बस में सवार थे।
राज्यपाल सत्यप्रकाश ने कहा
इस घटना के बारे में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू कश्मीर के राज्यपाल श्री सत्यपाल मालिक ने कहा कि ‘जवानों का इतना बड़ा काफिला लेकर नहीं चलना चाहिए था। पाकिस्तानी आतंकी, जम्मू कश्मीर के स्थानीय युवाओं को भड़का  रहे हैं और उन्हें देश के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं। हमारे सुरक्षा कर्मी बहोत ही मुश्किल परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। हम सभी आतंकियों को ख़त्म करके ही दम लेंगे।’
ख़ुफ़िया एजेंसियों ने 8 फ़रवरी से ही कर दिया था अलर्ट। 
इस घटना के बारे में सबसे चौकाने वाली बात यह आ रही है की ख़ुफ़िया एजेंसियों ने 8 फरवरी को ही अलर्ट कर दिया था कि कश्मीर के सुरक्षाबलों को डेप्लॉयमेंट और उनके आने जाने के रास्ते पर आतंकी IED से हमला कर सकते हैं। 7 दिन पहले मिली इस चेतावनी के बावजूद सुरक्षाकर्मियों पर इतना बड़ा हमला हो जाना भी एक बड़ी चूक माना जा रहा है।
सुरक्षा कर्मियों ( CRPF ) के काफिले पर आत्मघाती हमला करने वाले आतंकी का नाम आदिल अहमद डार बताया जा रहा है।  जैश ए मोहम्मद नाम के आतंकी संगठन ने इस घटना की ज़िम्मेदारी लेते हुए हमलावर आतंकी का वीडियो भी जारी कर दिया है।
दोस्तों, मैं इस हमले से शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए देश के जनता और अपने पाठकों से यह प्रश्न करना चाहता हूँ कि इन आतंकी संगठनों को किस तरह ख़त्म किया जा  सकता है। क्या आप सरकार पर एक और सर्जिकल स्ट्राइक के लिए दबाव बनाएंगे या इन शहीदों की शहादत यूँ ही मिट्टी में मिल जायेगी।  आपका क्या जवाब है मुझे कमेंट करके जरूर बताएं, धन्यवाद्।

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह, शाही डुबकी लगाने पहुंचे कुम्भ.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह (फोटो-BJP)नमस्कार दोस्तों,

भारतीय जनता पार्टी के पार्टी अध्यक्ष अमित शाह आज बुधवार को कुम्भ पहुंचे। प्रयागराज संगम पर चल रहे महाकुम्भ में एक के बाद एक लगातार बड़े राजनेताओं के डुबकी लगाने का सिलसिला जारी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित लगभग सभी कैबिनटे मंत्री के कुम्भ स्नान के बाद आज पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी कुम्भ पहुंचे और संगम पर डुबकी लगाई। अमित शाह की डुबकी के वक़्त योगी आदित्यनाथ सहित सभी बड़े नेता मौजूद थे। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह आज डुबकी लगाने के बाद सभी बड़े साधू संतों, अखाडा प्रमुख एवं पीठाधीशों से मुलाकात कर चर्चा करेंगे। मुलाकात के बाद वे संतों के साथ बैठकर कुम्भ में आयोजित भंडारे पर ही भोजन ग्रहण करेंगे।

ब्रेकिंग न्यूज़ : अभी अभी पुलवामा में हुआ बड़ा आतंकी हमला, 42 जवान हुए शहीद।

आपको बता दें की अध्यक्ष अमित शाह का आज कुम्भ पहुंचना इसलिए भी खास है क्योंकि इस वक़्त राजधानी लखनऊ में कांग्रेस की पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पहले से ही डेरा जमाकर बैठी हैं।  प्रियंका इस वक़्त उत्तर प्रदेश में पार्टी की पकड़ मज़बूत करने में जुटी हैं। अमित शाह के कुम्भ दौरे के साथ ही सभी साधू संतों के द्वारा अयोध्या राम मंदिर पर कानून बनाने की मांग तेज़ हो गई है। ऐसे वक़्त में अमित शाह का कुम्भ दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैंक में निकली वैकेंसी, अगर भविष्य संवारना है तो 18 फरवरी तक करें आवेदन।

आज समय शाह अपने कुम्भ दौरे के दौरान सरस्वती कूप और हनुमान मंदिर के दर्शन कर पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद अमित शाह जूना अखाड़े के पीठाधीश अवधेशानंद के शिविर पहुंचकर साधुसंतों से मुलाकात करेंगे और यहीं पर वे दोपहर का भोजन भी ग्रहण करेंगे। इसके बाद दोपहर के ढाई बजे शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती से भी मुलाकात करेंगे। 3 बजे जूना अखाड़ा और फिर इसी क्रम में निरन्जीनि, निर्मोही और फिर बड़ा उदासीन अखाड़ा भी जाएंगे। शाम के साढ़े चार बजे अध्यक्ष अमित शाह मौज़ गिरी आश्रम में 151 फ़ीट ऊँचे त्रिशूल का उद्घाटन करेंगे।

थम नहीं रहा मासूमों के साथ दुराचार का अपराध, आखिर कौन है ज़िम्मेदार?

 

तस्वीर में आप देख सकते हैं की किस प्रकार अमित शाह किसी सिद्ध संत और किसी अखाड़े के प्रमुख की भांति सबसे आगे बैठे हैं और माथे पर त्रिकुंड लगाकर पूजा कर रहे हैं। उनके आस पास कुछ साधू संत हाथ जोड़कर खड़े हैं।

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मोदी को मिली बड़ी कामयाबी, देश की संपत्ति विदेश में फूंक कर विजय माल्या लौटेगा भारत।

Image result for vijay mallya ka pratyarpanनमस्कार दोस्तों,

 दोस्तों देश का  9000 करोड़ रूपया लेकर फरार होने वाला विजय माल्या के लिए अब लूट के पैसों से  रहीसों वाली जिंदगी जी पाना मुश्किल होने जा रहा है। बैंकों से करोड़ों रुपये का कर्ज लेकर रफूचक्कर होने वाले विजय माल्या के प्रत्यर्पण का रास्ता अब साफ़ हो चूका है। यूके की सरकार ने विजय माल्या के भारत प्रत्यर्पण की मांग स्वीकार कर ली है और माल्या के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। प्रत्यर्पण से पहले विजय माल्या को अपना बचाव पक्ष तैयार करने एवं अपील करने के लिए 14 दिनों की मोहलत दी गई है।
आपको बता दें की भारतीय बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन लेकर धोखाधड़ी करने के आरोप में विजय माल्या के खिलाफ जांच चल रही थी। जांच के बीच में से ही वे मार्च 2016 में लन्दन भाग गए थे। विजय माल्या को भारत वापस लाने के लिए केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों ने काफी मेहनत और इंतज़ार किया। विजय माल्या के मामले में भारत को उस वक़्त बड़ी सफलता मिली जब दिसंबर 2018 में लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने माल्या को भारत वापिस भेजने का फैसला सुनाया। इस फैसले के साथ ही प्रत्यर्पण से सम्बंधित आदेश की फाइल होम सेक्रेटरी को सौंप दी गई थी। अब होम सेक्रेटरी ऑफिस ने भी विजय माल्या के प्रत्यर्पण सम्बंधित फाइल पर दस्तखत कर दिए हैं।
विजय माल्या पर बैंकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। विजय माल्या पर आरोप है की उन्होंने बैंकों के पास लोन सम्बंधित गलत दस्तावेज़ प्रस्तुत कर 9000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। भारत की जांच एजेंसीयां सीबीआई और ईडी इस मामले की जांच कर रही है। आपको बता दें की विजय माल्या एक शराब कारोबारी थे और एयरलाइन्स के बिज़नेस पर भी उन्होंने कदम रखा था। माल्या के देश छोड़ने के बाद से अब तक माल्या की कई नामी और बेनामी संपत्ति जब्त की जा चुकी है जिसकी कुल अनुमानित लागत 13000 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
विजय माल्या ने अपने एक ट्वीट में कहा की हर सुबह जब मई न्यूज़ पढता हूँ तो यह जानकारी मिलती है की लोन वसूली अधिकारी ने मेरी एक और संपत्ति जब्त कर ली है। अब तक जब्त की गई संपत्ति की अनुमानित कीमत 13000 करोड़ है जबकि बैंकों मेरी देनदारी केवल 9000 करोड़ रुपये है जोकि अभी समीक्षा का विषय है।
दोस्तों, मैंने आपको इतनी अच्छी खबर दी है तो प्लीज मुझे फॉलो करना न भूलें. धन्यवाद्।

देखिये चुनावी बजट के बाद कैसे अपनी ही पीठ थपथपा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं बीजेपी.

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नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों, जैसा की हम सब जानते हैं की मोदी सरकार ने 2019 – 20 के लिए अपने शासन काल का अंतरिम बजट पेश कर दिया है। इस बजट के केवल ऊपरी जानकारी से ही आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं की यह बजट पूरी तरह से एक चुनावी घोषणापत्र की तरह पेश किया गया है। यह बजट बीजेपी सरकार की ओर से अगली लोकसभा चुनाव को ध्यान में रख कर बनाई गई है जिसका की वास्तविकता से दूर दूर तक कोई सम्बन्ध नहीं है। अगर मैं इसे बजट न कहकर बीजेपी का चुनावी घोषणापत्र कहूं तो कोई गलत नहीं होगा।
दोस्तों अब लोकसभा चुनाव में बहोत ही कम वक़्त शेष रह गया है और ऐसे में भारतीय जनता पार्टी जीत के लिए हर मुंकिन दांव खेल रही है। मोदी सरकार ऐसी कोई गलती नहीं करना चाहती जिससे की उन्हें लोक सभा चुनाव में किसी तरह का नुकसान उठाना पड़े। इस बजट में हर वर्ग के वोटर को पूरी तरह से ध्यान में रखा गया है और उन्हें लुभाने की कोशिश की गई है।
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2018 के आखिर में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में तीन राज्यों को खोने के बाद बीजेपी को आखिर यह बात समझ में आ ही गई की किसान और मजदूर वर्ग उनसे किस हद तक नाराज़ हैं, यही वजह है की बीजेपी इस प्रकार की किसी भी गलती को दुहराना नहीं चाहती।
बीजेपी की सरकार की और से पेश की गई अंतरिम बजट को एक ऐसे खुसबूदार और स्वादिष्ट लॉलीपॉप की तरह पेश किया गया है जो पहली नज़र में हर किसी को खुश करने की काबलियत रखता है। इस बजट में किसान, मजदूर, श्रमिक, दैनिक वेतनभोगी, प्राइवेट एवं सरकारी कर्मचारी, निम्न  माध्यम वर्ग सभी को ध्यान में रखा गया है और सभी के हित के लिए योजनाएं पेश की गई है।
आइये जानते है सरकार द्वारा पेश की गई अंतरिम बजट में क्या है खास…. …. …
1 . सरकार ने अपने अंतरिम बजट में किसानों के लिए सम्मान राशि के रूप में सालाना 6000 रुपये देने की घोषणा की है। इस योजना के लागू होने के बाद जिन किसानों के पास पांच एकड़ से कम जमींन है उन्हें सालाना 6000 रुपये अर्थात मासिक 500 रुपये मिलेंगे। इस योजना से सरकार ने पांच एकड़ की भूमि धारी किसान की औकात 17 रुपये दैनिक के रूप में घोषित कर दिया है। सरकार ने इस योजना को किसान सम्मान निधि का नाम दिया है, अब यह देश के किसानों पर निर्भर करता है की वे इसे अपना सम्मान समझते हैं या फिर अपमान।
2 . सरकार ने इस बजट में मध्यम वर्ग के कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. इनकम टैक्स राहत के लिए अधिकतम आमदनी की सिमा 2.5 लाख से बढ़ा कर 5 लाख कर दी गई है। हालांकि इस देश की 70  प्रतिशत से अधिक आबादी सालाना 3 लाख रुपये से कम की आमदनी करने वालों की है जिनके लिए टैक्स फ्री इनकम की इस नए दायरे का कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ने वाला।
3 . मज़दूरों के लिए हुआ सालाना बोनस का ऐलान। सनगठित छेत्र में काम करने वाले ऐसे मज़दूर जिनकी मासिक आय 21 हजार रुपये से कम है उन्हें केंद्र सरकार की ओर से सालाना 7000 रुपये बोनस के तौर पर दिए जाने की घोषणा की गई है। वहीँ 60 साल से ज्यादा उम्र के किसानों एवं मज़दूरों को प्रतिमाह 3000 रुपये पेंशन के तौर पर दिए जाने की घोषणा की गई है।
इसके अलावा और भी कई सौगात देश की जनता को मोदी सरकार की और से इस अंतरिम बजट के द्वारा मिलने वाले हैं। पर ऊपर जिन तीन मुख्य योजनाओं का ज़िक्र मैंने किया इसका सीधा असर सरकारी मुद्रा कोष को पड़ने वाला है। अब देखना यह है की सरकार अपने इन वादों को किस प्रकार पूरा करती है। पर हर हाल में नुक्सान जनता का ही होने वाला है क्योंकि जिस सरकारी धन को इन योजनाओं को पूरा करने के लिए सरकार पानी की तरह बहाने जा रही है वह धन भी देश की जनता का अर्थात हमारा है।
इससे बेहतर होता की सरकार किसानों के फसल का समर्थन मूल्य बढाती और बाजार के बिचौलियों को ख़त्म कर किसानों को आर्थिक रूप से मज़बूत करती। मज़दूरों के लिए न्यूनतम सैलरी निश्चित करती और सरकारी नौकरियों के लिए नयी रिक्तियां लाती। पर हमारी सरकार देश की जनता को केवल निकम्मा और आश्रित बनाती जा रही है। वे शायद देश की जनता को एक लाचार और मज़बूर की तरह अपने आगे हाथ फैलाये ही देखना चाहते हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अंतरिम बजट की घोषणा के बाद कहा की हमने ‘सबका साथ सबका विकाश’ के अपने अजेंडे पर काम किया है और सभी वर्ग का विशेष ध्यान रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट के बाद अपने एक बयांन में कहा की हमारे इस बजट को सुनकर विपक्ष का मुँह लटक गया है। उनकी इस बात से ऐसा लगा जैसे की वे अपने हाथ से अपनी ही पीठ थपथपा रहे हों।
दोस्तों आप मेरी बात से कितना सहमत या असहमत हैं मुझे कमेंट करके जरूर बताएं और यदि आपने अभी तक  मुझे फॉलो नहीं किया है तो जाने से पहले मुझे फॉलो ज़रूर कर दें , धन्यवाद्।

2019 लोकसभा चुनाव : जानिये किसकी बनेगी सरकार।

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नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों, 2019 में देश के राजनीतिज्ञों की बोर्ड परीक्षा है। बस कुछ ही महीने शेष रह गए हैं लोकसभा चुनाव के लिए। 2014 में मिले पूर्ण बहुमत की जीत से भारतीय जनता पार्टी का आत्मविश्वास भले ही सातवें आसमान पर प्रतीत हो रही है पर देश की जनता का मूड़ बदलते देर नहीं लगती। अपने अति आत्मविश्वास के चलते तीन राज्यों में अपनी सत्ता गवां चुकी भारतीय जनता पार्टी अब अपना हर कदम काफी सोच समझकर उठा रही है। भारतीय जनता पार्टी ने आने वाले लोकसभा चुनाव की तयारी के लिए अपनी कमर कस ली है।

सिम्बा मूवी रिव्यू : जानिये फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने वाले दर्शकों की राय।

भारतीय जनता पार्टी ने ‘नेशन विद नमो’ और ‘पहला वोट मोदी के नाम’ इन दो अभियानो के जरिये युवाओं एवं पहली बार अपने वोट डालने वाले किशोरों पर निशाना साधने की पूरी तैयारी कर ली है। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा की भाजपा मंत्र सबका साथ सबका विकास है और हम इसी अजेंडे के साथ आगे बढ़ते हुए देश के युवाओं, गरीबों, महिलाओं, दलितों और सैनिकों सभी के विकास को अपनी प्राथमिकता बनाते हुए देश की जनता से देश के विकास के लिए एकबार फिर से मोदी जी और भारतीय जनता पार्टी को को पूर्ण बहुमत देने की अपील करेंगे।

2019 विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनितिक दलों में मची सियासी हलचल के बीच महागठबंधन पर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा का विवादित बयान भी सामने आया है। संबित पात्रा जी का कहना है की विपक्ष महागठबंधन से देश को तोड़ने की साजिश कर रही है। संबित पात्रा अपने इस विवाद में एक कदम और आगे बढ़ते हुए यह तक कह रहे हैं की इस महागठबंधन में विपक्ष के साथ पकिस्तान भी लिप्त है। वहीँ संबित पात्रा के इस बयान को विपक्ष ने बीजेपी को तीन राज्यों में मिली हार का साइड इफ़ेक्ट बताया है।

क्रिकेट न्यूज़ : जानिए भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हो रहे टेस्ट मैच के चौथे दिन का हाल।

आइये जानते हैं किन मुद्दों पर टिकी होगी 2019 लोकसभा चुनाव की जीत। 

1 . अयोध्या राम मंदिर 

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भारतीय जनता पार्टी अपने शासन के लगभग पुरे कार्यकाल में सबसे अधिक जोर अगर किसी मुद्दे पर दिया है तो वह है हिंदुत्व और अयोध्या राम मंदिर। भाजपा का मंदिर हम ही बनाएंगे के नारे से पूरा हिन्दू समाज भाजपा की और झुक सा गया था अब बीजेपी का यही नारा उसके लिए 2019 लोकसभा चुनाव का सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। अभी तक अयोध्या राम मंदिर पर कुछ भी एकपक्षीय फैसला नहीं आ पाया है और फैसला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। अब देखना यह है की बीजेपी वोट की राजनीति के लिए कोर्ट के खिलाफ जाकर राम मंदिर के लिए अध्यादेश लाती है या कोर्ट के फैसले पर चलकर जनता की नज़रों में झूठा साबित होती है।

2018 को कीजिये अलविदा और स्वागत कीजिये 2019 का। जानिये साल की पांच बड़ी घटनाएं।

2. दलित और मुस्लिम वोट बैंक 

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मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता में आने के बाद से अपने फैसलों और बयानों से लगातार दलित और मुश्लिम समाज को आहत किया है। ऐसे में देखना यह होगा की बीजेपी इन दलित और मुश्लिम अल्पसंख्यकों की नाराज़गी कैसे दूर करते हैं और किस प्रकार एक बड़ा वोट बैंक अपने हाथों से छीनने से बचा पाते हैं।

बॉलीवुड की ये पांच फ़िल्में रखती हैं मुर्दादिल इंसान को भी ज़िंदा करने की ताकत।

3. रोजगार 

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साल 2014 में मोदी सरकार यदि सत्ता में आ पाई तो इसका पूरा श्रेय देश की युवा पीढ़ी को जाता है जो की मोदी जी के द्वारा दिखाए गए डिजिटल इंडिया के सपनों में अपना भविष्य देखकर उनके झांसे में आ गए और उन्हें वोट दे बैठे। पर सत्ता में आने के बाद मोदी जी ने सबसे बड़ा मजाक और विश्वासघात इस देश की बेरोजगार युवा पीढ़ी के साथ किया है। रोजगार के नाम पर पकोड़े बेचने की सलाह देने वाले मोदी जी को देश की युवा माफ़ या नहीं यह भी 2019 के लोकसभा चुनाव से ही पता चलेगा। यह आश्चर्य की बात है की सत्ता के कार्यकाल की समाप्ति का वक्त निकट आने के बाद भी मोदी जी ने देश के युवाओं के हित में अब तक कोई भी योजना नहीं बनाई और न ही रोजगार की व्यवस्था की।

सलमान खान की वांटेड गर्ल आइशा टाकिया का प्रियंका निक जोनस की रिसेप्शन में दिखा जल्वा।

4 . राफेल डील

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देश की सेना का शक्ति वर्धन करने के लिए केंद्र द्वारा किये गए राफेल विमान सौदे में गड़बड़ी की बात कहते हुए सभी विपक्षी दलों सहित कांग्रेस ने मोदी सरकार पर एक बड़े भ्रस्टाचार में लिप्त होने और देश की जनता के पैसों एवं सैनिकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का बड़ा आरोप लगाया है। हलाकि सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी को इस मामले में क्लीन चिट दे दी है पर खुद बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कुछ बिंदुओं पर संसोधन की मांग करके शक की सुई एकबार फिर अपनी और घुमा ली है। अब देखते हैं की कांग्रेस इस मुद्दे को और कितना भुना पाती है।

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म “zero” को दर्शकों ने दिया जीरो “0” मार्क्स।

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आपके मोबाइल और लैपटॉप का रिमोट अब मोदी के हाथों में। निजी ज़िन्दगी भूल जाओ।

नमस्कार दोस्तों,

दोस्तों जबसे मोदी जी देश के  प्रधानमंत्री बने हैं तभी से वो एक के बाद एक ऐसे फैसले कर रहे हैं जो देश की जनता के दिलों को भय से भर दिया है। जबसे उन्होंने 8 नवंबर 2016 की शाम 8 बजे मीडिया में आकर नोटेबंदी का फैसला सुनाया था तभी से देश की मासूम जनता उनसे काफी डरी हुई है। देश अभी भुला नहीं है की कैसे  गरीबों की मेहनत की कमाई जिसे वह अपने बुरे वक़्त के लिए अपने परिवार से छुपा कर कहीं रखा था मोदी जी ने उसे एक झटके में अवैध घोषित कर दिया और उसे परिवार के सामने उजागर कर परिवार में उसकी विश्वस्ता  पर सवाल खड़ा कर दिया था।

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म “zero” को दर्शकों ने दिया जीरो “0” मार्क्स।

आठ नवंबर की रात से देश की जनता का वह वर्ग जिसके पास टीवी या रेडियो पर न्यूज़ सुनने की फुर्सत नहीं रहती थी वह भी अपने काम से समय चुरा कर न्यूज़ देखने लगा की पता नहीं अब मोदी जी किस नए फैसले से उनके पेट पर लात मारेंगे। भले ही अपने जीवन में उन्होंने मनोरंजन के लिए  कभी समय न निकाला हो पर मोदी जी के नोट बंदी के फैसले ने उन्हें न्यूज़ देखना जरूर सीखा दिया।

दोस्तों मोदी जी हमेसा से ही अपने दौरों और फैसलों से सुर्ख़ियों में बने रहते हैं। उन्होंने के बार फिर एक नए फैसले से जनता का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करने में कामयाबी हासिल की है। इस बार भी उन्होंने अपने फैसले से आम जनता सबसे बड़ी निजी संपत्ति पर प्रहार करते हुए उसे सार्वजनिक संपत्ति बना दिया है। आइये जानते हैं की मोदी जी ने इस बार ऐसा क्या किया है की  पूरा देश दहशत में है।

दोस्तों, इंसान की प्राइवेसी अर्थात निजी जिंदगी उसकी सबसे बड़ी संपत्ति है और देश के संविधान द्वारा आम इंसान को मिला सबसे बड़ा मौलिक अधिकार भी। पर इस बार मोदी जी ने आपके इसी मौलिक अधिकार पर प्रहार करते हुए आपकी प्राइवेसी पर झांकने का अधिकार 10 सरकारी संस्थाओं को सौप दिया है।

महिला ने गूगल पर किया एक सर्च और खाते से उड़ गए एक लाख रुपये।

अब आपका मोबाइल और कंप्यूटर पर आपसे ज्यादा इन दस सरकारी संस्थाओं और मोदी जी की नज़र रहने वाली है। आप कब क्या कर रहे हैं, किससे  बात कर रहे हैं लैपटॉप और मोबाइल पर आपके द्वारा की गई हर मूवमेंट की खबर मोदी जी और उनके ये दस सरकारी विभागों को हमेसा रहने वाली है। ये सरकारी विभाग जब चाहें आपकी निजी डाटा देख सकते हैं और उसे हैक कर अपने सिस्टम में भी ले सकते हैं। ताज्जुब की बात यह है की उन्हें ऐसा करने का सरकारी अधिकार मिल चूका है। यदि आप अपनी निजता पर दखलंदाजी का विरोध करते हुए डाटा एक्सेस की अनुमति देने से मना करते हैं तो आपको 7 साल की कैद हो सकती है।

 

आईपीएल में धूम मचाने आ रहा है यह रिकॉर्डधारी युवा खिलाड़ी.

 

अब आप चाहकर भी अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा नहीं कर सकते क्योंकि मौलिक अधिकारों का हनन करने वाला कोई और नहीं बल्कि खुद हमारी सरकार है जिसे हमें चुनकर सत्ता में बिठाया है। अगर मैं यह कहूं की जो हमसे चौकीदार बनाने की गुहार लगाकर सत्ता में आया था वही अब हमारा सर्वस्व स्वामी बन चूका है तो यह गलत नहीं होगा। तो दोस्तों देखते हैं की अपने इस कदम के बाद मोदी जी और किस प्रकार हमारी साँसों की चौकीदारी करते हैं और कौनसा अगला कदम उठाते हैं।

 

राफेल डील पर मोदी ने सुप्रीम कोर्ट से बोला झूठ, पकड़े जाने पर कहा सुप्रीम कोर्ट की समझ में गलती।

जरा इस बात का अंदाज़ा लगते हुए सोचिये की इस बात की क्या ग्यारंटी है की डाटा एक्सेस करने के  लिए अधिकृत की गई इन दस संस्थानों में को एक भी सदस्य बेईमान नहीं होगा और आपकी निजी डाटा का दुरूपयोग कर या उसमे छेड़छाड़ कर आपको ब्लैकमेल नहीं करेगा या आपको फसायेगा नहीं। मेरे सभी पाठकों से मेरा यह निवेदन है की मेरी इस बात पर गहराई से सोंचे और कमेंट करके मुझे अपना जवाब जरूर बताएं।

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कमरे में साथी एंकर, खाली शराब की बोतलें और न्यूज़ एंकर की संदिग्ध मौत। जानिये पूरी खबर।

छत्तीसगढ़ : कौन बनेगा मुख्यमंत्री।

Image result for chattisgarh ke naye mukhyamantri ke liye congress pratyashiनमस्कार दोस्तों,

दोस्तों जैसा की हम सभी जानते हैं की साल के अंत में हुए पांच राज्यों  के विधान सभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं और इस परिणाम ने भाजपा के कमल को पूरी तरह  से मुरझा दिया है। पांच राज्यों में से तीन में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। कांग्रेस ने भाजपा को छत्तीसगढ़ और राजस्थान में धूल चटा दिया जबकि मध्यप्रदेश में मुकाबला कांटे का रहा। फिर भी इन तीनों राज्यों में कांग्रेस ने अपना बहुमत साबित कर किया है और अब यहां कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है।

राहुल की राफेल का टूट गया कनेक्शन, हो रही क्रैश लैंडिंग।

 

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यह पहली बार हुआ है की जिस पार्टी ने बहुमत हासिल की उसने अभी तक अपना मुख्यमंत्री का चेहरा ही तय नहीं किया है। सायद इस  जीत की उम्मीद कांग्रेस को भी नहीं थी यही वजह है की छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत मिलने के बावजूद कांग्रेस अभी तक यह तय नहीं कर पाई है की छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद के लिए किसे चुना जाए। विधानसभा चुनाव के परिणामों की घोषणा हुए आज चार दिन बीत चुके हैं पर अभी भी मुख्यमंत्री के नाम को लेकर कांग्रेस असमंजस की स्थिति में है।

सरकार ने की कपल्स से अपील, देर मत करो बच्चे पैदा करो।

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पार्टी प्रवक्ताओं और मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदारों ने इस फैसले को कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो राहुल गांधी पर छोड़ दिया है। छत्तीसगढ़ में शनिवार याने की आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। ऐसा कहा जा रहा है की यह बैठक मुख्यमंत्री का चेहरा तय करने के लिए बुलाई गई है और आज शाम पांच बजे रखी गई इस बैठक के बाद ही उस नाम को भी सार्वजनिक कर दिया जाएगा की वह कौन शख्स है जो अगले पांच साल तक छत्तीसगढ़  की दशा और दिशा तय करेगा। आइये जानते हैं की कौन कौन है कांग्रेस की और से मुख्यमंत्री पद के लिए प्रबल दावेदार… … …

जानिए बॉलीवुड की पांच सबसे खूबसूरत पर नाकाम एक्ट्रेसेस के बारे में। नं 1 है सबसे खूबसूरत

1 . भूपेश बघेल 

भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ कांग्रेस के सबसे चर्चित  चेहरे हैं और मुख्यमंत्री पद के सबसे दमदार दावेदार भी। पिछले 15 सालों से छत्तीसगढ़ में सूखे की मार झेल रही कांग्रेस पार्टी को छत्तीसगढ़ में मिली इस पूर्ण बहुमत के साथ अविस्वसनीय जीत का सारा श्रेय भूपेश बघेल को ही जाता है। वर्तमान में भूपेश बघेल पाटन सीट से विधायक है। हलाकि एक चर्चित सीडी काण्ड ने उनकी छबि को काफी धूमिल किया है पर अभी भी वे सीएम की रेस में सबसे  आगे हैं।

2. ताम्रध्वज साहू

ताम्रध्वज साहू जी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के चर्चित पुराने चेहरों में से एक है। दुर्ग जिले से विधायक ताम्रध्वज साहू भी छत्तीसगढ़ में सीएम पद के लिए अपनी दावेदारी जता रहे हैं।

3. चरणदास महंत 

चरणदास महंत सत्ती विधानसभा सीट से विधायक हैं और छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी रखते हैं।

4. त्रिभुनेश्वर शरण सिंहदेव 

मौजूदा विधानसभा चुनाव में विपक्ष के नेता है त्रिभुवनेश्वर शरण सिंहदेव। इन्हे टी एस बाबा के नाम से भी जाना जाता है। सरगुजा के राजपरिवार से सम्बन्ध रखते हैं।

ईशा अम्बानी की शादी की इन यादगार लम्हों के बारे में आपको जरूर जानना चाहिए।

 

आज शाम 5 बजे होने वाली कांग्रेस की बैठक पर सभी की नज़र टिकी हुई है। अब देखना यह है की इस मीटिंग में किसके नाम पर मुहर लगती है और कौन बनते है छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री।

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